क्या चीन इंटरनेट वातावरण पर शासन की दीर्घकालिक तंत्र में सुधार करेगा?
सारांश
Key Takeaways
- इंटरनेट पर शासन को मजबूत करने के लिए दीर्घकालिक तंत्र में सुधार आवश्यक है।
- नई तकनीकों का उपयोग इंटरनेट वातावरण के विकास में सहायक है।
- साइबरस्पेस में साझा भविष्य के समुदाय का निर्माण करना जरूरी है।
बीजिंग, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो ने 28 नवंबर को इंटरनेट वातावरण पर शासन को मजबूत करने के लिए 23वां सामूहिक अध्ययन किया।
सीपीसी के महासचिव शी चिनफिंग ने अध्ययन की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इंटरनेट वातावरण पर शासन को सुदृढ़ करना एक महत्वपूर्ण मिशन है, जो देश के विकास, सुरक्षा और जनता के हितों से जुड़ा हुआ है। दीर्घकालिक तंत्र में सुधार करते हुए शासन की दूरदर्शिता, सटीकता, व्यवस्थित दृष्टिकोण और सहयोग को उन्नत करना आवश्यक है, ताकि स्वच्छ और स्वस्थ साइबरस्पेस का निर्माण किया जा सके।
शी चिनफिंग ने बताया कि सीपीसी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद से चीन ने इंटरनेट पर शासन को प्राथमिकता दी है और इंटरनेट अराजकता का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया है। वर्तमान में, इंटरनेट वातावरण में सुधार हो रहा है। इंटरनेट पर शासन का राष्ट्रीय शासन में एक महत्वपूर्ण स्थान है। सीपीसी के केंद्रीय नेतृत्व में व्यापक शासन के ढांचे में सुधार आवश्यक है। विभिन्न सरकारी विभागों को अपनी राजनीतिक और नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाते हुए समय पर समस्याओं का समाधान करना चाहिए। इसके साथ ही, इंटरनेट प्लेटफ़ॉर्म, स्व-मीडिया और बहु-चैनल इंटरनेट संगठनों के मार्गदर्शन को मजबूत करना चाहिए ताकि उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित किया जा सके।
शी चिनफिंग ने कहा कि वर्तमान में एआई और बिग डेटा जैसी नई तकनीकें आ रही हैं, जो इंटरनेट पर शासन के लिए चुनौतियों के साथ-साथ समर्थन भी प्रदान करती हैं। साइबरस्पेस क्षेत्र में नई तकनीकों के विकास को प्रोत्साहित कर अध्ययन की उपलब्धियों के परिणामों में बदलाव को बढ़ावा देना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि इंटरनेट वातावरण पर शासन सभी देशों के लिए समान समस्या है। चीन अंतर्राष्ट्रीय नियमों को बनाने में सक्रिय भागीदारी करता है और विभिन्न देशों के साथ मिलकर साइबर अपराध का मुकाबला करता है। इससे साइबरस्पेस में साझे भविष्य वाले समुदाय का निर्माण किया जा सकता है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)