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पंजाब में बदलाव चाहने वालों का भाजपा में स्वागत: अश्विनी शर्मा का बड़ा बयान

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पंजाब में बदलाव चाहने वालों का भाजपा में स्वागत: अश्विनी शर्मा का बड़ा बयान

सारांश

आप के राघव चड्ढा सहित छह सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद पंजाब की राजनीति गरमाई। भाजपा अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने पंजाब में बदलाव, नशामुक्ति और किसान समृद्धि चाहने वालों का स्वागत किया। हरियाणा मॉडल को पंजाब में लागू करने का दावा।

मुख्य बातें

राघव चड्ढा सहित आप के छह राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल हुए — यह पार्टी के दो-तिहाई राज्यसभा सदस्यों का टूट है।
भाजपा पंजाब कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने पंजाब में बदलाव चाहने वाले सभी नेताओं का पार्टी में स्वागत किया।
स्वाति मालीवाल विवाद को आप में असंतोष की शुरुआत बताया गया, जो अब बड़े राजनीतिक संकट में बदल गया है।
हरियाणा विकास मॉडल को पंजाब में लागू करने का वादा किया गया — नशामुक्ति, कर्जमुक्ति और किसान समृद्धि पर जोर।
भाजपा प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने दावा किया कि आने वाले समय में अन्य दलों से और नेता भाजपा में आएंगे।
२०२७ पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा अपना जनाधार मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

चंडीगढ़, 24 अप्रैलआम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा सहित छह अन्य सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल मच गई है। भाजपा पंजाब के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने स्पष्ट कहा कि जो भी नेता या कार्यकर्ता पंजाब में सकारात्मक बदलाव, नशामुक्ति और किसानों की समृद्धि का सपना देखते हैं, उन सभी के लिए भाजपा के दरवाजे खुले हैं।

आप के दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों का पार्टी छोड़ना — नेतृत्व पर सवाल

अश्विनी शर्मा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "यह सिर्फ एक-दो नेताओं का मामला नहीं है। जब पार्टी के दो-तिहाई राज्यसभा सांसद ही संगठन छोड़ दें, तो यह सीधे नेतृत्व की विश्वसनीयता पर गहरा प्रश्नचिह्न लगाता है।"

उन्होंने स्वाति मालीवाल विवाद का संदर्भ देते हुए कहा कि इस घटना से जो असंतोष की चिंगारी सुलगी थी, वह अब एक बड़े राजनीतिक संकट का रूप ले चुकी है। उनके अनुसार, कोई भी स्वाभिमानी व्यक्ति अपनी गरिमा से कभी समझौता नहीं करता।

भाजपा का न्योता — नशामुक्त और कर्जमुक्त पंजाब का वादा

अश्विनी शर्मा ने कहा कि भाजपा उन सभी लोगों का स्वागत करती है जो पंजाब में कथित गुंडाराज को समाप्त करना चाहते हैं, राज्य को नशामुक्त और कर्जमुक्त बनाना चाहते हैं और किसानों के जीवन में खुशहाली लाना चाहते हैं।

उन्होंने हरियाणा विकास मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा कि उसी तर्ज पर पंजाब में भी समग्र विकास संभव है। गौरतलब है कि हरियाणा में भाजपा की सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में बुनियादी ढांचे और कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है, जिसे पार्टी अपने प्रचार का आधार बना रही है।

विचारधारा आधारित संगठन — 'पंजाबियत' की भावना

शर्मा ने जोर देकर कहा कि भाजपा किसी एक परिवार या व्यक्ति विशेष की पार्टी नहीं, बल्कि यह एक विचारधारा पर आधारित संगठन है। जो भी नेता 'पंजाबियत' की भावना को सशक्त करना चाहते हैं और राज्य के समग्र विकास में योगदान देना चाहते हैं, उनके लिए पार्टी में पूरी जगह है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब आप पंजाब में अपनी सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के करीब है और विपक्षी दल राज्य में कानून-व्यवस्था, नशे की समस्या और किसान कर्ज जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने में जुटे हैं।

भाजपा प्रवक्ता का दावा — और नेता आएंगे

चेन्नई में भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया, "आने वाले समय में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस सहित अन्य दलों से और नेता बाहर निकलेंगे।"

उनके अनुसार, अब नेताओं को यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा ही देश के विकास और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध प्रमुख राजनीतिक शक्ति है। हालांकि, आप ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

राजनीतिक विश्लेषण — पंजाब में भाजपा की रणनीति

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा पंजाब में २०२७ विधानसभा चुनाव से पहले अपना जनाधार मजबूत करने की कोशिश में है। आप के वरिष्ठ नेताओं का पाला बदलना पार्टी की आंतरिक एकजुटता पर सवाल उठाता है।

उल्लेखनीय है कि पंजाब में भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव में बेहद कमजोर प्रदर्शन किया था। ऐसे में दूसरे दलों के असंतुष्ट नेताओं को अपने पाले में लाकर पार्टी अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आप इस राजनीतिक संकट से कैसे उबरती है और क्या अन्य असंतुष्ट नेता भी पार्टी छोड़ने का फैसला करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह उस आंतरिक दरार का संकेत है जो स्वाति मालीवाल विवाद के बाद से पार्टी में गहराती जा रही है। विडंबना यह है कि जो पार्टी खुद को 'आम आदमी' की आवाज बताती है, उसके अपने सांसद ही असम्मान का हवाला देकर पाला बदल रहे हैं। भाजपा का हरियाणा मॉडल का दांव समझ में आता है, लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि पंजाब की जमीनी चुनौतियां — नशा, किसान कर्ज, सीमावर्ती सुरक्षा — किसी एक मॉडल की नकल से हल नहीं होतीं। असली परीक्षा 2027 में होगी।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राघव चड्ढा और अन्य सांसद भाजपा में क्यों शामिल हुए?
आप के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा सहित छह अन्य सांसदों ने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए भाजपा का दामन थामा। स्वाति मालीवाल विवाद के बाद से पार्टी में असंतोष बढ़ता रहा और अंततः यह बड़े टूट के रूप में सामने आया।
अश्विनी शर्मा ने पंजाब के लिए क्या वादे किए?
भाजपा पंजाब के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने पंजाब को नशामुक्त, कर्जमुक्त बनाने और किसानों की समृद्धि का वादा किया। उन्होंने हरियाणा विकास मॉडल को पंजाब में लागू करने की बात भी कही।
भाजपा पंजाब में किन लोगों का स्वागत कर रही है?
भाजपा ने स्पष्ट किया है कि जो भी नेता या कार्यकर्ता पंजाब में बदलाव, गुंडाराज का अंत और 'पंजाबियत' की भावना को मजबूत करना चाहते हैं, उनके लिए पार्टी के दरवाजे खुले हैं। पार्टी को विचारधारा आधारित संगठन बताया गया।
क्या आप में और टूट हो सकती है?
भाजपा प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने दावा किया है कि आने वाले समय में आप और कांग्रेस से और नेता भाजपा में शामिल होंगे। हालांकि, यह दावा राजनीतिक है और इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पंजाब में भाजपा की क्या स्थिति है?
2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा का पंजाब में प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा था। अब पार्टी 2027 चुनाव से पहले दूसरे दलों के असंतुष्ट नेताओं को जोड़कर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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