क्या सीईओ के औचक निरीक्षण से समस्याओं का समाधान होगा?

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क्या सीईओ के औचक निरीक्षण से समस्याओं का समाधान होगा?

सारांश

नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने सदरपुर का निरीक्षण किया और समस्याओं के समाधान के लिए सख्त निर्देश दिए। क्या यह कार्रवाई ग्रामीण सुविधाओं में सुधार लाएगी? जानें सभी महत्वपूर्ण बिंदु इस लेख में।

Key Takeaways

  • सीईओ द्वारा समस्याओं का गहन निरीक्षण किया गया।
  • गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी थी।
  • सभी समस्याओं के लिए समयबद्ध निर्देश दिए गए।
  • सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए कड़ा रुख अपनाया गया।
  • अन्य गांवों का भी सर्वे करने के निर्देश दिए गए।

नोएडा, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ने 14 जनवरी को नोएडा के ग्राम सदरपुर का दौरा करके गांव का विस्तृत निरीक्षण किया। इस अवसर पर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक एसपी सिंह, महाप्रबंधक आरपी सिंह, उप महाप्रबंधक (सिविल) विजय रावल, जनस्वास्थ्य विभाग से इंदु प्रकाश सिंह के अलावा वर्क सर्किल, जल खंड और विद्युत/यांत्रिकी खंड के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

निरीक्षण के दौरान, सीईओ ने गांव में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं, चल रहे विकास कार्यों और ग्रामवासियों द्वारा उठाए गए मुद्दों का मूल्यांकन किया। उन्होंने देखा कि कई स्थानों पर सड़क, जलापूर्ति, सीवर, सफाई और यातायात से संबंधित समस्याएं हैं। इन सभी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए उन्होंने संबंधित विभागों को सख्त और समयबद्ध निर्देश जारी किए।

सीईओ ने डीएससी मार्ग पर एलिवेटेड रोड से उतरते समय तेज गति से चलने वाले वाहनों को देखते हुए सेक्टर-41 और 42 के पास स्पीड ब्रेकर बनाने के आदेश दिए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके। वहीं, सेक्टर-42 में अवैध झुग्गियों के मामले में कार्रवाई न होने पर वर्क सर्किल-3 के वरिष्ठ प्रबंधक को नोटिस जारी करने और वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।

ग्राम सदरपुर के मुख्य मार्ग पर वाहनों के मुड़ने की मांग को देखते हुए यातायात दबाव के अनुसार सेक्टर 42-43 की ओर 100 मीटर की दूरी पर यू-टर्न बनाने का निर्णय लिया गया। जल विभाग को मैनहोल की सफाई के दौरान क्षतिग्रस्त कंक्रीट को पुनः वर्गाकार रूप में बनाने के निर्देश दिए गए।

साथ ही, गांव में चल रहे सीवर पाइपलाइन और जलापूर्ति लाइन के कार्यों को शीघ्र पूरा करने और उसके बाद तुरंत सीसी रोड निर्माण कराने को कहा गया। सफाई व्यवस्था को लेकर भी सीईओ ने कड़ा रुख अपनाया। ग्रामवासियों की शिकायत पर संबंधित संविदाकार को नोटिस जारी करने और प्रतिदिन नियमित स्ट्रीट स्वीपिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

सोम बाजार क्षेत्र में रेहड़ी-ठेलियों के कारण फैल रही गंदगी पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें हटाने और दोबारा न लगाने के आदेश जारी किए गए। एफसीटीएस सेंटर से बाहर फैल रहे कूड़े को सीधे कॉम्पेक्टर में डालने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा, सड़क से नीचे हो चुके स्कूल के पुनर्निर्माण, गांव के विभिन्न चौराहों पर हाईमास्ट लाइट लगाने, क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत, कम्युनिटी सेंटर के अनुरक्षण, शिव मंदिर के पास ओपन जिम और प्लेग्राउंड में घास लगाने, तालाब की सफाई व पुनर्जीवन जैसे कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

सीईओ ने जल विभाग के सभी कार्य फरवरी अंत तक और सिविलविद्युत विभाग के कार्य मार्च अंत तक पूरे करने के आदेश दिए। साथ ही, जनस्वास्थ्य विभाग को तीन दिन में पूरे गांव की सफाई कर फोटो सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

अंत में, उन्होंने अन्य गांवों का भी सर्वे कर समस्याओं के समाधान के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके।

Point of View

विशेषकर बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में।
NationPress
15/01/2026

Frequently Asked Questions

सीईओ का निरीक्षण कब हुआ?
सीईओ का निरीक्षण 14 जनवरी को हुआ।
निरीक्षण में कौन-कौन उपस्थित थे?
निरीक्षण में नोएडा प्राधिकरण के कई वरिष्ठ अधिकारी और ग्रामवासी उपस्थित थे।
सीईओ ने कौन-कौन सी समस्याओं पर ध्यान दिया?
सीईओ ने सड़क, जलापूर्ति, सीवर, सफाई और यातायात समस्याओं पर ध्यान दिया।
सीईओ ने किस प्रकार के निर्देश दिए?
सीईओ ने संबंधित विभागों को सख्त और समयबद्ध निर्देश दिए।
गांव की सफाई के लिए क्या निर्देश दिए गए?
जनस्वास्थ्य विभाग को तीन दिन में सफाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
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