एआई एग्जिट पोल: असम में भाजपा को हैट्रिक का अनुमान, पश्चिम बंगाल में BJP-TMC के बीच कड़ी टक्कर
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को संपन्न होने के साथ ही जी न्यूज के एआई एग्जिट पोल (जीनिया) के नतीजे सामने आ गए हैं। इस सर्वे के अनुसार पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच कड़ी टक्कर का अनुमान लगाया गया है, जबकि असम में BJP नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की जीत की हैट्रिक की संभावना जताई गई है। पाँचों राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के आधिकारिक नतीजे 4 मई को मतगणना के बाद सामने आएंगे।
पश्चिम बंगाल में क्या कहता है एग्जिट पोल
जी न्यूज के एआई एग्जिट पोल के अनुमान के मुताबिक पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से BJP को 144 से 160 सीटें मिल सकती हैं। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की TMC को 129 से 145 सीटें मिलने का अनुमान है। उल्लेखनीय है कि इस सर्वे में बंगाल में सत्ता परिवर्तन की संभावना जताई गई है, जो राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।
गौरतलब है कि बंगाल में पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान हुआ। पहले चरण में 93.19 प्रतिशत और दूसरे चरण में करीब 90 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
असम में NDA की हैट्रिक का अनुमान
असम की 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान संपन्न हुआ था। जी न्यूज के एआई एग्जिट पोल के अनुसार NDA को 80 से 86 सीटें मिलने का अनुमान है। कांग्रेस को 29 से 35 सीटें और अन्य दलों को 8 से 13 सीटें मिल सकती हैं। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो असम में BJP नीत सरकार लगातार तीसरी बार सत्ता में आएगी।
असम में मुख्यमंत्री की पहली पसंद कौन
एग्जिट पोल में असम के अगले मुख्यमंत्री को लेकर भी सर्वे किया गया। इसके अनुसार मौजूदा मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को 52 प्रतिशत लोगों की पहली पसंद बताया गया है। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई को 31 प्रतिशत, सर्बानंद सोनोवाल को 10 प्रतिशत और अखिल गोगोई को 7 प्रतिशत समर्थन मिला है।
अन्य राज्यों के नतीजों पर नज़र
इसी के साथ केरल, तमिलनाडु और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी के नतीजे भी 4 मई को घोषित किए जाएंगे। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में विधानसभा चुनाव के नतीजों को 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले की राजनीतिक दिशा के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
एग्जिट पोल की सीमाएँ
यह ध्यान देना ज़रूरी है कि एग्जिट पोल के अनुमान आधिकारिक चुनाव परिणाम नहीं हैं। ये सर्वे मतदाताओं की राय पर आधारित होते हैं और अतीत में कई बार ये अनुमान वास्तविक नतीजों से काफी अलग रहे हैं। असली तस्वीर 4 मई को मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगी।