चीन की नई विदेशी निवेश कार्य योजना: 5 क्षेत्रों में 15 उपाय, सेवा-वित्त-दवा पर फोकस
सारांश
मुख्य बातें
चीन के वाणिज्य मंत्रालय, राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग और वित्त मंत्रालय ने 22 जून 2026 को संयुक्त रूप से एक नई विदेशी निवेश कार्य योजना जारी की, जिसका उद्देश्य देश में विदेशी पूंजी प्रवाह को स्थिर करना और उसे नई गति देना है। इस योजना में पाँच प्रमुख क्षेत्रों के अंतर्गत 15 ठोस उपाय प्रस्तावित किए गए हैं। यह कदम ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं के बीच चीन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) पर दबाव बना हुआ है।
योजना के पाँच मुख्य स्तंभ
कार्य योजना में शामिल पाँच प्रमुख क्षेत्र हैं — बाज़ार पहुँच का विस्तार, विदेशी निवेश की सुविधा बढ़ाना, निवेश प्रोत्साहन को सुदृढ़ करना, सेवा एवं सहायता प्रणाली में सुधार, तथा निवेश प्रबंधन को और प्रभावी बनाना। इन पाँचों स्तंभों के तहत कुल 15 उपाय सूचीबद्ध किए गए हैं जो अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों लक्ष्यों को साधते हैं।
सेवा, वित्त और दवा क्षेत्र पर विशेष ध्यान
योजना विशेष रूप से सेवा उद्योग, वित्तीय क्षेत्र और दवा उद्योग में विदेशी भागीदारी के अवसर विस्तृत करने पर केंद्रित है। इसके तहत व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण संस्थानों, व्यावसायिक विद्यालयों और उच्च स्तरीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कृषि तथा चिकित्सा विश्वविद्यालयों में खुलेपन के पायलट कार्यक्रमों का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव है।
इसके साथ ही, अधिक विदेशी वित्तीय संस्थानों को सरकारी बॉन्ड वायदा सहित विभिन्न जोखिम प्रबंधन उपकरणों के उपयोग की अनुमति दी जाएगी। विदेशी संस्थानों को कानूनी दायरे में रहकर फंड निवेश सलाहकार सेवाएँ प्रदान करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। जैव प्रौद्योगिकी और पूर्ण विदेशी स्वामित्व वाले अस्पतालों से जुड़ी पायलट परियोजनाओं के विस्तार के लिए जल्द अध्ययन और अनुमोदन प्रक्रिया आगे बढ़ाने का भी प्रस्ताव है।
निवेश सुविधा और डेटा प्रवाह में बदलाव
विदेशी निवेश को सुगम बनाने के लिए योजना में कई महत्त्वपूर्ण संरचनात्मक कदम शामिल हैं। इनमें विदेशी निवेशकों द्वारा चीनी कंपनियों के अधिग्रहण से संबंधित नियमों में संशोधन, सीमा-पार डेटा प्रवाह को सरल बनाना और विदेशी निवेश के पुनर्निवेश को प्रोत्साहित करना प्रमुख हैं।
प्रायोगिक मुक्त व्यापार क्षेत्रों और राष्ट्रीय सेवा क्षेत्र के खुलेपन वाले पायलट शहरों को अधिक क्षेत्रों में डेटा निर्यात की नकारात्मक सूची तैयार करने का समर्थन दिया जाएगा। विदेशी निवेशकों के लिए कर छूट नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने और विदेशी अनुसंधान एवं विकास केंद्रों के लिए सहायक नीतियों को उन्नत करने पर भी बल दिया गया है।
ब्रांडिंग और निवेशक सेवा पर ज़ोर
योजना में 'चीन में निवेश' ब्रांड अभियान को आगे बढ़ाने और विदेशी निवेश परियोजनाओं को आकर्षित करने की प्रक्रिया को अधिक मानकीकृत बनाने का प्रस्ताव है। विदेशी निवेशित उद्यमों के लिए राष्ट्रीय उपचार नीति का पूर्ण कार्यान्वयन सुनिश्चित करने और उपभोग-संवर्धन गतिविधियों में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
गौरतलब है कि यह योजना ऐसे समय में आई है जब चीन पश्चिमी देशों के साथ व्यापारिक तनाव और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पुनर्गठन की चुनौतियों से जूझ रहा है। प्रमुख विदेशी निवेश परियोजनाओं के लिए सेवा और सहायता व्यवस्था को मज़बूत करना इस योजना का एक अहम हिस्सा है, ताकि निवेशकों को अधिक भरोसेमंद और अनुकूल कारोबारी माहौल मिल सके।
आगे की राह
आलोचकों का कहना है कि योजना की सफलता उसके क्रियान्वयन की गति और पारदर्शिता पर निर्भर करेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, डेटा सुरक्षा नियमों और बाज़ार पहुँच प्रतिबंधों को लेकर विदेशी निवेशकों की चिंताएँ अभी पूरी तरह दूर नहीं हुई हैं। यह देखना होगा कि नई कार्य योजना इन बाधाओं को व्यावहारिक धरातल पर कितना कम कर पाती है।