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बॉलीवुड को मुंबई से बाहर ले जाना महायुति सरकार की नाकामी: हर्षवर्धन सपकाल

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बॉलीवुड को मुंबई से बाहर ले जाना महायुति सरकार की नाकामी: हर्षवर्धन सपकाल

सारांश

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुंबई में प्रेस के सामने महायुति सरकार पर एकसाथ कई मोर्चे खोले — फिल्म इंडस्ट्री की असुरक्षा, ₹500 करोड़ के आरोप, कथित वायरल ऑडियो और लातूर सूखा। उनका सीधा सवाल: क्या बॉलीवुड को UP ले जाने की BJP की पुरानी मंशा अब अमल में लाई जा रही है?

मुख्य बातें

हर्षवर्धन सपकाल ने 24 अक्टूबर 2026 को कहा कि बॉलीवुड का मुंबई से पलायन महायुति सरकार की सीधी नाकामी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आपराधिक तत्वों को गृह विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय से बल मिल रहा है।
₹500 करोड़ के कथित लेन-देन और एकनाथ शिंदे से जुड़ी वायरल ऑडियो क्लिप पर गंभीर सवाल उठाए।
सपकाल ने BJP पर आरोप लगाया कि वह योगी आदित्यनाथ की बॉलीवुड को UP ले जाने की टिप्पणी को राजनीतिक बल देने के लिए फिल्म उद्योग को निशाना बना रही है।
लातूर में सूखे की स्थिति मार्च 2027 तक और गंभीर होने की आशंका, सरकार पर राहत योजना न होने का आरोप।
सीजेपी के 1 नवंबर के राष्ट्रीय आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन घोषित।

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने 24 अक्टूबर 2026 को मुंबई में महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि राज्य की फिल्म इंडस्ट्री का असुरक्षित महसूस करना गृह विभाग और मुख्यमंत्री की प्रत्यक्ष विफलता है। सपकाल ने कहित वायरल ऑडियो क्लिप, सरकार के भीतर कथित गैंगवार और ₹500 करोड़ के लेन-देन के आरोपों को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए।

फिल्म इंडस्ट्री और कानून-व्यवस्था

सपकाल ने कहा, 'ऑल इंडिया सिने वर्कर्स जो माँग कर रहे हैं, वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मगर उनकी जो माँग है, वह सीधा-सीधा राज्य की लॉ एंड ऑर्डर व्यवस्था की तरफ इशारा करती है।' उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री और मुख्यमंत्री की भूमिका पर जनता का भरोसा पूरी तरह उठ चुका है और कहीं न कहीं आपराधिक तत्वों को सरकारी संरक्षण मिल रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मुंबई से बॉलीवुड को बाहर ले जाने की कोशिश पूरी तरह राज्य सरकार की नाकामी का सबूत है। यह ऐसे समय में आया है जब सिने वर्कर्स सुरक्षा की माँग को लेकर मुखर हो रहे हैं।

योगी और BJP पर सवाल

सपकाल ने यह भी पूछा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले कहा था कि वे बॉलीवुड को मुंबई से उत्तर प्रदेश ले जाएंगे। उन्होंने सवाल उठाया, 'क्या उनकी उस टिप्पणी को बल देने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तरफ से राजनीति की जा रही है? क्या लोगों को निशाना बनाया जा रहा है? क्या इस एंगल से भी जाँच नहीं हो सकती?' यह राजनीतिक बयान कथित तौर पर महाराष्ट्र की सत्ता-राजनीति और केंद्रीय दलीय हितों के बीच की खाई को उजागर करता है।

वायरल ऑडियो और गठबंधन पर हमला

एकनाथ शिंदे से संबंधित कथित वायरल ऑडियो क्लिप पर सपकाल ने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन के पास कोई राजनीतिक सभ्यता नहीं है और उसका एकमात्र उद्देश्य सत्ता प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि यह तथाकथित 'ट्रिपल इंजन सरकार' के भीतर चल रही गैंगवार के नतीजे बाहर भी दिखने लगे हैं — माफिया बेखौफ घूम रहा है और हत्याएं हो रही हैं।

गौरतलब है कि ₹500 करोड़ के कथित लेन-देन का मामला अत्यंत गंभीर बताया जा रहा है। सपकाल के अनुसार, इस रिकॉर्डिंग के माध्यम से BJP की ध्रुवीकरण की राजनीति का चरित्र भी सामने आया है।

लातूर में सूखे की गंभीर स्थिति

कांग्रेस नेता ने लातूर में सूखे की बिगड़ती स्थिति पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मार्च 2027 तक हालात और गंभीर होने की आशंका है। लातूर में पानी के विवाद को लेकर मामले प्रशासनिक दफ्तरों तक पहुँच चुके हैं। उनका आरोप है कि सरकार के पास राहत की कोई ठोस योजना नहीं है।

1 नवंबर का प्रस्तावित आंदोलन और आगे की राह

सपकाल ने सीजेपी के 1 नवंबर के प्रस्तावित राष्ट्रीय आंदोलन का समर्थन किया और कहा कि हर जिले से लोग इसमें भाग ले रहे हैं, मुंबई में भी समर्थन में एक आंदोलन होगा। उन्होंने यह भी चेताया कि यदि आरोप लगाने वाले पक्षों के पास बड़े खुलासे हैं और वे पूरा ब्योरा सार्वजनिक करते हैं, तो सरकार में बैठे लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं — और इसीलिए उनकी सुरक्षा को लेकर खतरे की आशंका व्यक्त की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कथित ₹500 करोड़ का लेन-देन, वायरल ऑडियो और लातूर का सूखा — जो एक सोची-समझी प्रेस रणनीति की तरह दिखती है। असली राजनीतिक दाँव यह है कि कांग्रेस बॉलीवुड को एक प्रतीकात्मक मुद्दा बनाकर महाराष्ट्र की शहरी जनता को महायुति से दूर करने की कोशिश कर रही है। मगर मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि सिने वर्कर्स की माँगें वास्तव में श्रम और सुरक्षा के ठोस मुद्दों पर आधारित हैं — उन्हें महज राजनीतिक प्यादा बनाना दोनों पक्षों की सीमा उजागर करता है। लातूर के सूखे का ज़िक्र इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक अलग और महत्वपूर्ण मानवीय संकट है, जो राजनीतिक शोर में दब जाने का जोखिम उठाता है।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हर्षवर्धन सपकाल ने बॉलीवुड और मुंबई को लेकर क्या कहा?
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि मुंबई से बॉलीवुड को बाहर ले जाने की कोशिश पूरी तरह महायुति सरकार की नाकामी का प्रमाण है। उनके अनुसार फिल्म इंडस्ट्री का असुरक्षित महसूस करना सीधे गृह विभाग और मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी पर सवाल उठाता है।
₹500 करोड़ और वायरल ऑडियो क्लिप का मामला क्या है?
सपकाल ने ₹500 करोड़ के कथित लेन-देन को बेहद गंभीर बताया और कहा कि एकनाथ शिंदे से जुड़ी कथित वायरल ऑडियो क्लिप से BJP की ध्रुवीकरण की राजनीति का चरित्र सामने आया है। यह आरोप सत्यापित नहीं हुए हैं और सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
क्या BJP बॉलीवुड को उत्तर प्रदेश ले जाना चाहती है?
सपकाल ने दावा किया कि UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले बॉलीवुड को मुंबई से UP ले जाने की बात कह चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इसी एजेंडे के तहत फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, हालाँकि इसकी जाँच की माँग की गई है।
लातूर में सूखे की स्थिति कितनी गंभीर है?
सपकाल के अनुसार लातूर में इस समय सूखे के हालात हैं और मार्च 2027 तक स्थिति और बिगड़ने की आशंका है। पानी के विवाद प्रशासनिक दफ्तरों तक पहुँच चुके हैं और कांग्रेस का आरोप है कि सरकार के पास राहत की कोई ठोस योजना नहीं है।
सीजेपी का 1 नवंबर का आंदोलन क्या है?
सपकाल ने बताया कि 1 नवंबर को सीजेपी का एक राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन प्रस्तावित है, जिसमें हर जिले से लोग भाग लेंगे। मुंबई में भी इसके समर्थन में एक सहयोगी आंदोलन होगा।
राष्ट्र प्रेस
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