सुप्रीम कोर्ट ने सोनम वांगचुक की हिरासत याचिका खारिज की, एनएसए हटने के बाद मामला समाप्त
सारांश
Key Takeaways
- सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज किया।
- 14 मार्च को एनएसए हटाया गया।
- सोनम वांगचुक को रिहा किया गया।
- दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया।
- हिरासत के मामले में अन्य पहलू अभी भी जारी हैं।
नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लद्दाख के चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली उनकी पत्नी गीतांजलि द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई समाप्त करते हुए इस प्रकरण का निपटारा कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अब इस मामले में आगे की कार्यवाही की कोई आवश्यकता नहीं है।
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि सोनम वांगचुक पर लगे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) को 14 मार्च को हटा लिया गया था। साथ ही उन्हें रिहा भी किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब एनएसए हटा लिया गया है और वांगचुक को रिहा किया गया है, तब याचिका अपने आप ही निष्प्रभावी हो जाती है। इसी आधार पर अदालत ने मामले को समाप्त किया।
हालांकि, इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर न्यायिक प्रक्रिया अभी भी जारी है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है और अगली सुनवाई की तारीख 12 अगस्त निर्धारित की है।
यह ध्यान देने योग्य है कि सोनम वांगचुक की हिरासत को लेकर पहले काफी चर्चा हुई थी। इसे लेकर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं। अब सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद यह मामला समाप्त हो गया है, जबकि हाईकोर्ट में संबंधित मुद्दों पर सुनवाई जारी रहेगी।
गृह मंत्रालय ने 14 मार्च को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत सोनम वांगचुक की हिरासत रद्द करने का निर्णय लिया था। गृह मंत्रालय के बयान में कहा गया था कि विचार-विमर्श के बाद सरकार ने उनकी हिरासत को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्णय लिया है और लद्दाख की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपायों की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।
गौरतलब है कि लद्दाख में 24 सितंबर 2025 को हुई हिंसा में चार लोगों की जान गई थी। यह हिंसा लेह में लद्दाख को छठी अनुसूची का दर्जा और राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई थी। करीब 90 लोग इस हिंसा में घायल हुए थे। इसके बाद, 26 सितंबर को सोनम वांगचुक को लद्दाख में हिंसक विरोध प्रदर्शनों को भड़काने के आरोप में हिरासत में लिया गया था।