9 अक्टूबर 2026
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उपचुनाव 2026: असम में BJP, तमिलनाडु में TVK और पुडुचेरी में AINRC की जीत, पश्चिम बंगाल में BJP का बड़ा उलटफेर

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उपचुनाव 2026: असम में BJP, तमिलनाडु में TVK और पुडुचेरी में AINRC की जीत, पश्चिम बंगाल में BJP का बड़ा उलटफेर

सारांश

तीन राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में सत्ताधारी दलों का दबदबा बरकरार रहा — लेकिन असली चौंकाने वाली खबर पश्चिम बंगाल के रेजीनगर से आई, जहाँ 70% मुस्लिम आबादी वाली सीट पर BJP की भारी बढ़त ने राजनीतिक समीकरणों को हिला दिया और तृणमूल के बिखराव को उजागर कर दिया।

मुख्य बातें

असम की नगांव लोकसभा सीट पर BJP उम्मीदवार देवाशीष शर्मा 1.6 लाख वोटों की बड़ी बढ़त के साथ आगे।
तमिलनाडु में TVK ने धारापुरम (~67,000 वोट) और मदुरंतकम (~58,000 वोट) में मजबूत बढ़त बनाई।
पुडुचेरी की थट्टानचावडी सीट पर AINRC के अशोक आनंद ने कांग्रेस को 8,482 वोटों से हराया।
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में BJP की हासी रानी रथ को 1.2 लाख से अधिक वोटों से विजेता घोषित किया गया।
रेजीनगर (70%+ मुस्लिम आबादी) में BJP की 75,800 से ज़्यादा वोटों की बढ़त, TMC को मात्र 4,000 से कम वोट।
नंदीग्राम में TMC उम्मीदवार ने नाम वापस लिया, विरोधी गुट को केवल 853 वोट मिले।

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर 2026 — तीन राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए उपचुनावों में सत्ताधारी दलों ने अपनी पकड़ मजबूत की है। असम की नगांव लोकसभा सीट, तमिलनाडु की दो विधानसभा सीटों, पुडुचेरी की एक सीट और पश्चिम बंगाल की दो सीटों पर शुक्रवार को मतगणना लगभग संपन्न हो गई। परिणाम मौजूदा सरकारों के पक्ष में झुके हुए हैं, हालाँकि रेजीनगर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की बढ़त ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है।

नगांव लोकसभा सीट: BJP की बड़ी बढ़त

असम की नगांव संसदीय सीट पर BJP उम्मीदवार देवाशीष शर्मा अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 1.6 लाख से अधिक वोटों की बढ़त के साथ आगे चल रहे थे। यह सीट कांग्रेस नेता प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी, जिन्होंने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में यहाँ जीत दर्ज की थी। बाद में बोरदोलोई BJP में शामिल हो गए और 2026 के विधानसभा चुनाव में दिसपुर से निर्वाचित हुए।

तमिलनाडु में TVK की दोहरी जीत

तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने दोनों सीटों पर मजबूत प्रदर्शन किया। धारापुरम में 23 राउंड की मतगणना के बाद TVK लगभग 67,000 वोटों से आगे थी, जबकि मदुरंतकम में 21 में से 17 राउंड के बाद लगभग 58,000 वोटों की बढ़त बनाए हुए थी। गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनावों में TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और उसने सहयोगियों के साथ मिलकर सरकार बनाई थी।

पुडुचेरी: AINRC ने थट्टानचावडी सीट बरकरार रखी

पुडुचेरी की थट्टानचावडी विधानसभा सीट पर ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC) के उम्मीदवार अशोक आनंद ने कांग्रेस के ई. विनायगम को 8,482 वोटों के अंतर से पराजित किया। यह सीट मुख्यमंत्री नटेसन रंगास्वामी ने मंगलम सीट सँभालने के लिए छोड़ी थी, जहाँ उन्होंने इस वर्ष के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी। रंगास्वामी का थट्टानचावडी से लंबा राजनीतिक नाता रहा है — 1990 में वे यहाँ से हारे, फिर 1991 में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में जीते और 2006 में यहाँ से रिकॉर्ड 90 प्रतिशत वोट हासिल किए।

पश्चिम बंगाल: BJP का चौंकाने वाला प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट पर BJP की हासी रानी रथ को 1.2 लाख से अधिक वोटों के अंतर से विजेता घोषित किया गया। वहीं रेजीनगर में BJP उम्मीदवार शंकरव सरकार 75,800 से अधिक वोटों की बढ़त के साथ जीत की ओर थे — यह नतीजा उस सीट पर और भी उल्लेखनीय है जहाँ मुस्लिम आबादी 70 प्रतिशत से अधिक है। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर — जो बाबरी मस्जिद की प्रतिकृति बनाने के लिए चर्चित हैं — ने नौदा सीट बचाने के लिए रेजीनगर से हट जाने का फैसला किया था। उनके पुत्र गुलाम नबी आजाद एक पूर्व उपचुनाव में यह सीट AJUP के लिए नहीं बचा पाए थे।

तृणमूल का बिखराव और विश्लेषकों की राय

विश्लेषकों के अनुसार, ममता बनर्जी की ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस साल के विधानसभा चुनाव में हार के बाद बिखरी हुई नज़र आई। रेजीनगर में TMC को मात्र 4,000 से कम वोट मिले, जबकि डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस को 2,000 से कुछ अधिक। नंदीग्राम — जो कभी ममता की सत्ता की बुनियाद रहा — में उनके उम्मीदवार ने चुनाव से नाम वापस ले लिया, और विरोधी गुट को केवल 853 वोट मिले। जानकारों का कहना है कि BJP के पक्ष में मुस्लिम बहुल क्षेत्र का झुकाव इस संकेत के तौर पर देखा जा रहा है कि समुदाय का एक वर्ग विकास की उम्मीद में BJP सरकार की ओर मुड़ रहा है। BJP नेता सुवेंदु अधिकारी ने उपचुनाव से पहले ही बदलाव का दावा किया था और इलाके के विकास का वादा किया था। आगे की राजनीतिक दिशा इन परिणामों से काफी हद तक तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पश्चिम बंगाल की बदलती राजनीति का संकेत है — 70% से अधिक मुस्लिम आबादी वाली सीट पर BJP की इतनी बड़ी बढ़त यह दर्शाती है कि पहचान-आधारित मतदान का पुराना समीकरण टूट रहा है। तृणमूल कांग्रेस का बिखराव और नंदीग्राम जैसी प्रतीकात्मक सीट पर उम्मीदवार तक न खड़ा कर पाना ममता के बाद के रिक्तता को उजागर करता है। दूसरी ओर, असम और पुडुचेरी के नतीजे यह पुष्टि करते हैं कि सत्ताधारी दल उपचुनावों में संसाधन और प्रशासनिक लाभ को मतों में बदलने में माहिर हैं — लेकिन रेजीनगर की असली परीक्षा 2031 के आम विधानसभा चुनाव में होगी।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपचुनाव 2026 में किन सीटों पर मतगणना हुई?
9 अक्टूबर 2026 को असम की नगांव लोकसभा सीट और पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम व रेजीनगर, तमिलनाडु की मदुरंतकम व धारापुरम, तथा पुडुचेरी की थट्टानचावडी विधानसभा सीटों पर मतगणना हुई। कुल पाँच विधानसभा और एक लोकसभा सीट के नतीजे आए।
नगांव लोकसभा सीट BJP को क्यों मिली और यह सीट खाली क्यों हुई थी?
नगांव सीट कांग्रेस नेता प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जो BJP में शामिल होकर 2026 के विधानसभा चुनाव में दिसपुर से जीते। BJP उम्मीदवार देवाशीष शर्मा अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 1.6 लाख वोटों की बढ़त के साथ आगे रहे।
रेजीनगर में BJP की जीत इतनी चौंकाने वाली क्यों मानी जा रही है?
रेजीनगर में मुस्लिम आबादी 70% से अधिक है और यह सीट ऐतिहासिक रूप से मुस्लिम-बहुल दलों के पक्ष में रही है। BJP उम्मीदवार शंकरव सरकार की 75,800 से ज़्यादा वोटों की बढ़त ने विश्लेषकों को चौंका दिया, जो इसे मुस्लिम समुदाय के एक वर्ग के BJP की ओर झुकाव का संकेत मान रहे हैं।
तमिलनाडु में TVK के परिणामों का क्या महत्व है?
TVK ने धारापुरम में ~67,000 और मदुरंतकम में ~58,000 वोटों की बड़ी बढ़त के साथ दोनों सीटें जीतीं। इस साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद यह TVK की राज्य में बढ़ती पकड़ की पुष्टि करता है।
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का प्रदर्शन इन उपचुनावों में कैसा रहा?
TMC का प्रदर्शन बेहद कमज़ोर रहा। रेजीनगर में TMC को 4,000 से कम वोट मिले और नंदीग्राम में उनके उम्मीदवार ने चुनाव से नाम वापस ले लिया, जबकि विरोधी गुट को केवल 853 वोट मिले। विश्लेषकों के अनुसार, 2026 चुनाव में हार के बाद पार्टी में बड़े पैमाने पर बिखराव आया है।
राष्ट्र प्रेस
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