सार्डिनिया का बोलोटाना गांव: 70 पार 13.8% महिलाएं पहुंचती हैं 100 तक, हांगकांग के बाद दुनिया में दूसरा स्थान
सारांश
मुख्य बातें
इटली के सार्डिनिया द्वीप के छोटे से पहाड़ी गांव बोलोटाना ने दुनिया का ध्यान खींचा है — यहां 70 वर्ष की आयु पार करने वाली 13.83 प्रतिशत महिलाएं 100 वर्ष तक जीवित रहती हैं, जो हांगकांग के बाद वैश्विक स्तर पर दूसरा सर्वोच्च आंकड़ा है। 5 अक्टूबर 2025 को अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका 'फ्रंटियर्स इन एजिंग' में प्रकाशित इस अध्ययन ने दीर्घायु विज्ञान में एक नई बहस छेड़ दी है।
शोध का दायरा और आंकड़े
शोधकर्ताओं ने बोलोटाना के नागरिक और चर्च रिकॉर्ड का विश्लेषण कर 2021 से 2025 के बीच के उम्र और मृत्यु संबंधी आंकड़ों की जांच की। इस अवधि में 70 वर्ष की उम्र पार करने वाली महिलाओं के लिए शतायु होने की संभावना 13.83 प्रतिशत आंकी गई, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा केवल 4.92 प्रतिशत था। गांव की महिलाओं की 70 वर्ष के बाद औसत शेष जीवन प्रत्याशा 20.85 वर्ष है, जो इटली के राष्ट्रीय औसत 18.06 वर्ष से स्पष्ट रूप से अधिक है।
करीब 2,266 की जनसंख्या वाले इस गांव में 2025 तक 12 लोग शतायु थे। इनमें से छह की बाद में मृत्यु हो गई और जो छह जीवित बचे, वे सभी महिलाएं हैं — जिनमें दो महिलाएं 102 वर्ष की हैं। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि 2026 और 2027 में गांव के कुछ और निवासी भी शतायु हो सकते हैं।
सार्डिनिया और ब्लू जोन की पृष्ठभूमि
सार्डिनिया पहले से ही दीर्घायु के लिए विश्व-प्रसिद्ध है। वर्ष 1999 में इस द्वीप के मध्य और पूर्वी हिस्से के पहाड़ी गांवों को दुनिया के शुरुआती 'ब्लू जोन' में शामिल किया गया था — वे क्षेत्र जहां असाधारण लंबी उम्र की दर दर्ज की गई। उस दौर में विशेष रूप से पुरुषों की दीर्घायु उल्लेखनीय थी। बोलोटाना की स्थिति इससे अलग है — यहां महिलाएं इस असाधारण आंकड़े का नेतृत्व कर रही हैं।
हालांकि, शोधकर्ताओं ने सावधानी बरतते हुए कहा है कि बोलोटाना को अभी आधिकारिक तौर पर 'ब्लू जोन' घोषित करना जल्दबाजी होगी। अध्ययन में इसे 'संभावित ब्लू जोन' बताया गया है और दीर्घकालिक निगरानी तथा अतिरिक्त जनसांख्यिकीय अध्ययन की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
दीर्घायु के संभावित कारण
वैज्ञानिकों ने अभी तक यह निश्चित रूप से नहीं पहचाना है कि बोलोटाना की महिलाओं की असाधारण उम्र का प्रमुख कारण क्या है। अध्ययन में पाया गया कि गांव में सामाजिक संबंध बेहद प्रगाढ़ हैं और कई बुजुर्ग जीवनभर परिवार व समुदाय से घनिष्ठ रूप से जुड़े रहे। गांव में बहु-पीढ़ी पारिवारिक ढांचा दशकों से कायम है, जहां बुजुर्ग, युवा और बच्चे साथ रहते और घरेलू जिम्मेदारियां साझा करते हैं।
गांव के मेयर फ्रांसेस्को मैनकोनी ने दीर्घायु के पीछे कई संभावित कारण गिनाए हैं — ताजा और स्थानीय भोजन, प्राकृतिक पहाड़ी वातावरण और रोजमर्रा की शारीरिक गतिविधियां। पहाड़ी भूगोल के कारण बुजुर्गों का प्रतिदिन पैदल चलना सामान्य जीवन का अंग रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, सामाजिक जुड़ाव और शारीरिक सक्रियता दीर्घायु में भूमिका निभा सकती है, किंतु इसे प्रमाणित करने के लिए और शोध आवश्यक है।
इटली में शतायु लोगों की बढ़ती संख्या
बोलोटाना की यह तस्वीर व्यापक राष्ट्रीय रुझान के बीच सामने आई है। नवंबर 2025 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इटली में 100 वर्ष या उससे अधिक उम्र के कुल 23,548 लोग थे और इनमें 82.6 प्रतिशत महिलाएं थीं। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि महिलाओं की दीर्घायु का यह पैटर्न केवल बोलोटाना तक सीमित नहीं, बल्कि इटली में एक व्यापक प्रवृत्ति है।
आगे क्या
शोधकर्ताओं ने बोलोटाना में दीर्घकालिक निगरानी और अतिरिक्त जनसांख्यिकीय अध्ययन की अनुशंसा की है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या आनुवंशिक, पोषण संबंधी या सामाजिक कारकों में से कोई निर्णायक भूमिका निभाता है। दीर्घायु विज्ञान के शोधकर्ताओं के लिए बोलोटाना एक नई प्रयोगशाला बनता जा रहा है — जहां का हर शतायु चेहरा एक अनुत्तरित प्रश्न है।