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क्या बीएसएफ जवानों ने एक किसान को बांग्लादेशी समझकर पीटा?

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क्या बीएसएफ जवानों ने एक किसान को बांग्लादेशी समझकर पीटा?

सारांश

कोलकाता में एक किसान पर बीएसएफ जवानों द्वारा बांग्लादेशी होने के संदेह में हमला किया गया है। घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है। किसान ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन बीएसएफ ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। क्या यह घटना सुरक्षा बलों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है?

मुख्य बातें

बीएसएफ जवानों पर आरोप है कि उन्होंने एक किसान को बांग्लादेशी समझकर पीटा।
घटना के बाद हटखोला गांव में तनाव बढ़ गया है।
किसान ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
बीएसएफ की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है।

कोलकाता, 2 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के जवानों पर एक किसान को बांग्लादेशी नागरिक होने का संदेह जताते हुए पीटने का आरोप लगाया गया है। यह घटना रविवार को नदिया जिले के चापरा पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई। पुलिस ने इस घटना की जानकारी रविवार को दी।

पीड़ित किसान रफीकुल मोल्लाह ने बीएसएफ जवानों के खिलाफ चापरा थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। इस घटना के बाद हटखोला गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। यह गांव चापड़ा थाने के अधीन आता है। वर्तमान में पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची का विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) चल रहा है।

पुलिस के अनुसार, रफीकुल सुबह हटखोला गांव में एक चाय की दुकान पर कुछ स्थानीय लोगों से बातचीत कर रहा था। वह उसी क्षेत्र का निवासी है और पेशे से किसान है।

मीडिया के साथ बातचीत करते हुए रफीकुल ने कहा, "मैं एक चाय की दुकान पर बैठा था, तभी अचानक कुछ बीएसएफ के जवान वहां आ गए। उन्होंने मुझे ज़बरदस्ती उठाकर ले गए और काफी समय तक एक स्थान पर बिठाए रखा। उन्होंने मुझे बांग्लादेशी समझकर परेशान किया। वे चाहते थे कि मैं मान लूं कि मैं दूसरी तरफ से घुसपैठ करके आया हूं।"

किसान ने आगे आरोप लगाया कि जब उन्होंने उनके दावे को स्वीकार करने से मना कर दिया, तो बीएसएफ जवानों ने उनकी पिटाई की। उन्होंने मेरे पैरों में जंजीरें बांध दीं और मुझे बुरी तरह पीटा। मुझे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।

बाद में किसान को एक स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

इस मामले में स्थानीय पुलिस स्टेशन में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। हालांकि, बीएसएफ की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

कृष्णानगर पुलिस जिले की डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) शिल्पी पॉल ने कहा कि हमें बीएसएफ कंपनी कमांडर और एक कर्मी के खिलाफ मारपीट की लिखित शिकायत मिली है। हमने कंपनी कमांडर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वह अभी असम में हैं। हम मामले की गहन जांच कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर सवालिया निशान उठता है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नागरिकों के अधिकारों का सम्मान किया जाए और किसी भी संदेह के आधार पर हिंसा का सहारा न लिया जाए। हमें ऐसे मामलों में संवेदनशीलता से निपटना चाहिए।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किसान रफीकुल मोल्लाह ने क्या आरोप लगाया?
रफीकुल ने आरोप लगाया कि बीएसएफ जवानों ने उन्हें बांग्लादेशी समझकर पीटा और उनकी पिटाई की।
क्या बीएसएफ की ओर से कोई प्रतिक्रिया आई है?
अभी तक बीएसएफ की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
क्या पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की है?
पुलिस ने बीएसएफ के खिलाफ शिकायत दर्ज की है और मामले की जांच कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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