8 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चारधाम यात्रा-2026 का ऑनलाइन पंजीकरण आज से शुरू, जानें सभी महत्वपूर्ण बातें

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चारधाम यात्रा-2026 का ऑनलाइन पंजीकरण आज से शुरू, जानें सभी महत्वपूर्ण बातें

सारांश

चारधाम यात्रा-2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण आज से प्रारंभ हुआ है। ऑफलाइन पंजीकरण 17 अप्रैल से होगा। उत्तराखंड सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया को अनिवार्य किया है। जानें कैसे और कहां पंजीकरण कराना है।

मुख्य बातें

ऑनलाइन पंजीकरण आज से शुरू हुआ है।
ऑफलाइन पंजीकरण 17 अप्रैल से होगा।
पंजीकरण के लिए आधार कार्ड आवश्यक है।
पंजीकरण केंद्र ऋषिकेश , हरिद्वार और देहरादून में हैं।
यात्रा को सुगम बनाने के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य है।

देहरादून, 6 मार्च (आईएएनस)। चारधाम यात्रा-2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण आज सुबह 7 बजे से शुरू हो गया है। वहीं, 17 अप्रैल से ऑफलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया भी प्रारंभ होगी। उत्तराखंड सरकार ने यात्रा से पूर्व पंजीकरण को अनिवार्य कर दिया है। ऑनलाइन पंजीकरण उत्तराखंड सरकार की वेबसाइट रजिस्ट्रेशनडीटूरिस्टकेयर.यूके.जीओवी.इन और मोबाइल ऐप टूरिस्ट केयर उत्तराखंड के माध्यम से किया जा सकता है।

उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुलेंगे। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। श्रीहेमकुण्ड साहिब की आधिकारिक घोषणा बाद में की जाएगी।

सरकार ने बताया है कि चारधाम यात्रा-2026 में भाग लेने वाले भारतीय श्रद्धालु आधार कार्ड के माध्यम से पंजीकरण करवा सकते हैं, जबकि विदेशी श्रद्धालुओं के लिए ई-मेल आईडी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

जो श्रद्धालु आधार कार्ड नहीं रख पाते, उनके लिए इस साल भी पंजीकरण काउंटरों की व्यवस्था की गई है। ये काउंटर यात्रा के कपाट खुलने से दो दिन पूर्व, 17 अप्रैल 2026 से शुरू किए जाएंगे। पंजीकरण केंद्र एवं ट्रांजिट कैंप ऋषिकेश, पंजीकरण केंद्र ऋषिकुल ग्राउंड हरिद्वार और पंजीकरण केंद्र विकास नगर देहरादून में स्थापित होंगे।

श्रद्धालु किसी भी जानकारी या समस्या के लिए टोल फ्री नंबर 0135-1364 पर संपर्क कर सकते हैं। उत्तराखंड सरकार ने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि यात्रा को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए यात्रा से पूर्व अपना पंजीकरण अवश्य करवा लें।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यमुनोत्री से यात्रा प्रारंभ करने पर श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की रुकावट का सामना नहीं करना पड़ता है। यमुनोत्री, यमुना नदी का उद्गम स्थल है। यमुना जी यमराज की बहन मानी जाती हैं और उन्हें यह वरदान प्राप्त है कि वह अपने जल के माध्यम से सभी का दुख दूर करेंगी। मान्यता है कि जो श्रद्धालु यमुनोत्री में स्नान करता है, उसे मृत्यु के भय से मुक्ति मिल जाती है। हर साल की भांति इस बार भी बाबा केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शनों के लिए लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पर्यटन उद्योग के लिए भी महत्वपूर्ण है। सरकार ने पंजीकरण को अनिवार्य कर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि यात्रा सुगम और व्यवस्थित हो।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चारधाम यात्रा-2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कब शुरू हुआ?
ऑनलाइन पंजीकरण 6 मार्च 2026 को सुबह 7 बजे से शुरू हुआ।
ऑफलाइन पंजीकरण कब शुरू होगा?
ऑफलाइन पंजीकरण 17 अप्रैल 2026 से शुरू होगा।
पंजीकरण के लिए क्या दस्तावेज़ आवश्यक हैं?
भारतीय श्रद्धालुओं के लिए आधार कार्ड और विदेशी श्रद्धालुओं के लिए ई-मेल आईडी आवश्यक है।
कहां पर पंजीकरण के काउंटर खोले जाएंगे?
पंजीकरण केंद्र ऋषिकेश, ऋषिकुल ग्राउंड हरिद्वार और विकास नगर देहरादून में खोले जाएंगे।
क्या यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य है?
जी हां, उत्तराखंड सरकार ने यात्रा से पहले पंजीकरण को अनिवार्य कर दिया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले