लखनऊ विश्वविद्यालय में हनुमान चालीसा का पाठ: एबीवीपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया

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लखनऊ विश्वविद्यालय में हनुमान चालीसा का पाठ: एबीवीपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया

सारांश

लखनऊ विश्वविद्यालय में हनुमान चालीसा का पाठ करने के प्रयास के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। इस घटना ने परिसर में तनाव पैदा कर दिया और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।

Key Takeaways

  • हनुमान चालीसा का पाठ करने का प्रयास विवाद का कारण बना।
  • पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में लिया।
  • विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नमाज और हनुमान चालीसा पर भेदभाव का आरोप लगाया।
  • उपमुख्यमंत्री ने मामले की जांच का आश्वासन दिया।
  • प्रदर्शनकारी छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

नई दिल्ली, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। लखनऊ विश्वविद्यालय में मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों ने विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर परिसर में स्थित ऐतिहासिक लाल बारादरी में हनुमान चालीसा का पाठ करने का प्रयास किया।

जब परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा था, तभी पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर कई छात्रों को हिरासत में लिया और परिसर को खाली कराया। छात्रों की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही वहां अन्य छात्र इकट्ठा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

छात्रों का कहना है कि लाल बारादरी में नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन हिंदू छात्रों को वहीं हनुमान चालीसा पढ़ने की अनुमति नहीं दी गई।

एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "यहां नमाज अदा करने की अनुमति दी जाती है, लेकिन हनुमान चालीसा पढ़ने की अनुमति नहीं दी जाती है।"

विरोध प्रदर्शन के कारण विश्वविद्यालय में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा, पीएसी की तीन कंपनियां और दो स्थानीय पुलिस स्टेशनों के कर्मियों को विश्वविद्यालय के प्रवेश गेट पर तैनात किया गया है।

बजरंग दल के सदस्यों ने कहा कि वे लाल बारादरी में हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए एकत्रित हुए थे।

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का कहना है कि हम आज लाल बारादरी में हनुमान चालीसा का पाठ करने आए हैं। कल तक यह एक जर्जर इमारत थी, अब यह अचानक मस्जिद कैसे बन गई? कुछ छात्र समूहों ने वहां नमाज अदा की और कुछ लोगों ने उनका समर्थन किया। उन पर हमला कौन कर रहा था?

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, "पूरा मामला जांच के अधीन है। हम हर चीज का ध्यान रखेंगे और कानून व्यवस्था बनाए रखेंगे। पुलिस मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।"

इससे पहले सोमवार को समाजवादी छात्र सभा (एससीएस), नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) से जुड़े छात्रों ने लाल बारादरी के बाहर रात भर धरना प्रदर्शन किया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जानबूझकर ऐतिहासिक इमारत के अंदर स्थित एक मस्जिद को सील कर दिया था ताकि मुस्लिम छात्रों को रमजान के पवित्र महीने के दौरान नमाज अदा करने से रोका जा सके।

Point of View

जिसे सही दृष्टिकोण से देखना आवश्यक है।
NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

क्यों एबीवीपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया?
एबीवीपी कार्यकर्ताओं को हनुमान चालीसा का पाठ करने के प्रयास के दौरान हिरासत में लिया गया क्योंकि पुलिस ने घटना को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की।
क्या विश्वविद्यालय में नमाज अदा करने की अनुमति है?
हां, छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने नमाज अदा करने की अनुमति दी थी, लेकिन हनुमान चालीसा पढ़ने की अनुमति नहीं दी।
इस घटना का राजनीतिक प्रभाव क्या है?
यह घटना धार्मिक और राजनीतिक तनाव को उजागर करती है, जिससे छात्रों के बीच विरोध और प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं।
क्या विश्वविद्यालय में और विरोध प्रदर्शन होने की संभावना है?
हां, छात्रों के बीच बढ़ते विरोध को देखते हुए और प्रदर्शन होने की संभावना है।
क्या सरकार ने इस मामले में कोई कार्रवाई की है?
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच का आश्वासन दिया है और कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कही है।
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