BJP मुख्यालय में पूड़ी-जलेबी की तैयारी, शुरुआती रुझानों से कार्यकर्ताओं में जीत की हैट्रिक का उत्साह
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में 4 मई को मतगणना शुरू होते ही जश्न की तैयारियाँ शुरू हो गईं, जब असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी से आए शुरुआती रुझानों ने पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह भर दिया। पार्टी कार्यालय की रसोई में पूड़ियाँ तली जा रही हैं और जलेबियाँ बनाई जा रही हैं, जबकि आधिकारिक नतीजों का इंतजार अभी जारी है।
मुख्यालय में उत्सव का माहौल
दिल्ली स्थित BJP मुख्यालय में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक पहुँच रहे हैं। रसोई में पूड़ियाँ तलने का सिलसिला लगातार जारी है और जलेबी सहित अन्य पकवान भी तैयार किए जा रहे हैं। कार्यकर्ताओं के बीच उत्सुकता साफ झलक रही है और संभावित जीत की हैट्रिक को लेकर उत्साह चरम पर है। हालाँकि, आधिकारिक नतीजे आने बाकी हैं।
किन राज्यों में हो रही है मतगणना
सोमवार को चार राज्यों — असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल — तथा केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित किए जा रहे हैं। असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को एकल चरण में मतदान हुआ था, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाले गए। पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को संपन्न हुए।
पश्चिम बंगाल की एक सीट पर पुनर्मतदान
पश्चिम बंगाल की कुल 294 सीटों में से 293 सीटों के नतीजे आज घोषित किए जाएँगे। फाल्टा सीट पर चुनाव आयोग (ECI) ने पुनर्मतदान का निर्णय लिया है, जो 21 मई को होगा और उसके नतीजे 24 मई को घोषित किए जाएँगे। गौरतलब है कि इस सीट पर मतदान प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायत के बाद यह निर्णय लिया गया था।
मतदान प्रतिशत के आँकड़े
आँकड़ों के अनुसार, इन राज्यों में रिकॉर्ड मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया। पश्चिम बंगाल में सर्वाधिक 92.47% मतदान हुआ, पुडुचेरी में 89.08%, असम में 85.38%, तमिलनाडु में 85.1% और केरल में 78% मतदान रिकॉर्ड किया गया। उच्च मतदान प्रतिशत को आमतौर पर मतदाताओं की बढ़ी हुई भागीदारी का संकेत माना जाता है, हालाँकि इसका सीधा संबंध किसी एक दल की जीत से नहीं जोड़ा जा सकता।
सुरक्षा व्यवस्था और आगे की स्थिति
देशभर के सभी मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और सख्त निगरानी रखी जा रही है। जैसे-जैसे रुझान स्पष्ट होंगे, राजनीतिक तस्वीर भी साफ होती जाएगी। आने वाले कुछ घंटों में पाँचों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के आधिकारिक नतीजे सामने आ जाएँगे, जो अगले कुछ वर्षों की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।