क्या नाम बदलना भाजपा सरकार का राजनीति करने का नया तरीका है?: सपा सांसद अवधेश प्रसाद

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क्या नाम बदलना भाजपा सरकार का राजनीति करने का नया तरीका है?: सपा सांसद अवधेश प्रसाद

सारांश

समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने भाजपा सरकार के नाम बदलने की नीति पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे राजनीति का नया तरीका बताया और जनता की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता जताई। क्या यह सिर्फ एक नाम का बदलाव है या कुछ और?

Key Takeaways

  • भाजपा सरकार का नाम बदलने का निर्णय राजनीतिक विवाद को जन्म दे रहा है।
  • अवधेश प्रसाद ने इसे राजनीति का नया तरीका बताया है।
  • जनता की समस्याओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 3 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम 'सेवा तीर्थ' और राजभवन का नाम 'लोकभवन' बदले जाने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बुधवार को समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने इसे भाजपा के राजनीति करने का नया तरीका बताया।

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "यह भाजपा सरकार के काम करने का नया तरीका है। इस तरीके के अनुसार वह कहीं नाम बदलेंगे, तो कहीं कुछ और करेंगे। सरकार को जो जायज काम है, जनता से जुड़ी जो समस्याएं हैं, उसपर विशेष ध्यान देना चाहिए। केवल नाम बदलने से नहीं बल्कि काम करने से काम होता है।"

संचार साथी ऐप को लेकर हो रहे विवाद पर सपा सांसद ने कहा, "यह पूरी तरह से लोगों के मौलिक अधिकार पर हमला है। यह हमारे निजता के हनन का मामला है, जो नहीं होना चाहिए।"

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेहरू पर दिए हालिया बयान पर अवधेश प्रसाद ने कहा, "मंदिर-मस्जिद का मुद्दा ब्लॉक हो गया है। भाजपा के लोग इस मुद्दे को फिर से उभारना चाहते हैं। देश के तमाम मुद्दे हैं, जनता से जुड़ी समस्याएं हैं, और जनता की परेशानियां हैं। इन सभी मुद्दों पर चर्चा नहीं हो, उसपर ध्यान नहीं जाए, इसलिए ऐसे मुद्दे उठाए जा रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "किसान आज परेशान है। धान की फसल की खरीदारी नहीं है। एसआईआर के जरिए लोगों से उनके वोट करने का अधिकार छिना जा रहा है। इन सभी जनहित के मुद्दों पर चर्चा नहीं हो, इसलिए पुराने मुद्दे उठाए जा रहे हैं। जिन मुद्दों का आज के समय में कोई मतलब नहीं है, उन्हें फिर से उभारकर जनता में अपनी चर्चा चलाना चाहते हैं। जनता मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है। वह सवाल न करे और इसी में उलझी रहे तो यह अच्छी बात नहीं है।"

संसद में एसआईआर पर चर्चा की मांग दोहराते हुए उन्होंने कहा, "संसद में सत्तापक्ष और विपक्ष एक सिक्के के दो पहलू हैं। हम संसद का सत्र चलाना चाहते हैं, क्योंकि जनता की कई तरह की समस्याएं हैं। महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर चर्चा न हो, इसलिए सरकार बार-बार सदन को स्थगित करा रही है।"

Point of View

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक बयानबाजी का उद्देश्य अक्सर जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाना होता है। भाजपा और सपा दोनों पक्ष अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए ऐसे मुद्दों का सहारा लेते हैं। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या जनता की समस्याओं का समाधान हो रहा है?
NationPress
06/02/2026

Frequently Asked Questions

भाजपा सरकार के नाम बदलने की नीति का क्या उद्देश्य है?
भाजपा सरकार के नाम बदलने की नीति का उद्देश्य अक्सर लोगों का ध्यान असली मुद्दों से हटाना होता है।
अवधेश प्रसाद ने क्या कहा?
अवधेश प्रसाद ने इसे भाजपा के राजनीति करने का नया तरीका बताया है और जनता की समस्याओं पर ध्यान देने की आवश्यकता जताई है।
क्या नाम बदलने से जनता की समस्याएं हल होंगी?
केवल नाम बदलने से जनता की समस्याएं हल नहीं होंगी। इसके लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
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