क्या पंजाब में सीबीआई कोर्ट ने 7.8 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड मामले में सात आरोपियों को तीन साल की सजा दी?

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क्या पंजाब में सीबीआई कोर्ट ने 7.8 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड मामले में सात आरोपियों को तीन साल की सजा दी?

सारांश

पंजाब में सीबीआई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण बैंक फ्रॉड मामले में सात आरोपियों को सजा सुनाई है। जानें इस मामले के पीछे की कहानी और इससे जुड़े सभी महत्वपूर्ण तथ्य।

Key Takeaways

  • सात आरोपियों को तीन साल की सजा सुनाई गई है।
  • मुख्य आरोपियों पर 35,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
  • अन्य आरोपियों पर 15,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
  • बैंक को 7.83 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
  • सीबीआई ने जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की थी।

चंडीगढ़, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की कोर्ट ने पंजाब के साहिबजादा अजीत सिंह नगर में 7.8 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड मामले में सात आरोपियों को दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाई है।

इस मामले के मुख्य आरोपियों मनीष जैन और रमेश कुमार जैन को तीन साल की कठोर कारावास (आरआई) और प्रत्येक पर 35,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया, जबकि अन्य आरोपियों रचना जैन, भूपिंदर सिंह, प्रतीपाल सिंह, संजीव कुमार जैन और अनीता जैन को भी तीन साल की जेल की सजा और प्रत्येक पर 15,000 रुपए का जुर्माना दिया गया है।

यह मामला 4 नवंबर 2016 को बैंक ऑफ़ बड़ौदा की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मनीष ट्रेडर्स के पार्टनर मनीष जैन, रमेश कुमार जैन और कांता जैन ने बैंक के कुछ अज्ञात अधिकारियों के साथ मिलकर 7.83 करोड़ रुपए का फ्रॉड किया। सीबीआई की जांच में सामने आया कि इस साजिश के तहत बैंक को गलत तरीके से बड़ी राशि का नुकसान पहुंचाया गया।

जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 28 जून 2017 को इस मामले में सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने सभी सबूतों और गवाहों की सुनवाई के बाद दोषियों को सजा सुनाई।

सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में साजिश के तहत बैंक को हानि पहुंचाना और फर्जीवाड़ा करना आरोपियों का मुख्य उद्देश्य था। अदालत ने मामले की पूरी जांच और चार्जशीट के आधार पर फैसला सुनाया और सभी दोषियों को सजा के साथ-साथ जुर्माना भी लगाया।

इस मामले में दोषियों को दी गई सजा तीन साल की है, लेकिन जुर्माना और कड़ी निगरानी के कारण आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की संभावना भी बनी हुई है। सीबीआई ने कहा है कि वे भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त और निष्पक्ष जांच जारी रखेंगे।

Point of View

यह मामला न्याय प्रणाली की प्रभावशीलता का एक उदाहरण है। सीबीआई ने प्रभावी ढंग से जांच की और दोषियों को सजा दी। इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई आवश्यक है ताकि अन्य लोग भी इस तरह की गतिविधियों से दूर रहें।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

बैंक फ्रॉड क्या होता है?
बैंक फ्रॉड वह धोखाधड़ी है जिसमें किसी व्यक्ति या समूह द्वारा बैंक के संसाधनों का गलत उपयोग किया जाता है।
सीबीआई क्या है?
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) भारत की प्रमुख जांच एजेंसी है, जो गंभीर अपराधों की जांच करती है।
इस मामले में कितने आरोपी थे?
इस मामले में कुल सात आरोपी थे, जिनमें मुख्य आरोपी मनीष जैन और रमेश कुमार जैन शामिल हैं।
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