क्या भाजपा ने डीएमके शासन को तमिलनाडु का ‘अंधकारमय दौर’ बताया?

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क्या भाजपा ने डीएमके शासन को तमिलनाडु का ‘अंधकारमय दौर’ बताया?

सारांश

तमिलनाडु में भाजपा ने डीएमके सरकार पर भ्रष्टाचार और कुशासन के गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रवक्ता एएनएस प्रसाद का कहना है कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का बयान राजनीतिक असुरक्षा को दर्शाता है। क्या जनता वास्तव में इस शासन से आगे बढ़ने को तैयार है?

मुख्य बातें

भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप केंद्र सरकार के खिलाफ राजनीतिक टकराव डीएमके की शासन की विफलता तमिलनाडु की जनता का फैसला भ्रष्टाचार और कुशासन पर भाजपा की प्रतिक्रिया

चेन्नई, 15 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सत्तारूढ़ डीएमके पर तीखा प्रहार किया है, जिसमें मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार पर व्यापक भ्रष्टाचार, प्रशासनिक विफलता, और शासन की नैतिकता खोने का आरोप लगाया गया है।

तमिलनाडु भाजपा के प्रवक्ता एएनएस प्रसाद ने एक बयान में कहा कि तिरुवन्नामलई में पार्टी की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री स्टालिन का यह कहना कि तमिलनाडु का भविष्य डीएमके के साथ है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चुनौती देना, दरअसल डीएमके के भीतर बढ़ती राजनीतिक असुरक्षा और घबराहट को दर्शाता है।

भाजपा का कहना है कि इस तरह के बयान जनता का ध्यान राज्य में बढ़ते असंतोष और शासन से जुड़े मुद्दों से भटकाने का प्रयास हैं।

प्रसाद ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए कई प्रमुख वादों को डीएमके सरकार पूरा करने में असफल रही है और अब चुनावी लाभ के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ टकराव की राजनीति कर रही है।

उन्होंने कहा, “तमिलनाडु की जनता अब यह समझने लगी है कि राज्य का भविष्य डीएमके से आगे है। खोखला साहस और राजनीतिक नाटक शासन की विफलताओं को नहीं छुपा सकते।”

भाजपा प्रवक्ता ने राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए, जिनमें विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार, युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति, टीएएसएमएसी (राज्य संचालित शराब निगम) में कथित अनियमितताएं, रियल एस्टेट और खनिज संसाधनों के दोहन, पल्लीकरणई दलदली क्षेत्र और चेन्नई बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं से जुड़े कथित घोटाले शामिल हैं।

उन्होंने आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के लिए भी राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि इससे आम नागरिक बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए प्रसाद ने आरोप लगाया कि डीएमके शासन में हिंसा की घटनाएं, हिरासत में मौतें, महिलाओं के खिलाफ अपराध और राजनीतिक व सामाजिक कार्यकर्ताओं पर हमले बढ़े हैं। उनका कहना था कि इससे जनता का भरोसा कमजोर हुआ है और सरकार की संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े होते हैं।

अन्य राज्यों में भाजपा की हालिया चुनावी सफलताओं का उल्लेख करते हुए प्रसाद ने दावा किया कि पार्टी 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में मजबूत प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त है। उन्होंने कहा, “भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन लगातार अपने आधार का विस्तार कर रहा है। तमिलनाडु की जनता भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ निर्णायक फैसला देगी।”

वहीं, डीएमके पहले भी ऐसे आरोपों को खारिज करती रही है और उसका कहना है कि उसकी शासन व्यवस्था और कल्याणकारी योजनाएं खुद उसकी उपलब्धियों का प्रमाण हैं। हालांकि, 2026 विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर तमिलनाडु की राजनीति में आम है। भाजपा और डीएमके के बीच यह टकराव राज्य के लोगों की आकांक्षाओं को प्रभावित कर सकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा ने डीएमके पर क्या आरोप लगाए हैं?
भाजपा ने डीएमके पर भ्रष्टाचार, प्रशासनिक विफलता, और शासन की नैतिकता खोने का आरोप लगाया है।
क्या डीएमके ने इन आरोपों का जवाब दिया है?
डीएमके ने पहले भी इन आरोपों को खारिज किया है और अपनी कल्याणकारी योजनाओं को अपनी उपलब्धियों का प्रमाण बताया है।
भाजपा का भविष्य में क्या योजना है?
भाजपा 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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