क्या बीएमसी चुनाव में हमारी जीत पक्की है? हर बात पर विवाद ठीक नहीं: देवेंद्र फडणवीस
सारांश
Key Takeaways
- बीएमसी चुनाव में मतदान की प्रक्रिया जारी है।
- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का जीत का विश्वास।
- विपक्षी बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया।
- नागपुर में भूषण शिंगडे पर हमला।
- मतदान सभी का कर्तव्य है।
नागपुर, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बीएमसी चुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया जारी है। मतदाता सुबह से ही अपने मत का प्रयोग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने परिवार के साथ मतदान किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह दावा किया कि चुनाव में हमारी जीत निश्चित है।
मतदान के संदर्भ में विपक्षी नेताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि मुझे लगता है कि विपक्ष को एक नई स्क्रिप्ट लिखने की आवश्यकता है। उनकी वर्तमान स्क्रिप्ट अब पुरानी हो चुकी है। वे हाईकोर्ट में हार चुके हैं, सुप्रीम कोर्ट में हार चुके हैं, फिर भी उसी पुरानी स्क्रिप्ट का अनुसरण कर रहे हैं। यह स्पष्ट है कि इस चुनाव में हमारी जीत सुनिश्चित है, क्योंकि अगर विपक्ष पहले से ही यह रणनीति बना रहा है कि कल की हार के बाद उन्हें क्या कहना है, तो यह बहुत कुछ दर्शाता है।
नागपुर की एक घटना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वहां हमारे उम्मीदवार भूषण शिंगडे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हमला किया। उन्हें चोटें आईं और उनके साथ मौजूद लोग भी घायल हुए। जब वे चुनाव नहीं जीत सकते, तो इस तरह के हमले करना लोकतंत्र को कमजोर करने जैसा है। लेकिन जनता इसका उत्तर देगी और मुझे विश्वास है कि जिन्होंने मेरा विरोध किया है, उन्हें जनता जवाब देगी।
बीएमसी चुनाव पर सीएम ने कहा कि हमारा लोकतंत्र एक ऐसा ढांचा है जिसे लोकतंत्र की नींव माना जा सकता है। इसलिए मतदान करना अत्यंत आवश्यक है। मैं भारत के लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले सभी लोगों से मतदान करने की अपील करता हूं। मेरा मानना है कि मतदान न केवल आपका अधिकार है, बल्कि आपका कर्तव्य भी है। अगर हम लोकतंत्र में अच्छा शासन चाहते हैं, तो हमें वोट देना चाहिए। इसलिए मैंने भी मतदान किया है। मैं सभी से अपील करता हूं कि वे मतदान करें, बड़ी संख्या में वोट डालें और घर पर न रहें। मैं सभी को लोकतंत्र की इस भावना में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करता हूं।
स्याही के बारे में विपक्षी नेताओं के बयानों पर उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही इस मुद्दे को उठाया है। इसे सावधानी से संभालना चाहिए। देखें कि कहीं कुछ बदल तो नहीं रहा है। अगर कोई आपत्ति है तो उसे चुनाव आयोग के सामने उठाया जाना चाहिए। चुनाव निष्पक्ष होने चाहिए, लेकिन हर छोटी बात पर बेवजह विवाद खड़ा करना गलत है।