12 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या सीबीआई ने रिश्वतखोरी के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या सीबीआई ने रिश्वतखोरी के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया?

सारांश

सीबीआई ने एक बड़े रिश्वतखोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है। अजीत कुमार पात्रा और मिंकू लाल जैन को गिरफ्तार किया गया है। यह दोनों वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों का भेष धारण कर लोगों से पैसे वसूलते थे। क्या यह मामला और भी बड़े नेटवर्क को उजागर करेगा?

मुख्य बातें

सीबीआई ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।
अजीत कुमार पात्रा और मिंकू लाल जैन को गिरफ्तार किया गया है।
इन आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों का भेष धारण किया था।
करीब ३.७ करोड़ रुपए नकद और अन्य सामान जब्त किया गया।
सीबीआई ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है।

नई दिल्ली, ११ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक विशाल रिश्वतखोरी गिरोह का खुलासा करते हुए अजीत कुमार पात्रा और उसके सहयोगी मिंकू लाल जैन को गिरफ्तार किया है। दोनों पर आरोप है कि इन्होंने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों का भेष धारण कर लोगों से भारी रकम वसूली है।

सीबीआई के अनुसार, यह कार्रवाई विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। जांच में पता चला कि अजीत पात्रा और मिंकू जैन विभिन्न मंत्रालयों, न्यायिक और प्रवर्तन अधिकारियों के नाम पर कार्य करते थे और खुद को केंद्रीय एजेंसियों से जुड़े बताकर लोगों को भयभीत करते थे। इस दौरान वे सरकारी आवासों में ठहरते, वीआईपी प्रोटोकॉल का लाभ उठाते और प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करते थे।

यह मामला ४ नवंबर २०२५ की उस छापेमारी से संबंधित है, जब जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई), जयपुर ने मेसर्स साइबर नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ विनोद परिहार के परिसरों में छापा मारा था।

उस समय गिरफ्तारी से बचने के लिए परिहार ने कथित तौर पर अजीत पात्रा से संपर्क किया, जिसने डीजीजीआई अधिकारियों के नाम पर १८ लाख रुपए की रिश्वत मांगी।

सीबीआई ने १० नवंबर को जाल बिछाकर अजीत पात्रा और मिंकू जैन को उस समय गिरफ्तार किया जब वे विनोद परिहार से भेजे गए जगजीत सिंह गिल के माध्यम से रिश्वत की रकम ले रहे थे। मौके से १८ लाख रुपए की ट्रैप राशि भी बरामद की गई।

इसके बाद दिल्ली, राजस्थान और ओडिशा में तलाशी के दौरान लगभग ३.७ करोड़ रुपए नकद, करीब १ किलोग्राम सोने के आभूषण, अजीत पात्रा और उसके रिश्तेदारों के नाम पर २६ संपत्तियों के दस्तावेज, चार लक्जरी कारें, १२ अन्य वाहन और कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए।

सीबीआई के अधिकारियों के अनुसार, यह एक सुनियोजित नेटवर्क था जो वरिष्ठ अधिकारियों से निकटता का झूठा दावा कर लोगों को ठगता था। एजेंसी ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

--आईएएएस

एसएके/पीएसके

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने किन लोगों को गिरफ्तार किया?
सीबीआई ने अजीत कुमार पात्रा और मिंकू लाल जैन को गिरफ्तार किया है।
इन आरोपियों पर क्या आरोप हैं?
इन पर वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों का भेष धारण कर लोगों से पैसे वसूलने का आरोप है।
क्या सीबीआई की कार्रवाई से और भी बड़ी जानकारी सामने आएगी?
हाँ, यह मामला एक बड़े नेटवर्क के खुलासे का संकेत दे सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 8 महीने पहले
  3. 10 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले