बेतिया में बस ने ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम में मारी टक्कर, पाँच की मौत; बस-ट्रक चालक फरार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम चंपारण जिले के लौरिया थाना क्षेत्र में 22 अगस्त 2026 की देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में पाँच लोगों की मौत हो गई और आधे दर्जन से अधिक घायल हो गए, जब शाही ट्रेवल्स की एक यात्री बस नियंत्रण खोकर बेतिया-लौरिया मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे चल रहे ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम में जा घुसी। यह हादसा परौ टोला बंकटवा के पास हुआ, जहाँ शत्रुघ्न दुबे के आवास पर एक छठियार समारोह के अंतर्गत संगीत कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था।
हादसे का घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाही ट्रेवल्स की यात्री बस गोरखपुर से बेतिया की ओर जा रही थी। रात करीब 11:50 बजे जब बस उस इलाके से गुज़र रही थी, तभी विपरीत दिशा से एक तेज़ रफ्तार ट्रक आ गया। टक्कर से बचने की कोशिश में बस कथित तौर पर नियंत्रण खो बैठी और सड़क किनारे जमा भीड़ में जा घुसी, जहाँ समारोह के दर्शक बैठे थे।
यह ऐसे समय में हुआ जब कार्यक्रम अपने चरम पर था और बड़ी संख्या में ग्रामीण वहाँ मौजूद थे। गौरतलब है कि सड़क किनारे इस तरह के आयोजनों में यातायात के लिए पर्याप्त जगह नहीं छोड़ी गई थी।
मृतकों की पहचान
हादसे में पाँच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान बहादुर महतो, संजय कुमार, भोला दुबे, देवेंद्र दुबे और छंगुर राम के रूप में हुई है — ये सभी बंकटवा गाँव के निवासी थे। देवेंद्र दुबे उस बच्चे के पिता थे जिसका छठियार संस्कार उसी रात मनाया जा रहा था — यह तथ्य इस त्रासदी को और अधिक मर्मांतक बनाता है।
घायल और राहत कार्य
इस दुर्घटना में विनय कुमार यादव, श्याम बाबू, मोती चंद्र महतो और नरेश राम सहित आधे दर्जन से अधिक लोग घायल हुए। पुलिस और स्थानीय निवासियों ने घायलों को जीएमसीएच बेतिया अस्पताल पहुँचाया। पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटनास्थल पर पहुँचे नरकटियागंज एसडीपीओ जयप्रकाश सिंह ने स्थिति को नियंत्रण में लाने में मदद की। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने दुर्घटना में शामिल बस और ट्रक को क्षतिग्रस्त कर दिया।
पुलिस कार्रवाई और जाँच
पश्चिम चंपारण पुलिस ने बस और ट्रक दोनों के चालकों के विरुद्ध लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया है। दोनों चालक फरार हैं और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं। दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जाँच चल रही है।
सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने सड़क किनारे बड़े सार्वजनिक समारोहों के आयोजन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आलोचकों का कहना है कि पर्याप्त सुरक्षा उपायों और यातायात के लिए उचित जगह सुनिश्चित किए बिना इस तरह के कार्यक्रमों की अनुमति देना खतरनाक है। बंकटवा गाँव इस त्रासदी से शोक में डूबा है और मृतकों के परिजन गहरे दुख में हैं। आने वाले दिनों में पुलिस जाँच के नतीजे और प्रशासन की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।