क्या चेन्नई में अग्निशामन विभाग ने कोंडिथोप में मॉक ड्रिल का आयोजन किया?

सारांश
Key Takeaways
- मॉक ड्रिल का आयोजन सुरक्षा जागरूकता के लिए किया गया।
- स्थानीय निवासियों को आग से बचाव के तरीके सिखाए गए।
- अग्निशामक विभाग ने अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया।
- यह पहल शहर में सुरक्षा जागरूकता को बढ़ाने में मदद करेगी।
- अगले महीने भी इसी तरह की ड्रिल का आयोजन किया जाएगा।
चेन्नई, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के अग्निशामक एवं बचाव सेवा ने आग से सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए शुक्रवार को कोंडिथोप में एक निजी अपार्टमेंट परिसर में मॉक ड्रिल का आयोजन किया।
यह अभ्यास उत्तर चेन्नई के जिला अधिकारी मनोप्रसन्ना की निगरानी में हुआ, जिसमें सहायक जिला अधिकारी मुरुगन और वन्नारपेट्टई अग्निशमन केंद्र के अधिकारी एडविन ने भी सहयोग किया। इसका उद्देश्य लोगों को आपात स्थिति में सावधानियों और सुरक्षित निकासी की योजना के महत्व को समझाना था।
ड्रिल के दौरान अग्निशामक विभाग ने अपने अत्याधुनिक उपकरणों और वाहनों का प्रदर्शन किया, जिसमें प्रोन्टो स्काईलिफ्ट वाहन भी शामिल था। इस अवसर पर दर्शाया गया कि आग को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है और आपात स्थिति में विभाग किस प्रकार तेजी से कार्य करता है। इसके साथ ही, ऊंची इमारतों में फंसे लोगों को रस्सियों, सीढ़ियों और प्रोन्टो स्काईलिफ्ट के माध्यम से बचाने की तकनीक भी सिखाई गई। उत्तर चेन्नई के विभिन्न स्टेशनों से 5 से अधिक अग्निशामक वाहन और लगभग 60 कर्मचारी इस ड्रिल में शामिल हुए।
स्थानीय निवासियों ने भी इस अभ्यास में भाग लिया और उन्हें आग से बचाव के उपायों के बारे में बताया गया। अधिकारियों ने बताया कि ऊंची इमारतों में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए ऐसे अभ्यास बेहद आवश्यक हैं।
लोगों को सलाह दी गई कि वे अपने घरों में अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन करें और नियमित रूप से सेफ्टी चेकअप करवाएं। इस ड्रिल के पश्चात लोगों ने अग्निशामक विभाग की तैयारियों की सराहना की और कहा कि इससे उन्हें आत्मविश्वास मिला है।
अग्निशामक विभाग ने बताया कि यह अभ्यास चेन्नई में बढ़ती ऊंची इमारतों को देखते हुए आयोजित किया गया ताकि किसी भी आपदा का सामना करने के लिए लोग तैयार रहें। अगले महीने भी ऐसी ड्रिल आयोजित करने की योजना है, जिसमें और अधिक लोगों को शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। यह पहल शहर में सुरक्षा जागरूकता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।