क्या हम गुरुजी के सिपाही हैं? आप एक कदम बढ़ाएं, सरकार आपको 10 कदम आगे ले जाएगी: सीएम हेमंत सोरेन
सारांश
मुख्य बातें
रांची, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिशोम गुरु शिबू सोरेन का रविवार को 82वां जन्म दिवस मनाया गया। यह दिन झारखंड और यहां के गरीबों, मजदूरों, किसानों, दलितों, आदिवासियों के लिए बेहद खास है। यह पहला अवसर है जब उनकी जयंती बिना बाबा के मनाई जा रही है।
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि दिशोम गुरु हमारे बीच नहीं हैं, परंतु उनके आदर्श, विचार, संघर्ष और बलिदान सदैव जीवित रहेंगे। उन्होंने टाना भगत इनडोर स्टेडियम में गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का सफल कार्यान्वयन पर संवाद कार्यक्रम में युवाओं से कहा कि आप एक कदम आगे बढ़ें, सरकार आपको 10 कदम आगे ले जाएगी। यह हमारा वादा है, क्योंकि हम गुरुजी के सिपाही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की धरती वीरों की भूमि है। इस धरती ने भगवान बिरसा मुंडा और सिदो-कान्हू जैसे अनेक महान व्यक्तित्वों को जन्म दिया है, जिन्होंने झारखंड अलग राज्य के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने समाज सुधारक के रूप में भी महत्वपूर्ण कार्य किए। उनकी एक आवाज पर आदिवासी और मूलवासी सड़कों पर उतर आते थे।
उन्होंने आगे कहा कि इस राज्य में अपार संभावनाएं हैं। गांव से शहर तक क्षमताएं हैं। खनिज संपदा, पर्यटन, शिक्षा और खेल के क्षेत्र में हम आगे बढ़ सकते हैं। सरकार अपनी संभावनाओं को सशक्त कर रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री मइंया सम्मान योजना के तहत सरकार युवाओं को सशक्त करने का कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्र की मजबूती के बिना राज्य और देश मजबूत नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 15 लाख रुपए का शिक्षा ऋण 4 प्रतिशत ब्याज पर दिया जा रहा है। गरीबी के कारण कई बच्चे पढ़ाई छोड़ने को मजबूर होते हैं, इसीलिए हमारी सरकार हर बच्चे को शिक्षित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
इस अवसर पर गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 55 लाभार्थियों को लगभग 12 करोड़ रुपए का ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री फैलोशिप के तहत 23 रिसर्च स्कॉलर्स को 25-25 हजार रुपए की स्कॉलरशिप दी गई है। यह योजना युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का एक प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने कई विकास योजनाओं की भी घोषणा की, जैसे गुरुजी वाटिका का उद्घाटन। यह बुजुर्गों के लिए समर्पित है।
लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। आईआईआईटी रांची के छात्र ने बताया कि इस योजना से उसके डॉक्टरेट की डिग्री का सपना पूरा हो रहा है।