भाजपा का केरल में प्रगति का सफर: अनिल एंटनी का विश्वास
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा केरल में प्रगति कर रही है।
- अनिल एंटनी का विश्वास है कि भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनेगी।
- मतदाता विकास और स्थिरता की उम्मीद कर रहे हैं।
तिरुवनंतपुरम, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केरल विधानसभा चुनावों के लिए मतदान प्रक्रिया जारी है। इस संदर्भ में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव अनिल के. एंटनी ने कहा कि उनकी पार्टी वही एकमात्र राजनीतिक ताकत है जो राज्य में तेजी से प्रगति कर रही है और उनका विश्वास है कि भाजपा राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरेगी।
अनिल के. एंटनी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, “हम दृढ़ता से मानते हैं कि केरल में वर्तमान में केवल भाजपा ही उन्नति की दिशा में अग्रसर है। पार्टी के पास पहले से ही यहाँ एक निर्वाचित सांसद है और कई नगरपालिकाओं तथा ग्राम पंचायतों पर हमारा नियंत्रण है। इसके अलावा, हम राज्य के सबसे बड़े नगर निगम का संचालन कर रहे हैं, जहाँ हमारे पास एक महापौर और एक उपमहापौर भी हैं।”
एंटनी ने चुनावों में भाजपा की संभावनाओं को लेकर आशा जताते हुए कहा, “इस बार, हमें कासरगोड से लेकर तिरुवनंतपुरम तक कई विधायकों के जीतने की उम्मीद है, क्योंकि हमारे हर जिले में मजबूत उम्मीदवार हैं। हमें विश्वास है कि उनमें से कई विजयी होंगे।”
उन्होंने यह भी कहा, “इस चुनाव के बाद भाजपा केरल की राजनीति में एक प्रमुख शक्ति बनकर उभरेगी। हमारी प्रगति जारी रहेगी और समय के साथ हम राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बन जाएंगे।”
इस बीच, केरल में मतदान प्रक्रिया की शुरुआत तेजी से हुई। पहले चार घंटों में राज्य के लगभग 27 लाख मतदाताओं ने सक्रिय रूप से मतदान किया, जो अगली सरकार का चुनाव करने वाले हैं। भोर से पहले ही चुनावी तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो चुका था। सुबह 5:30 बजे तक सभी 30,471 मतदान केंद्र चालू हो गए थे और अधिकारियों ने अनिवार्य मॉक पोलिंग प्रक्रिया का सफल संचालन किया।
यह ध्यान देने योग्य है कि मतदान के दिन से पहले ही लगभग दो लाख मतदाताओं ने घर बैठे मतदान सुविधा का उपयोग करते हुए अपना वोट डाल दिया था।
चुनाव प्रचार की आधिकारिक समाप्ति के बावजूद, तीनों मुख्य राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने अनिर्णायक मतदाताओं और प्रमुख प्रभावशाली व्यक्तियों तक पहुंचने के लिए अंतिम समय में प्रयास किए, जो इस चुनाव में दांव पर लगी ऊंची रकम और कड़ी प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।
मतदाताओं ने निरंतर विकास और राजनीतिक स्थिरता की आवश्यकता व्यक्त की है, साथ ही राज्य में बेरोजगारी को एक बड़ी चिंता का विषय बताया है।