प्रियंका चतुर्वेदी: सोनम वांगचुक के मामले पर सरकार की नीति पर उठे सवाल

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प्रियंका चतुर्वेदी: सोनम वांगचुक के मामले पर सरकार की नीति पर उठे सवाल

सारांश

नई दिल्ली में प्रियंका चतुर्वेदी ने सोनम वांगचुक की हिरासत को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने उनकी मांगों को सुनने की अपील की है। जानिए इस मुद्दे पर और क्या कहा गया।

Key Takeaways

  • सोनम वांगचुक की हिरासत पर सवाल उठाए गए।
  • प्रियंका चतुर्वेदी ने सरकार से उनकी मांगों को सुनने का आग्रह किया।
  • यूसीसी पर चर्चा का महत्व बताया गया।
  • कांग्रेस नेताओं के पार्टी बदलने की चिंता व्यक्त की गई।
  • सामाजिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता।

नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हिरासत में लिए जाने पर केंद्र सरकार की कड़ी निंदा की।

उन्होंने सोनम वांगचुक के खिलाफ दर्ज किए गए मामलों को शर्मनाक करार दिया और सरकार से अनुरोध किया कि वह लेह-लद्दाख के संबंध में उनकी मांगों पर ध्यान दे।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, "सोनम ने पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाई है और एक समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं, फिर भी उन्हें बिना किसी गलती के जेल में डाल दिया गया। रिहा होने के बाद भी उनका संघर्ष जारी है। यह संघर्ष किसी टकराव या अशांति के लिए नहीं है, बल्कि उनसे किए गए वादों को पूरा करने के लिए है। जब अनुच्छेद 370 को हटाया गया था, तब उन्होंने इस कदम का स्वागत किया था।"

उन्होंने आगे कहा, "अगर वह अपनी बात रख रहे हैं, तो यह दर्शाता है कि सरकार की तरफ से कुछ कमियां हो सकती हैं। मेरा मानना है कि जम्मू-कश्मीर में पूर्ण राज्य का दर्जा लागू किया जाना चाहिए और सोनम वांगचुक की मांगों को सुना जाना चाहिए।"

ये टिप्पणियां वांगचुक की जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहाई के बाद आई हैं। लगभग छह महीने की हिरासत के बाद केंद्र सरकार ने एनएसए के तहत उनकी निवारक हिरासत को रद्द कर दिया था, जिसके बाद उन्हें रिहा किया गया।

वहीं, कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रियंका चतुर्वेदी ने इस पर चिंता जताई है।

उन्होंने राष्ट्र प्रेस से कहा कि यह एक गंभीर मामला है कि कांग्रेस के नेताओं को लगातार "तोड़ा" जा रहा है और उन्हें भारतीय जनता पार्टी में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तो चुने हुए जनप्रतिनिधि भी पार्टी बदल रहे हैं।

प्रियंका चतुर्वेदी ने हिमंता बिस्वा सरमा पर भी तंज करते हुए कहा कि वह खुद एक "इंपोर्टेड सीएम" हैं।

इसी दौरान उन्होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में यूसीसी की मांग उठती रही है और सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर बहु-हितधारकों से चर्चा और लोगों का भरोसा जीतने की बात कही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगर गुजरात में UCC लागू किया जाता है, तो इसे राजनीतिक प्रभाव से दूर रहकर करना चाहिए। साथ ही, इसे सोच-समझकर और सभी वर्गों को साथ लेकर लागू किया जाए ताकि इसका असली फायदा जनता को, खासकर महिलाओं को मिल सके।

Point of View

यह सवाल उठता है कि क्या सरकार नागरिकों की आवाज़ों को सुनने के लिए तैयार है।
NationPress
20/03/2026

Frequently Asked Questions

सोनम वांगचुक को क्यों हिरासत में लिया गया था?
सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था।
प्रियंका चतुर्वेदी ने सोनम वांगचुक के बारे में क्या कहा?
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि सोनम वांगचुक का हिरासत में होना शर्मनाक है और उनकी मांगों को सुना जाना चाहिए।
क्या सोनम वांगचुक का संघर्ष राजनीतिक है?
उनका संघर्ष वादों को पूरा करने के लिए है, न कि किसी टकराव के लिए।
प्रियंका चतुर्वेदी ने किस राजनीतिक मुद्दे पर बात की?
उन्होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) पर भी अपने विचार रखे।
क्या प्रियंका चतुर्वेदी ने किसी अन्य नेता पर टिप्पणी की?
हाँ, उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर तंज किया।
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