क्या भाजपा पूजा पाल को मोहरा बनाकर सपा का दुष्प्रचार कर रही है?

सारांश
Key Takeaways
- भाजपा ने पूजा पाल को मोहरा बनाया है।
- पूजा पाल ने जान के खतरे का आरोप लगाया है।
- सपा ने पूजा पाल का हमेशा समर्थन किया है।
- जांच की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
- राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का खेल जारी है।
लखनऊ, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने विधायक पूजा पाल के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि भाजपा उन्हें मोहरा बनाकर सपा के खिलाफ दुष्प्रचार करा रही है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष ने पूजा पाल के 'जान के खतरे' वाले मामले में गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है।
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि मामले की पूरी जांच करवाई जाए। उन्होंने कहा कि सपा ने पूजा पाल का मुश्किल समय में साथ दिया था। ऐसे में उन्हें किससे जान का खतरा है, इसकी जांच करवाई जाए। उन्होंने कहा कि पूजा पाल को बताना चाहिए कि उन्हें किससे जान का खतरा है। अभी उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी।
उन्होंने लिखा कि समाजवादी पार्टी ने ही पूजा पाल को विधायक बनाया। जब उनके व्यक्तिगत जीवन में संकट आया था, तब सपा और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हर संभव सहयोग किया। उस समय वे पूरी तरह सपा में सुरक्षित थीं, लेकिन भाजपा के संपर्क में आने के बाद अचानक उन्हें अपनी जान-माल की चिंता सताने लगी। दरअसल, जैसा कि उन्होंने स्वयं एक बयान में स्वीकार किया है, उनकी दिक्कत पीडीए (पिछड़ा, दलित, मुस्लिम) से है। यह उनकी व्यक्तिगत परेशानी नहीं बल्कि भाजपा की परेशानी है, क्योंकि भाजपा पीडीए आंदोलन के चलते २०२७ की हार सुनिश्चित देख रही है।
उन्होंने आगे कहा, "इसी कारण अपनी साजिश के तहत भाजपा ने पूजा पाल को मोहरा बनाकर सपा के खिलाफ दुष्प्रचार शुरू कराया है। सच तो यह है कि पूजा पाल का आचरण अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। मुख्यमंत्री से मिलने के बाद उन्होंने बयान दिया कि उनकी जान को खतरा सपा से है और कुछ हुआ तो जिम्मेदार सपा होगी, जबकि जीवन की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की होती है। ऐसे में उनके निराधार और अमर्यादित आरोपों की जांच आवश्यक है। सपा की मांग है कि इस पूरे मामले की जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जाए।