ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडल ने गिफ्ट सिटी का दौरा किया, $106 अरब की बैंकिंग संपत्तियों वाले आईएफएससी इकोसिस्टम को समझा

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ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडल ने गिफ्ट सिटी का दौरा किया, $106 अरब की बैंकिंग संपत्तियों वाले आईएफएससी इकोसिस्टम को समझा

सारांश

ब्रिक्स देशों के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने गिफ्ट सिटी का दौरा किया — जहाँ $106 अरब की बैंकिंग संपत्तियाँ और 1,130+ संस्थाएँ कार्यरत हैं। भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता के बीच यह दौरा सीमा-पार वित्त और फिनटेक सहयोग की नई ज़मीन तैयार कर रहा है।

मुख्य बातें

गिफ्ट सिटी ने 15 मई 2026 को ब्रिक्स देशों के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की।
गिफ्ट सिटी में 1,130 से अधिक संस्थाएँ कार्यरत; बैंकिंग परिसंपत्तियाँ $106 अरब और फंड प्रबंधन प्रतिबद्धताएँ $32 अरब से अधिक।
भारत 2026 के लिए ब्रिक्स अध्यक्षता कर रहा है और 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।
प्रतिनिधियों ने सीमा-पार वित्त, फिनटेक नवाचार और डिजिटल वित्त में सहयोग की संभावनाओं पर विशेष रुचि दिखाई।
गिफ्ट सिटी के MD और ग्रुप CEO संजय कौल ने इसे वैश्विक वित्तीय एवं नवाचार केंद्र के रूप में उभरने की प्रक्रिया का हिस्सा बताया।

गुजरात की गिफ्ट सिटी ने शुक्रवार, 15 मई 2026 को ब्रिक्स देशों के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की, जिसमें भारत के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) के तेज़ी से विस्तार हो रहे इकोसिस्टम का विस्तृत परिचय कराया गया। सीमा-पार वित्त, फिनटेक, व्यापार और वैश्विक व्यावसायिक सेवाओं में उभरते अवसरों पर केंद्रित इस दौरे को भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के संदर्भ में विशेष रूप से अहम माना जा रहा है।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता और दौरे का महत्व

भारत वर्ष 2026 के लिए ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। इस वर्ष का विषय 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' रखा गया है। इसी क्रम में भारत 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और कई मंत्रिस्तरीय कार्यक्रमों की मेजबानी भी करेगा। ऐसे में गिफ्ट सिटी का यह दौरा ब्रिक्स देशों के साथ वित्तीय सहयोग की नींव रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

गिफ्ट सिटी का विकास मॉडल और आईएफएससी ढाँचा

गिफ्ट सिटी भारत का पहला अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र है, जो देश के भीतर रहते हुए वैश्विक वित्तीय सेवाओं, विदेशी मुद्रा लेन-देन और अंतरराष्ट्रीय पूंजी प्रवाह का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल को गिफ्ट सिटी और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (IFSCA) के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें शहर के नियामक ढाँचे, आधुनिक बुनियादी ढाँचे और निवेश-अनुकूल कारोबारी माहौल पर प्रकाश डाला गया।

बैंकिंग, पूंजी बाज़ार, फंड प्रबंधन, बीमा, पुनर्बीमा, विमान लीजिंग, फिनटेक और वैश्विक क्षमता केंद्रों जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं से भी प्रतिनिधियों को अवगत कराया गया।

प्रमुख आँकड़े और वर्तमान स्थिति

वर्तमान में गिफ्ट सिटी में बैंकिंग, पूंजी बाज़ार, फंड प्रबंधन, बीमा, लीजिंग और फिनटेक सहित विभिन्न क्षेत्रों की 1,130 से अधिक संस्थाएँ कार्यरत हैं। यहाँ बैंकिंग परिसंपत्तियाँ $106 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक पहुँच चुकी हैं, जबकि फंड प्रबंधन प्रतिबद्धताएँ $32 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गई हैं।

प्रबंध निदेशक की प्रतिक्रिया

गिफ्ट सिटी के प्रबंध निदेशक और समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय कौल ने कहा कि गिफ्ट सिटी लगातार एक वैश्विक स्तर के वित्तीय और नवाचार केंद्र के रूप में उभर रही है। उन्होंने कहा कि यह मंच भारत से अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवाओं और सीमा-पार व्यापार को नई दिशा दे रहा है।

कौल के अनुसार, इस दौरे ने गिफ्ट सिटी के एकीकृत इकोसिस्टम को वैश्विक प्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत करने और निवेश, सतत वित्त, फिनटेक नवाचार तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर विचार-विमर्श का महत्वपूर्ण अवसर दिया।

ब्रिक्स प्रतिनिधियों की रुचि और आगे की राह

दौरे पर आए प्रतिनिधियों ने गिफ्ट सिटी के भीतर स्थित विभिन्न प्रमुख सुविधाओं का प्रत्यक्ष भ्रमण किया और इसके एकीकृत स्मार्ट सिटी ढाँचे को करीब से समझा। उन्होंने विशेष रूप से सीमा-पार वित्तीय सेवाओं, फिनटेक नवाचार, डिजिटल वित्त और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को लेकर गहरी रुचि दिखाई। यह दौरा ब्रिक्स देशों और भारत के बीच वित्तीय एकीकरण की दिशा में आगामी संवाद की पृष्ठभूमि तैयार करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ब्रिक्स देशों की यह रुचि ठोस वित्तीय साझेदारी में कब और कैसे बदलेगी। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता एक अनुकूल राजनयिक खिड़की ज़रूर खोलती है, परंतु डॉलर-प्रभुत्व वाली वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में ब्रिक्स देशों के बीच सीमा-पार पूंजी प्रवाह की संरचनात्मक बाधाएँ बनी हुई हैं। गिफ्ट सिटी को सिंगापुर और दुबई जैसे स्थापित केंद्रों से प्रतिस्पर्धा करनी है — जहाँ नियामक स्थिरता और वैश्विक विश्वास पहले से गहरी जड़ें जमाए हैं। बिना बाध्यकारी सहयोग समझौतों के, यह दौरा फिलहाल एक सुविचारित कूटनीतिक संकेत से अधिक नहीं है।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिफ्ट सिटी क्या है और यह अन्य वित्तीय केंद्रों से कैसे अलग है?
गिफ्ट सिटी (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी) भारत का पहला अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र है, जो गांधीनगर, गुजरात में स्थित है। यह देश के भीतर रहते हुए वैश्विक वित्तीय नियमों के तहत काम करता है और विदेशी मुद्रा लेन-देन, सीमा-पार पूंजी प्रवाह तथा अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सेवाओं की अनुमति देता है।
ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडल ने गिफ्ट सिटी का दौरा क्यों किया?
भारत 2026 के लिए ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इस पृष्ठभूमि में यह दौरा सीमा-पार वित्त, फिनटेक नवाचार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में ब्रिक्स देशों के साथ सहयोग की संभावनाएँ तलाशने के लिए आयोजित किया गया।
गिफ्ट सिटी में अभी कितनी संस्थाएँ काम कर रही हैं और इसका वित्तीय आकार क्या है?
वर्तमान में गिफ्ट सिटी में बैंकिंग, पूंजी बाज़ार, फंड प्रबंधन, बीमा, लीजिंग और फिनटेक सहित विभिन्न क्षेत्रों की 1,130 से अधिक संस्थाएँ कार्यरत हैं। बैंकिंग परिसंपत्तियाँ $106 अरब से अधिक और फंड प्रबंधन प्रतिबद्धताएँ $32 अरब से अधिक हो चुकी हैं।
गिफ्ट सिटी में किन क्षेत्रों में निवेश के अवसर हैं?
गिफ्ट सिटी में बैंकिंग, पूंजी बाज़ार, फंड प्रबंधन, बीमा, पुनर्बीमा, विमान लीजिंग, फिनटेक और वैश्विक क्षमता केंद्र जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसर उपलब्ध हैं। IFSCA का नियामक ढाँचा इन क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए अनुकूल कारोबारी माहौल प्रदान करता है।
2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय क्या है?
2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' रखा गया है। इसी के अंतर्गत भारत 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और कई मंत्रिस्तरीय कार्यक्रमों की मेजबानी करेगा।
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