20 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या सरकारी तेल कंपनियों में बीपीसीएल ने पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया और इंडियन ऑयल को पछाड़ा?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या सरकारी तेल कंपनियों में बीपीसीएल ने पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया और इंडियन ऑयल को पछाड़ा?

सारांश

वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में बीपीसीएल ने शानदार मुनाफा कमाया, जिससे वह इंडियन ऑयल से आगे निकल गई। इस लेख में हम देखते हैं कि बीपीसीएल की सफलता के पीछे की वजहें क्या हैं।

मुख्य बातें

बीपीसीएल ने पहली तिमाही में 6,124 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया।
आईओसीएल का मुनाफा 5,689 करोड़ रुपए रहा।
सरकार ने 30,000 करोड़ रुपए की सब्सिडी की घोषणा की है।
बीपीसीएल का रिफाइनिंग मार्जिन 4.88 डॉलर प्रति बैरल था।
बीपीसीएल का रिफाइनरी रन रेट 118 प्रतिशत था।

नई दिल्ली, 24 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। सरकारी तेल कंपनियों ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। इसकी मुख्य वजह डीजल और पेट्रोल की बिक्री पर अच्छा मार्जिन बना रहना है।

चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से जून की अवधि में भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने 6,124 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया है। इसी दौरान, आकार में लगभग दोगुनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने 5,689 करोड़ रुपए का लाभ दर्ज किया है। जबकि, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने पहली तिमाही में 4,371 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया।

बीपीसीएल, आईओसीएल और एचपीसीएल ने पहली तिमाही में मिलकर 16,184 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया है, जो कि सालाना आधार पर दोगुने से अधिक है।

तीनों सरकारी तेल कंपनियों में बीपीसीएल के अधिक मुनाफा कमाने का प्रमुख कारण अधिक रिफाइनिंग मार्जिन और परिचालन क्षमता का सही उपयोग था। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में बीपीसीएल का रिफाइनिंग मार्जिन प्रति क्रूड ऑयल बैरल पर 4.88 डॉलर रहा, जबकि आईओसीएल और एचपीसीएल के लिए यह क्रमश: 2.15 डॉलर प्रति बैरल और 3.08 डॉलर प्रति बैरल था।

इस दौरान बीपीसीएल का रिफाइनरी रन रेट 118 प्रतिशत, जबकि आईओसीएल का 107 प्रतिशत और एचपीसीएल का 109 प्रतिशत था, जो बेहतर परिचालन क्षमता को दर्शाता है।

प्रति पंप ईंधन बिक्री में भी बीपीसीएल ने आईओसीएल से बेहतर प्रदर्शन किया है। पहली तिमाही में बीपीसीएल ने 153 किलोलीटर प्रति पंप ईंधन बिक्री की, जबकि आईओसीएल ने 130 किलोलीटर प्रति पंप ईंधन बिक्री की।

सरकार ने तीनों कंपनियों को लागत से कम दरों पर रसोई गैस बेचने से हुए नुकसान की भरपाई के लिए 30,000 करोड़ रुपए की सब्सिडी देने की घोषणा की है, लेकिन भुगतान की प्रक्रिया अभी घोषित नहीं की गई है। सब्सिडी न मिलने के कारण आईओसी को 3,719 करोड़ रुपए, बीपीसीएल को 2,076 करोड़ रुपए और एचपीसीएल को 2,148 करोड़ रुपए का एलपीजी पर घाटा हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि बीपीसीएल का मुनाफा बढ़ाना न केवल कंपनी के लिए, बल्कि देश की आर्थिक स्थिति के लिए भी शुभ संकेत है। यह दर्शाता है कि सरकारी कंपनियाँ भी प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकती हैं।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीपीसीएल का मुनाफा कितना था?
बीपीसीएल का मुनाफा पहली तिमाही में 6,124 करोड़ रुपए था।
आईओसीएल का मुनाफा क्या था?
आईओसीएल ने पहली तिमाही में 5,689 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया।
सरकार ने सब्सिडी के लिए कितनी राशि की घोषणा की है?
सरकार ने 30,000 करोड़ रुपए की सब्सिडी की घोषणा की है।
बीपीसीएल का रिफाइनिंग मार्जिन क्या था?
बीपीसीएल का रिफाइनिंग मार्जिन प्रति बैरल 4.88 डॉलर था।
बीपीसीएल की परिचालन क्षमता क्या थी?
बीपीसीएल का रिफाइनरी रन रेट 118 प्रतिशत था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले