BJP राहुल गांधी से डरती है, पूरी मशीनरी लगाई: अधीर रंजन चौधरी का बड़ा हमला
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने 17 अक्टूबर 2026 को मुर्शिदाबाद में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भयभीत है और इसीलिए केंद्र सरकार की पूरी मशीनरी उन्हें घेरने तथा उनकी छवि को कमज़ोर करने में झोंकी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अस्थिर नीतियों के आगे भारत को अपने राष्ट्रीय हित से कभी समझौता नहीं करना चाहिए।
राहुल गांधी को लेकर चौधरी का तीखा बयान
चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं और देशभर में 'डरो मत' का संदेश दे रहे हैं। उनके अनुसार, BJP जितनी बड़ी सरकारी ताकत राहुल गांधी के विरुद्ध इस्तेमाल कर रही है, वह इस बात का प्रमाण है कि पार्टी उनसे घबराई हुई है। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी को डराने की कोशिश न करना ही बेहतर होगा — चाहे सरकार हो या कोई भी मंत्री, यह संभव नहीं है।'
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब राहुल गांधी विभिन्न मुद्दों पर केंद्र सरकार से सीधे टकराव की मुद्रा में हैं। चौधरी ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी कोई असत्य या अन्यायपूर्ण बात नहीं कहते और जब सरकार आम जनता पर अन्याय करती है तो उसका विरोध करना उनका कर्तव्य है।
सरकार को चेतावनी: श्रीलंका-बांग्लादेश जैसे हालात की आशंका
चौधरी ने आगाह किया कि देश में श्रीलंका और बांग्लादेश जैसी स्थिति उत्पन्न होगी या नहीं, इसे देखना सरकार की ज़िम्मेदारी है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और देशवासियों को राहुल गांधी के समर्थन में एकजुट रहने का आह्वान किया, कहा कि 'सारा देश आपके पक्ष में है।'
ट्रंप नीति पर कड़ा रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए चौधरी ने कहा कि ट्रंप सुबह एक बात कहते हैं और शाम को दूसरी — उनकी बातों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से लगातार यही अपील की जा रही है कि ट्रंप की 'चालाकी' के सामने भारत को अपने हित की बलि नहीं देनी चाहिए।
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका की टैरिफ नीतियों को लेकर भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में तनाव बना हुआ है। चौधरी ने कहा कि टैरिफ लगाकर डर दिखाया जाता है और बार-बार उस डर के सामने झुकना देश के दीर्घकालिक हितों के विरुद्ध है।
तेल आयात नीति पर कांग्रेस का पक्ष
तेल आयात के मुद्दे पर चौधरी ने कहा कि भारत को उसी देश से तेल खरीदने की आज़ादी होनी चाहिए जहाँ से सस्ता और सुविधाजनक मिले। उन्होंने कहा, 'रूस के साथ हमारी कोई दुश्मनी नहीं है, अरब देशों के साथ भी नहीं — तो हम वहाँ से तेल क्यों नहीं खरीदेंगे?'
उन्होंने तर्क दिया कि भारत एक खरीदार है और खरीदार को यह अधिकार है कि वह अपने हित के अनुसार आपूर्तिकर्ता चुने। उनके अनुसार मौजूदा सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति के मिज़ाज के अनुसार नीतियाँ बदलती है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए नुकसानदेह है।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
यह बयान ऐसे समय महत्त्वपूर्ण है जब विपक्ष केंद्र सरकार पर राजनीतिक विरोधियों को दबाने का आरोप लगा रहा है। चौधरी का यह भाषण मुर्शिदाबाद में दिया गया, जो पश्चिम बंगाल का एक राजनीतिक रूप से संवेदनशील जिला है। आगे देखना होगा कि BJP इन आरोपों का किस रूप में जवाब देती है और क्या यह विवाद संसद तक पहुँचता है।