क्या मणिपुर में सरकार गठन के लिए भाजपा ने सभी विधायकों को दिल्ली बुलाया?

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क्या मणिपुर में सरकार गठन के लिए भाजपा ने सभी विधायकों को दिल्ली बुलाया?

सारांश

मणिपुर में भाजपा के नेताओं के बीच सरकार गठन की चर्चा तेज हो गई है। बैठक में सभी विधायकों को बुलाया गया है, जिससे नई सरकार की संभावनाएं बढ़ रही हैं। क्या भाजपा इस बार मणिपुर में एक स्थिर सरकार बनाने में सफल होगी?

मुख्य बातें

भाजपा ने सभी विधायकों को दिल्ली में बैठक के लिए बुलाया है।
बैठक का मुख्य विषय राज्य में सरकार गठन पर चर्चा करना है।
पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने बैठक की पुष्टि की है।
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू है।
विस्थापित लोगों की समस्याओं का समाधान एक स्थिर सरकार ही कर सकती है।

इंफाल, 12 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेतृत्व ने मणिपुर के सभी विधायकों को रविवार को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक के लिए आमंत्रित किया है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में सरकार गठन पर चर्चा करना माना जा रहा है।

मणिपुर में नई सरकार के गठन की संभावनाएं बढ़ गई हैं और भाजपा के विधायकों और नेताओं की ओर से इस दिशा में दबाव बढ़ता जा रहा है। इस संदर्भ में, रविवार की बैठक को राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण समझा जा रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस बैठक की पुष्टि करते हुए कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य के हर भाजपा विधायक को इसमें शामिल होने का निर्देश दिया है। उन्होंने 86वें नुपी लाल दिवस के अवसर पर कहा कि बैठक का औपचारिक एजेंडा साझा नहीं किया गया है, लेकिन चर्चाएं सरकार गठन पर केंद्रित रहने की संभावना है।

उन्होंने कहा, “भाजपा विधायकों को मणिपुर की स्थिति की समीक्षा के लिए दिल्ली बुलाया गया है। हमें बैठक के सटीक एजेंडा की जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन यह सरकार गठन से संबंधित हो सकता है।”

गौरतलब है कि मणिपुर में 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है, जो पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के इस्तीफे के चार दिन बाद लगाया गया था। 60 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है, जिसे राष्ट्रपति शासन के बाद निलंबित रखा गया है।

पिछले महीने, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष और पूर्वोत्तर के प्रभारी संबित पात्रा ने मणिपुर का तीन दिवसीय दौरा किया था और पार्टी नेताओं व विधायकों के साथ कई बैठकें की थीं। इसके बाद से ही नई सरकार बनने की अटकलें और बढ़ गई हैं।

इससे पहले अक्टूबर में, 26 भाजपा विधायकों, जिनमें बीरेन सिंह भी शामिल थे, ने नई दिल्ली में बी.एल. संतोष और संबित पात्रा से मिलकर मणिपुर में “लोकप्रिय सरकार” स्थापित करने की मांग की थी। उन्होंने एकजुट होकर शासन में वापसी के लिए अपनी तत्परता भी जताई थी।

पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह का कहना है कि सभी भाजपा विधायक राज्य में लोकप्रिय सरकार गठन के प्रयासों में एकजुट हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, हालांकि उन्होंने विधायकों की व्यक्तिगत टिप्पणियों पर कुछ भी कहने से परहेज किया।

हिंसा-पीड़ित राहत शिविरों में रह रहे आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों की स्थिति पर चिंता जताते हुए बीरेन सिंह ने कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान केवल एक स्थिर सरकार ही कर सकती है।

उन्होंने कहा, “जनता की भी मांग है और हमारी भी कि विस्थापित लोगों व अन्य मुद्दों का समाधान जल्द हो। यह तभी संभव है जब राज्य में लोकप्रिय सरकार का गठन हो।” उन्होंने स्पष्ट किया कि नई सरकार बनने के बाद विस्थापित परिवारों और राज्य के अन्य मुद्दों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

मणिपुर में भाजपा की बैठक एक महत्वपूर्ण संकेत है कि पार्टी राज्य में स्थिरता चाहती है। इस बैठक का उद्देश्य सिर्फ सरकार गठन नहीं, बल्कि लोगों की चिंताओं का समाधान करना भी है। जनता की उम्मीद है कि एक नई सरकार उनके मुद्दों का समाधान कर सकेगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा की बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
भाजपा की बैठक का मुख्य उद्देश्य मणिपुर में सरकार गठन पर चर्चा करना है।
क्या बैठक में सभी विधायकों को बुलाया गया है?
हाँ, भाजपा ने मणिपुर के सभी विधायकों को बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया है।
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन कब से लागू है?
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन 13 फरवरी से लागू है।
पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह का क्या कहना है?
बीरेन सिंह का कहना है कि भाजपा विधायक एकजुट हैं और सरकार गठन के प्रयासों को आगे बढ़ा रहे हैं।
मणिपुर में विस्थापित लोगों की स्थिति पर क्या चर्चा हुई है?
बीरेन सिंह ने विस्थापित लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए स्थिर सरकार की आवश्यकता पर जोर दिया है।
राष्ट्र प्रेस