बॉलीवुड को मुंबई से बाहर ले जाना महायुति सरकार की नाकामी: हर्षवर्धन सपकाल
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने 24 अक्टूबर 2026 को मुंबई में महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि राज्य की फिल्म इंडस्ट्री का असुरक्षित महसूस करना गृह विभाग और मुख्यमंत्री की प्रत्यक्ष विफलता है। सपकाल ने कहित वायरल ऑडियो क्लिप, सरकार के भीतर कथित गैंगवार और ₹500 करोड़ के लेन-देन के आरोपों को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए।
फिल्म इंडस्ट्री और कानून-व्यवस्था
सपकाल ने कहा, 'ऑल इंडिया सिने वर्कर्स जो माँग कर रहे हैं, वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मगर उनकी जो माँग है, वह सीधा-सीधा राज्य की लॉ एंड ऑर्डर व्यवस्था की तरफ इशारा करती है।' उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री और मुख्यमंत्री की भूमिका पर जनता का भरोसा पूरी तरह उठ चुका है और कहीं न कहीं आपराधिक तत्वों को सरकारी संरक्षण मिल रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मुंबई से बॉलीवुड को बाहर ले जाने की कोशिश पूरी तरह राज्य सरकार की नाकामी का सबूत है। यह ऐसे समय में आया है जब सिने वर्कर्स सुरक्षा की माँग को लेकर मुखर हो रहे हैं।
योगी और BJP पर सवाल
सपकाल ने यह भी पूछा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले कहा था कि वे बॉलीवुड को मुंबई से उत्तर प्रदेश ले जाएंगे। उन्होंने सवाल उठाया, 'क्या उनकी उस टिप्पणी को बल देने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तरफ से राजनीति की जा रही है? क्या लोगों को निशाना बनाया जा रहा है? क्या इस एंगल से भी जाँच नहीं हो सकती?' यह राजनीतिक बयान कथित तौर पर महाराष्ट्र की सत्ता-राजनीति और केंद्रीय दलीय हितों के बीच की खाई को उजागर करता है।
वायरल ऑडियो और गठबंधन पर हमला
एकनाथ शिंदे से संबंधित कथित वायरल ऑडियो क्लिप पर सपकाल ने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन के पास कोई राजनीतिक सभ्यता नहीं है और उसका एकमात्र उद्देश्य सत्ता प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि यह तथाकथित 'ट्रिपल इंजन सरकार' के भीतर चल रही गैंगवार के नतीजे बाहर भी दिखने लगे हैं — माफिया बेखौफ घूम रहा है और हत्याएं हो रही हैं।
गौरतलब है कि ₹500 करोड़ के कथित लेन-देन का मामला अत्यंत गंभीर बताया जा रहा है। सपकाल के अनुसार, इस रिकॉर्डिंग के माध्यम से BJP की ध्रुवीकरण की राजनीति का चरित्र भी सामने आया है।
लातूर में सूखे की गंभीर स्थिति
कांग्रेस नेता ने लातूर में सूखे की बिगड़ती स्थिति पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मार्च 2027 तक हालात और गंभीर होने की आशंका है। लातूर में पानी के विवाद को लेकर मामले प्रशासनिक दफ्तरों तक पहुँच चुके हैं। उनका आरोप है कि सरकार के पास राहत की कोई ठोस योजना नहीं है।
1 नवंबर का प्रस्तावित आंदोलन और आगे की राह
सपकाल ने सीजेपी के 1 नवंबर के प्रस्तावित राष्ट्रीय आंदोलन का समर्थन किया और कहा कि हर जिले से लोग इसमें भाग ले रहे हैं, मुंबई में भी समर्थन में एक आंदोलन होगा। उन्होंने यह भी चेताया कि यदि आरोप लगाने वाले पक्षों के पास बड़े खुलासे हैं और वे पूरा ब्योरा सार्वजनिक करते हैं, तो सरकार में बैठे लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं — और इसीलिए उनकी सुरक्षा को लेकर खतरे की आशंका व्यक्त की जा रही है।