क्या भाजपा के पास ठोस मुद्दों की कमी है, बेबुनियादी बातों को बढ़ावा दे रही है : एसटी हसन

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क्या भाजपा के पास ठोस मुद्दों की कमी है, बेबुनियादी बातों को बढ़ावा दे रही है : एसटी हसन

सारांश

बिहार की राजनीति में केरल कांग्रेस के ट्वीट ने उथल-पुथल मचा दी है। डॉ. एसटी हसन ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के पास ठोस मुद्दों की कमी है। जानिए इस राजनीतिक विवाद के पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

बीड़ी को मुद्दा बनाना भाजपा की रणनीति का हिस्सा है।
सिगरेट की कीमतों में वृद्धि के कारण लोग बीड़ी की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
भाजपा और अन्य दलों को गंभीर मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

नई दिल्ली, 5 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजनीति में इस समय हंगामा मचा हुआ है। केरल कांग्रेस के एक ट्वीट ने सियासी तूफान उत्पन्न कर दिया है। केरल कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर बिहार की तुलना बीड़ी से करते हुए लिखा, 'बी' से बिहार, 'बी' से बीड़ी। इस ट्वीट ने बिहार में राजनीतिक हलचल मचा दी।

समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "बीड़ी भारत में आमतौर पर पी जाती है। यह कोई अपराध नहीं है। ट्वीट करना गलत था, लेकिन इसे मुद्दा बनाना उचित नहीं है। भाजपा के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए अब बीड़ी को मुद्दा बनाया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) खुद हर चीज का अपमान करती है, तब कोई बात नहीं होती।"

उन्होंने यह भी कहा कि सिगरेट की बढ़ती कीमतों के कारण लोग बीड़ी की ओर रुख कर रहे हैं, जो कि देश और उत्तर प्रदेश में सामान्य है।

वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने बिहार कांग्रेस से इस ट्वीट के लिए माफी मांगने की बात कही। इस पर डॉ. हसन ने कहा कि बिहार में चुनावी माहौल है और भाजपा छोटी-छोटी बातों को तूल देती है। अगर तेजस्वी को लगता है कि माफी जरूरी है, तो कांग्रेस को माफी मांग लेनी चाहिए।

इसके अलावा, कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा जेल में बंद उमर फारूक और इमाम की रिहाई पर चुप्पी को लेकर भी डॉ. हसन ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यह मामला न्यायालय के अधीन है। अगर अदालत जमानत नहीं दे रही, तो कोई राजनीतिक व्यक्ति इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता। न्यायालय के सामने क्या तथ्य रखे गए, यह जज पर निर्भर करता है।

पश्चिम बंगाल में 'द बंगाल फिल्म' को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा के बीच चल रही बयानबाजी पर भी डॉ. हसन ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर फिल्म में सांप्रदायिक तनाव फैलाने या टीएमसी को बदनाम करने की कोशिश की गई है, तो टीएमसी का विरोध जायज है। ऐसी फिल्में किसी खास एजेंडे के तहत बनाई जाती हैं और उनका विरोध होना चाहिए।

ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर डॉ. हसन ने कहा, "आज हमारे पैगंबर को दुनिया में आए 1500 साल हो गए। हमें उनके दिखाए रास्ते पर चलना चाहिए। यह दिन हमारे लिए ईद से भी बड़ा है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक विवादों में अक्सर छोटे मुद्दों को उठाया जाता है। भाजपा और अन्य दलों को चाहिए कि वे गंभीर मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करें और जनता की अपेक्षाओं के अनुसार काम करें।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या भाजपा के पास ठोस मुद्दों की कमी है?
डॉ. एसटी हसन ने कहा कि भाजपा के पास ठोस मुद्दों की कमी है, इसलिए वे बेबुनियादी बातों को बढ़ावा दे रही हैं।
केरल कांग्रेस के ट्वीट का क्या असर हुआ?
केरल कांग्रेस के ट्वीट ने बिहार में सियासी हलचल मचा दी, जिससे विभिन्न राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ आईं।
राष्ट्र प्रेस
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