राहुल गांधी पर NDA का हमला: गिरिराज सिंह बोले — 'अहंकार में मर्यादा मत भूलिए'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह सहित कई NDA नेताओं ने 22 अगस्त को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। गिरिराज सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट और वीडियो के जरिए राहुल गांधी को सीधे निशाने पर लिया, तो शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अन्य नेताओं ने भी एक सुर में विपक्ष के नेता की आलोचना की।
गिरिराज सिंह का सीधा वार
गिरिराज सिंह ने एक्स पर लिखा, 'राहुल गांधी, अहंकार में आकर मर्यादा मत भूलिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार न डरी है, न झुकी है। सरकार अपनी नीतियों और कर्तव्य पथ पर अडिग होकर जनसेवा का कार्य कर रही है।' उन्होंने यह भी जोड़ा, 'जिनकी माता जी ने शादी के 15 साल बाद तक भारत की नागरिकता नहीं ली और जो खुद दोहरी नागरिकता के घेरे में हैं, वो हमें राष्ट्रधर्म और संविधान न सिखाएं। पूरा देश आपकी असलियत देख रहा है।'
सोशल मीडिया पर साझा किए वीडियो में गिरिराज सिंह ने कहा, 'राहुल गांधी से अहंकारी मैंने नहीं देखा। शायद वे गीता नहीं पढ़े हैं। सरकार नहीं डरी है। लेकिन राहुल गांधी को अहंकार में ज़्यादा नहीं बोलना चाहिए, दुनिया देख रही है कि वे क्या हैं।'
जंतर-मंतर FIR को बताया 'ड्रामा'
BJP नेता टी.आर. श्रीनिवास ने राहुल गांधी द्वारा जंतर-मंतर पर कथित घटना को लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई FIR को 'राजनीतिक नौटंकी' करार दिया। उन्होंने कहा, 'जो कल हुआ, वह 'पॉलिटिक्स किश्तों पे' है। वे फुल-टाइम पॉलिटिशियन नहीं हैं — अपनी मर्जी से आते हैं, थोड़ा ड्रामा करते हैं और चले जाते हैं। उनका पूरा दावा बेबुनियाद है।'
शिवसेना और BJP के अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
शिवसेना नेता शायना एनसी ने राहुल गांधी पर 'प्रोपेगैंडा की राजनीति' का आरोप लगाते हुए कहा, 'इसीलिए हम कहते हैं कि उन्हें विपक्ष के नेता का पद छोड़कर प्रोपेगैंडा के नेता का पद संभाल लेना चाहिए। वे जहाँ भी जाते हैं, वहाँ सिर्फ़ दिखावा, फ़ोटो खिंचवाने का मौका और मेलोड्रामा होता है। उनके पास कोई विजन, कोई प्लान और कोई एजेंडा नहीं है।'
BJP के राष्ट्रीय सचिव के. सुरेंद्रन ने BJP अध्यक्ष जे.पी. नड्डा की टिप्पणी का समर्थन करते हुए कहा, 'नड्डा जी ने जो कहा है, वह बिल्कुल साफ है — वह (राहुल गांधी) अब विपक्ष के नेता नहीं, बल्कि अर्बन नक्सलियों के नेता हैं।'
राजनीतिक संदर्भ
यह वाकयुद्ध ऐसे समय में सामने आया है जब राहुल गांधी और NDA के बीच संसद के भीतर और बाहर टकराव तेज़ हो रहा है। गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर कथित घटना को लेकर दायर FIR अभी जाँच के दायरे में है और पुलिस ने अभी तक आधिकारिक बयान नहीं दिया है। विपक्ष के नेता के रूप में राहुल गांधी की भूमिका को लेकर सत्तापक्ष की ओर से यह हमला नया नहीं है — पिछले कई महीनों से इस तरह के बयान लगातार आ रहे हैं।
आगे क्या
जंतर-मंतर FIR मामले में पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस की जाँच जारी है। कांग्रेस की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में यह बयानबाज़ी और तेज़ होने की संभावना है।