झारखंड छात्र आंदोलन पर BJP का राहुल गांधी को घेराव: 'अराजकता की राजनीति बंद करें'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने 13 अगस्त को रांची में जारी छात्र आंदोलन के संदर्भ में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि विपक्ष छात्रों की वास्तविक समस्याओं को सुलझाने के बजाय राजनीतिक अस्थिरता फैलाने में लगा है। नई दिल्ली और लखनऊ से आई प्रतिक्रियाओं में BJP नेताओं ने एकस्वर में कहा कि झारखंड सरकार छात्रों की माँगें मानने से इनकार कर रही है, जबकि केंद्र सरकार ने इससे पहले जंतर-मंतर पर इसी तरह के विरोध को संवाद के ज़रिये सुलझाया था।
BJP सांसद विवेक ठाकुर का आरोप
BJP सांसद विवेक ठाकुर ने कहा, 'विपक्ष पूरी तरह से एक्सपोज हो चुका है। राहुल गांधी किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने या समस्या का समाधान खोजने में विश्वास नहीं रखते। वे सिर्फ अराजकता की राजनीति करते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी रात में संदेश भेजकर सरकार से समर्थन वापस लेने की अपील करते हैं, जो उनकी गंभीरता पर सवाल खड़ा करता है। ठाकुर ने संसद में प्रियंका गांधी वाड्रा के कथित बयान का भी उल्लेख किया और कहा कि विपक्ष के मन में छात्रों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है।
राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा का तंज
राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने विपक्षी नेताओं — अखिलेश यादव, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अरविंद केजरीवाल — पर निशाना साधते हुए कहा कि जब जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक का मामला उठा था, तब केंद्र सरकार ने परीक्षा रद्द कर एक महीने के भीतर पारदर्शी पुनर्परीक्षा करा दी थी। उन्होंने सवाल किया कि उसी विपक्ष की 'आत्मा' झारखंड के छात्रों के लिए क्यों नहीं 'कचोटती'। शर्मा ने झारखंड में भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया।
संसद में बाधा पर मंत्री दानिश आजाद अंसारी की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत संसद की कार्यवाही को बाधित किया, ताकि देश के विकास पर कोई सार्थक चर्चा न हो सके। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चर्चा के लिए सहमत हो गए थे, लेकिन जैसे ही चर्चा का अवसर आया, राहुल गांधी सदन से चले गए। अंसारी ने कहा, 'सरकार हमेशा सदन में सार्थक बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष सिर्फ जनता को भ्रमित करना चाहता है।'
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का बयान
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्वीकार किया कि झारखंड में छात्रों का विरोध 'जायज' है और भर्ती प्रक्रिया में 'बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार' है। उन्होंने जंतर-मंतर आंदोलन के समाधान को एक 'मिसाल' बताया और कहा कि झारखंड सरकार मामले को सुलझाने से इनकार कर रही है। मौर्य ने यह भी आरोप लगाया कि झारखंड सरकार कथित तौर पर राहुल गांधी के निर्देशों पर चल रही है।
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह का 'युवा' वाला तंज
उत्तर प्रदेश के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी की 'युवा' छवि पर कटाक्ष करते हुए कहा कि टी-शर्ट पहनने से कोई युवा नहीं बन जाता और 60 वर्ष की आयु के करीब पहुँचे व्यक्ति का खुद को युवा कहना 'सिर्फ कल्पना की बात' है। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के भविष्य को सुरक्षित मानते हैं और सरकार हर हाल में युवाओं के सपनों को पूरा करेगी। आगे जो भी अन्याय होगा, उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी — यह भी उन्होंने स्पष्ट किया। झारखंड छात्र आंदोलन का राजनीतिक असर आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अडिग हैं।