क्या सीबीआई ने रिश्वतखोरी मामले में बड़ा एक्शन लिया है?
सारांश
मुख्य बातें
विजयवाड़ा, 29 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। सीबीआई ने रिश्वतखोरी के मामले में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने 70,000 रुपए की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के मामले में इनकम टैक्स इंस्पेक्टर समेत दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
शिकायतकर्ता के खिलाफ की गई याचिकाओं पर कार्रवाई न करने के लिए सीबीआई ने मंगलवार को एक मामला दर्ज किया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आयकर आयुक्त कार्यालय में कार्यरत एक अधिकारी ने एक बिचौलिए के माध्यम से 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।
शिकायतकर्ता, जो आंध्र प्रदेश के एलुरु में एक मोबाइल सेवा की दुकान चलाता है, ने बताया कि इनकम टैक्स इंस्पेक्टर ने उसके खिलाफ प्राप्त याचिकाओं पर नोटिस न देकर और छापेमारी न करने के लिए रिश्वत मांगी थी।
जब शिकायतकर्ता ने इतनी बड़ी राशि देने में असमर्थता दिखाई, तो अंततः 1,20,000 रुपए (जिसमें अधिकारी के लिए 1 लाख रुपए और दलाल के लिए 20,000 रुपए) पर समझौता किया गया। सीबीआई ने इस मामले में जाल बिछाया और आरोपी दलाल को विजयवाड़ा के इनकम टैक्स इंस्पेक्टर की ओर से शिकायतकर्ता से 70,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया।
इसके बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अब उन्हें विजयवाड़ा में सीबीआई मामलों की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इनकम टैक्स इंस्पेक्टर बी. रामचंद्र राव और एलुरु के पाला गुडेम निवासी दलाल राजू उर्फ राजरत्नम के रूप में हुई है।