क्या तमिलनाडु की सुनिश्चित पेंशन योजना सुदृढ़ वित्तीय अनुशासन के साथ व्यवहार्य है?

Click to start listening
क्या तमिलनाडु की सुनिश्चित पेंशन योजना सुदृढ़ वित्तीय अनुशासन के साथ व्यवहार्य है?

सारांश

पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने तमिलनाडु की सुनिश्चित पेंशन योजना पर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने योजना के वित्तीय दबावों की बात की, लेकिन इसे सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से सफल बनाने का सुझाव दिया। जानिए इस महत्वाकांक्षी योजना के बारे में और क्या हैं इसके फायदे और चुनौतियां।

Key Takeaways

  • टीएपीएस का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान करना है।
  • चिदंबरम का कहना है कि वित्तीय प्रबंधन जरूरी है।
  • पेंशन का 50 प्रतिशत अंतिम वेतन का होगा।
  • राज्य को व्यय नियंत्रण पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
  • इस योजना के बारे में चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं।

चेन्नई, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने तमिलनाडु की निश्चित पेंशन योजना (टीएपीएस) पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि टीएपीएस राज्य के वित्त पर अतिरिक्त दबाव डालेगी, लेकिन मजबूत और अनुशासित वित्तीय प्रबंधन के सहयोग से इसे सफलतापूर्वक लागू करना संभव है।

इस योजना के प्रति हो रही आलोचनाओं का उत्तर देते हुए चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्‍स पर एक पोस्ट में अपने विचार साझा किए और इस बात पर बल दिया कि इस महत्वाकांक्षी पेंशन कार्यक्रम को बनाए रखने के लिए वित्तीय समझदारी और राजस्व जुटाने में सुधार बेहद आवश्यक होगा।

चिदंबरम ने कहा कि तमिलनाडु की निश्चित पेंशन योजना का संपूर्ण विवरण अब सार्वजनिक किया जा चुका है और उन्होंने स्वीकार किया कि इस पहल से सरकार की दीर्घकालिक वित्तीय प्रतिबद्धताएं निश्चित रूप से बढ़ेंगी।

उन्होंने तर्क किया कि यदि राज्य कुशल व्यय नियंत्रण, यथार्थवादी बजट निर्माण और बेहतर आर्थिक नियोजन पर ध्यान केंद्रित करे, तो इस प्रकार का बोझ असहनीय नहीं होगा। उन्होंने विकास परियोजनाओं में लागत वृद्धि से बचने और अनुमानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

तमिलनाडु सरकार ने हाल ही में सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों की पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के समान पेंशन लाभ की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने के लिए टीएपीएस की घोषणा की है। इस योजना का अनावरण मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने किया, जिन्होंने इसे सेवानिवृत्ति के बाद लोक सेवकों के लिए सामाजिक सुरक्षा और सम्मान के प्रति प्रतिबद्धता बताया।

टीएपीएस योजना के तहत, सरकारी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर उनके अंतिम मासिक वेतन के 50 प्रतिशत के बराबर पेंशन मिलेगी। कर्मचारी अपनी सेवा अवधि के दौरान अपने मूल वेतन का 10 प्रतिशत योगदान देंगे, जबकि शेष राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। पेंशनभोगी की मृत्यु होने पर, अंतिम पेंशन का 60 प्रतिशत पात्र आश्रितों को पारिवारिक पेंशन के रूप में दिया जाएगा।

हालांकि कर्मचारी संघों ने इस घोषणा का बड़े पैमाने पर स्वागत किया है, लेकिन कई अर्थशास्त्रियों और राजनीतिक विरोधियों ने योजना की वित्तीय स्थिरता को लेकर चिंताएं जताई हैं।

चिदंबरम ने कहा कि तमिलनाडु पहले से ही अपने कर राजस्व का लगभग 21-22 प्रतिशत पेंशन पर खर्च कर रहा है, जो सावधानी बरतने की आवश्यकता को दर्शाता है। उन्होंने सरकार से अपने कर राजस्व को बढ़ाने को प्राथमिकता देने और सभी विभागों में मितव्ययिता को मार्गदर्शक सिद्धांत बनाने का आग्रह किया।

Point of View

यह स्पष्ट है कि तमिलनाडु की सुनिश्चित पेंशन योजना वित्तीय स्थिरता को चुनौती दे सकती है। हालांकि, यदि उचित प्रबंधन और नीतियों का पालन किया जाए, तो यह योजना सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण साधन बन सकती है।
NationPress
07/01/2026

Frequently Asked Questions

टीएपीएस क्या है?
टीएपीएस तमिलनाडु की सुनिश्चित पेंशन योजना है, जिसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर पेंशन लाभ प्रदान करना है।
चिदंबरम ने इस योजना के बारे में क्या कहा?
चिदंबरम ने कहा कि यह योजना वित्त पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है, लेकिन इसे सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन से सफल बनाया जा सकता है।
इस योजना के तहत पेंशन कैसे मिलेगी?
सरकारी कर्मचारी सेवानिवृत्ति पर अपने अंतिम मासिक वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में प्राप्त करेंगे।
Nation Press