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क्या छिंगताओ में चीन-एससीओ विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार सहयोग केंद्र का अनावरण हुआ?

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क्या छिंगताओ में चीन-एससीओ विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार सहयोग केंद्र का अनावरण हुआ?

सारांश

बीजिंग में एक महत्वपूर्ण घटना घटी है जहाँ चीन-एससीओ विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार सहयोग केंद्र का उद्घाटन किया गया। यह केंद्र विभिन्न क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल अर्थव्यवस्था शामिल हैं।

मुख्य बातें

छिंगताओ में चीन-एससीओ विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार सहयोग केंद्र का उद्घाटन।
दस अंतर्राष्ट्रीय सहयोग परियोजनाओं का शुभारंभ।
केंद्र का उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र बनाना।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर ध्यान।
सीमा-पार प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को प्रोत्साहित करना।

बीजिंग, 4 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। पूर्वी चीन के शानतोंग प्रांत के छिंगताओ शहर में आज सुबह चीन-एससीओ विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार सहयोग केंद्र का उद्घाटन किया गया।

इस अवसर पर जैव चिकित्सा, उच्च-स्तरीय साजो-सामान और आधुनिक कृषि जैसे अनेक क्षेत्रों में एससीओ देशों के लिए दस महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय सहयोग परियोजनाओं की भी शुरुआत की गई।

यह केंद्र, जो शानतोंग प्रांत में स्थापित हुआ है, न केवल चीन बल्कि एससीओ के सभी सदस्य देशों के मध्य आपसी सहयोग को बढ़ावा देगा। इसका मुख्य उद्देश्य एक ऐसा अंतर्राष्ट्रीय नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करना है, जो खुला, समावेशी, और आपसी लाभ पर आधारित हो, जिससे सदस्य देशों के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई ऊर्जा मिल सके।

सूचना दी गई है कि यह केंद्र नवाचार के क्षेत्र में मानविकी और शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के साथ-साथ चीन-एससीओ विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार सहयोग सम्मेलन, युवा नवाचार और उद्यमिता प्रतियोगिता, विज्ञान और प्रौद्योगिकी उपलब्धि प्रदर्शनी जैसी विभिन्न प्रमुख गतिविधियों का आयोजन करेगा।

इसके अतिरिक्त, यह केंद्र संयुक्त परियोजनाओं के चयन को आगे बढ़ाएगा, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में संयुक्त नवाचार को प्रोत्साहित करेगा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य देखभाल, आधुनिक कृषि, जलवायु परिवर्तन और अन्य क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा, और अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त प्रयोगशालाओं, संयुक्त अनुसंधान और विकास केंद्रों के निर्माण को बढ़ावा देगा।

इसके अलावा, चीन-एससीओ का यह केंद्र सीमा-पार प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को प्रोत्साहित करेगा, अंतर्राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी हस्तांतरण मंच स्थापित करेगा और बौद्धिक संपदा अधिकारों की सेवा स्तर में सुधार करेगा।

साथ ही, एससीओ सदस्य देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय थिंक टैंक की स्थापना करेगा और थिंक टैंक गठबंधन स्थापित करेगा, विभिन्न पक्षों के साथ विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार नीतियों और व्यावहारिक अनुभव पर गहन रूप से आदान-प्रदान करेगा, और अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग के लिए बौद्धिक समर्थन प्रदान करेगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक विकास में भी सहायक होगा। यह चीन का एक महत्वपूर्ण कदम है जो वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई शुरुआत है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छिंगताओ में विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार सहयोग केंद्र का उद्देश्य क्या है?
केंद्र का उद्देश्य एक ऐसा अंतर्राष्ट्रीय नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है जो खुला और समावेशी हो।
इस केंद्र के माध्यम से किन क्षेत्रों में सहयोग किया जाएगा?
यह केंद्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता , डिजिटल अर्थव्यवस्था , स्वास्थ्य देखभाल और आधुनिक कृषि जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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