चीन का अनाज उत्पादन लगातार दो साल से 70 करोड़ टन से अधिक, प्रति व्यक्ति उपलब्धता 500 किलो पार
सारांश
मुख्य बातें
चीन का वार्षिक अनाज उत्पादन लगातार दो वर्षों से 70 करोड़ टन की सीमा को पार कर चुका है। इसके साथ ही देश में प्रति व्यक्ति अनाज उपलब्धता 500 किलोग्राम से अधिक हो गई है, जो वैश्विक औसत से ऊपर है। खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में यह उपलब्धि चीन की कृषि नीति की दीर्घकालिक सफलता के रूप में देखी जा रही है।
विश्व खाद्य दिवस पर हुआ ऐलान
यह जानकारी 16 अक्टूबर 2026 को पूर्वी चीन के आनहुई प्रांत की राजधानी हफेई में आयोजित विश्व खाद्य दिवस 2026 और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा प्रचार सप्ताह के मुख्य कार्यक्रम में साझा की गई। इस अवसर पर चीन के राष्ट्रीय खाद्य एवं रणनीतिक भंडार प्रशासन के निदेशक ल्यू हुआनशिन ने देश की खाद्य सुरक्षा उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा दिया।
ल्यू हुआनशिन ने कहा कि चीन दुनिया की लगभग एक-पांचवीं आबादी को भोजन उपलब्ध कराता है, जबकि उसके पास वैश्विक कुल कृषि योग्य भूमि का 9 प्रतिशत से भी कम हिस्सा है। उन्होंने इसे चीन के विकास की एक बड़ी उपलब्धि और वैश्विक खाद्य सुरक्षा में उसके महत्वपूर्ण योगदान के रूप में रेखांकित किया।
आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव
चीन ने अनाज के मामले में बुनियादी आत्मनिर्भरता और मुख्य खाद्य पदार्थों की आपूर्ति सुरक्षा हासिल कर ली है। गौरतलब है कि यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर खाद्यान्न संकट और जलवायु परिवर्तन के कारण कृषि उत्पादन पर दबाव बढ़ रहा है। निदेशक ल्यू के अनुसार, हाल के वर्षों में चीन ने अनाज उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ वितरण तंत्र को भी सुदृढ़ किया है।
खरीद, भंडारण और नियमन की व्यापक व्यवस्था
ल्यू हुआनशिन ने बताया कि चीन ने अनाज की खरीद, भंडारण और नियमन के लिए एक समग्र व्यवस्था विकसित की है। यह व्यवस्था उत्पादन से लेकर खरीद, भंडारण, प्रसंस्करण और बिक्री तक की पूरी श्रृंखला में समन्वय बनाए रखती है, जिससे अनाज बाजार में स्थिरता के लिए एक मजबूत संस्थागत आधार तैयार हुआ है।
400 से अधिक राष्ट्रीय मानक, वैश्विक नेतृत्व की दिशा में कदम
खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को व्यवस्थित करने के लिए चीन ने अनाज और तेल क्षेत्र में 400 से अधिक राष्ट्रीय मानक और 300 से अधिक औद्योगिक मानक तैयार कर जारी किए हैं। इसके अलावा, 70 अंतरराष्ट्रीय मानकों के निर्माण और संशोधन को बढ़ावा दिया गया है, जिनमें से 10 मानक चीन के नेतृत्व में तैयार किए गए। इन मानकों से अंतरराष्ट्रीय अनाज व्यापार को सुगम बनाने और अनाज की बर्बादी व नुकसान को कम करने में सहायता मिल रही है।
वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार, चीन की यह उपलब्धि केवल घरेलू स्तर तक सीमित नहीं है — वैश्विक खाद्य बाजार और व्यापार मानकों पर भी इसका उल्लेखनीय प्रभाव पड़ता है। आने वाले वर्षों में चीन का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान और सहयोग को और विस्तार देना है, ताकि वैश्विक खाद्य सुरक्षा के ढाँचे में उसकी भूमिका और अधिक निर्णायक बन सके।