सोनम वांगचुक की रिहाई: कांग्रेस नेता खाचरियावास ने कहा, 'सरकार ने गलती मानी'
सारांश
Key Takeaways
- सोनम वांगचुक की रिहाई पर केंद्र सरकार की सफाई
- कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास की कड़ी प्रतिक्रिया
- लद्दाख में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने की आवश्यकता
जयपुर, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लद्दाख के पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ता और सामाजिक विचारक सोनम वांगचुक की हिरासत को तुरंत रद्द करने के फैसले के बाद प्रतिक्रियाएँ तेज़ हो गई हैं। इस संदर्भ में, कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी गिरफ्तारी प्रारंभ से ही अनुचित थी और देशभर में इसका विरोध देखने को मिला।
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से शनिवार को विशेष बातचीत में खाचरियावास ने कहा कि जब गृह मंत्रालय ने उनकी रिहाई के आदेश दिए हैं, तो यह स्पष्ट है कि सरकार ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। उन्होंने आगे कहा कि सोनम वांगचुक का सम्मान सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में किया जाता है। उनके कार्य, कार्यशैली और पर्यावरण व समाज के प्रति उनके प्रयासों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। वांगचुक की पहचान मानवता के हित में कार्य करने वाले व्यक्ति के तौर पर है और वे वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार करना अत्यंत अनुचित था।
खाचरियावास ने यह भी कहा कि अब जब उन्हें रिहा किया जा रहा है, तो केंद्र सरकार को जनता के सामने स्पष्ट जवाब देना चाहिए कि उनकी गिरफ्तारी का कारण क्या था। केंद्र सरकार को सोनम वांगचुक से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि विचार-विमर्श के बाद सरकार ने सोनम वांगचुक की हिरासत को तुरंत रद्द करने का निर्णय लिया है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि सरकार लद्दाख की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपायों में प्रतिबद्ध है।
गृह मंत्रालय के अनुसार, 24 सितंबर 2025 को लेह में उत्पन्न हुई गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लेह के जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत 26 सितंबर 2025 को सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया गया था। मंत्रालय ने बताया कि एनएसए के तहत उन्हें हिरासत में रखे जाने की अवधि का लगभग आधा समय बीत चुका था।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि सरकार लद्दाख में विभिन्न हितधारकों और सामुदायिक नेताओं के साथ लगातार संवाद कर रही है ताकि क्षेत्र के लोगों की आकांक्षाओं और चिंताओं का समाधान किया जा सके। हालाँकि, मंत्रालय के अनुसार, बंद और विरोध प्रदर्शनों का मौजूदा माहौल समाज की शांति के लिए हानिकारक साबित हो रहा है। इससे छात्रों, नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं, व्यापारियों, टूर ऑपरेटरों और पर्यटकों सहित कई वर्गों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है और क्षेत्र की समग्र अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
यह ध्यान देने योग्य है कि सोनम वांगचुक की हिरासत और अब उनकी रिहाई को लेकर देशभर में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा जारी है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल इसे सरकार की गलती मानते हैं, जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया था।