बेंगलुरु: अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय में एबीवीपी के विरोध के चलते एफआईआर का मामला

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बेंगलुरु: अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय में एबीवीपी के विरोध के चलते एफआईआर का मामला

सारांश

बेंगलुरु के अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय में एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर उत्पन्न विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एबीवीपी कार्यकर्ताओं के विरोध के चलते पुलिस ने स्पार्क रीडिंग सर्कल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

Key Takeaways

  • बेंगलुरु के अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय में विवाद बढ़ता जा रहा है।
  • एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पोस्ट के खिलाफ विरोध किया।
  • पुलिस ने इंस्टाग्राम पेज 'स्पार्क रीडिंग सर्कल' के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
  • छात्रों पर गैर-जमानती अपराध का आरोप लगाया गया है।
  • विश्वविद्यालय ने बौद्धिक स्वतंत्रता का समर्थन किया है।

बेंगलुरु, 26 फरवरी (आईएएनस)। बेंगलुरु में स्थित अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय में एक सोशल मीडिया पोस्ट के कारण उत्पन्न विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एबीवीपी कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के चलते विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद सरजापुर पुलिस ने इंस्टाग्राम पेज "स्पार्क रीडिंग सर्कल" के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई की।

यह विरोध एक इंस्टाग्राम अकाउंट "स्पार्क रीडिंग सर्कल" द्वारा साझा किए गए एक विवादास्पद पोस्ट के खिलाफ शुरू हुआ, जिसमें दावा किया गया था कि कुनान-पोशपोरा घटना पर "प्री-कश्मीर" शीर्षक के अंतर्गत चर्चा की जाएगी।

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ऋषिकेश ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा है कि इस पोस्ट ने संस्थान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया और भ्रम उत्पन्न किया। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया था और उसका सोशल मीडिया अकाउंट से कोई संबंध नहीं है।

सरजापुर पुलिस ने बताया कि इस पोस्ट से लोगों की भावनाएं आहत हुईं, जिसके परिणामस्वरूप कार्यकर्ताओं ने परिसर में घुसकर हंगामा किया। शिकायत के आधार पर "स्पार्क रीडिंग सर्कल" के इंस्टाग्राम अकाउंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और आगे की जांच जारी है।

वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने कहा कि प्रशासनिक अनुमति के बिना परिसर में किसी भी कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के प्रोटोकॉल का उल्लंघन हो सकता है। हालांकि, छात्र परिषद का मानना है कि ऐसे उल्लंघनों का समाधान एफआईआर के बजाय विश्वविद्यालय की आंतरिक प्रक्रियाओं, जैसे अनुशासनात्मक समिति के जरिए करना बेहतर है।

परिसर में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने वाले और विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्तियों पर जमानती आरोप लगाए गए हैं। वहीं, जिन छात्रों ने शांतिपूर्ण सभा का आयोजन किया, उन पर धारा 299 के तहत गैर-जमानती अपराध का आरोप लगाया गया है। विश्वविद्यालय की शिक्षा इतिहास, राजनीति और सामाजिक न्याय पर गहन चिंतन को प्रोत्साहित करती है। हमें कठिन प्रश्न पूछना सिखाया गया है और हमने विश्वविद्यालय को खुली चर्चाओं के लिए एक सुरक्षित स्थान माना है। प्रशासन द्वारा छात्रों के खिलाफ आपराधिक एफआईआर दर्ज करना उस बौद्धिक स्वतंत्रता को कमजोर करता है, जिस पर यह संस्था आधारित है। हम प्रशासन से निवेदन करते हैं कि छात्रों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई पर पुनर्विचार करें।

Point of View

NationPress
27/02/2026

Frequently Asked Questions

क्या विवाद का कारण बनी पोस्ट के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है?
हाँ, सरजापुर पुलिस ने इंस्टाग्राम पेज 'स्पार्क रीडिंग सर्कल' के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
एबीवीपी का क्या कहना है इस मामले पर?
एबीवीपी ने कहा कि प्रशासनिक अनुमति के बिना कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के प्रोटोकॉल का उल्लंघन है।
छात्रों पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
जो छात्र शांतिपूर्ण सभा का आयोजन कर रहे थे, उन पर धारा 299 के तहत गैर-जमानती अपराध का आरोप लगाया गया है।
क्या विश्वविद्यालय ने कोई आधिकारिक बयान जारी किया है?
हाँ, विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि उस पोस्ट से उनका कोई संबंध नहीं है और ऐसा कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया था।
क्या प्रशासन ने छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया है?
हाँ, प्रशासन ने छात्रों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने का निर्णय लिया है, जिसे लेकर छात्रों ने विरोध जताया है।
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