मोहन यादव की चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण से अमरावती में मुलाकात, विकास व बाघ संरक्षण पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 18 अक्टूबर 2025 को अमरावती में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण से शिष्टाचार भेंट की। दोनों राज्यों के बीच विकास परियोजनाओं, वन्यजीव संरक्षण और सांस्कृतिक सहयोग पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
मुख्यमंत्री नायडू से मुलाकात
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के शिविर कार्यालय में उनसे मुलाकात की। इस दौरान नायडू ने मोहन यादव को आंध्र प्रदेश में जारी विभिन्न विकास परियोजनाओं की जानकारी दी, जिनमें राज्य की नई राजधानी अमरावती का निर्माण कार्य प्रमुख रूप से शामिल है। यह बैठक दोनों राज्यों के बीच आपसी सहयोग को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मंत्री लोकेश का स्वागत और पुस्तक भेंट
आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने मुख्यमंत्री आवास पर मोहन यादव का स्वागत किया। लोकेश ने उन्हें अपनी युवा गलम् पदयात्रा पर आधारित एक पुस्तक भेंट की और पदयात्रा के प्रमुख पहलुओं से उन्हें अवगत कराया। यह पदयात्रा आंध्र प्रदेश में युवाओं के सशक्तीकरण के लिए चलाई गई थी।
पवन कल्याण से भेंट और बाघ संरक्षण पर जोर
मोहन यादव ने मंगलगिरी स्थित शिविर कार्यालय में उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण से भी शिष्टाचार भेंट की। पवन कल्याण ने नागार्जुनसागर-श्रीशैलम बाघ अभयारण्य (NSTR) में बाघ संरक्षण उपायों को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जैव विविधता संरक्षण के तहत अभयारण्य में गौर (भारतीय बाइसन) के पुनर्प्रवेश से संबंधित समझौते को शीघ्र लागू करने का भी आग्रह किया।
गौरतलब है कि यह समझौता मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश के बीच वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग का हिस्सा है। पवन कल्याण ने यह भी घोषणा की कि वे शीघ्र ही मध्य प्रदेश का दौरा करेंगे।
सांस्कृतिक उपहारों का आदान-प्रदान
पवन कल्याण ने मोहन यादव को उप्पड़ा रेशमी शॉल, कोंडापल्ली हस्तकला में निर्मित भगवान राम के राज्याभिषेक की कलाकृति, श्रीकालहस्ती कलमकारी कारीगरों द्वारा बनाई गई देवी दुर्गा की पेंटिंग और अरकु कॉफी भेंट की। वहीं, मोहन यादव ने पवन कल्याण को ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर से लाई गई भगवान ओंकारेश्वर की मूर्ति और प्रसाद भेंट किया। यह उपहारों का आदान-प्रदान दोनों राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक रहा।
विजयवाड़ा उत्सव में भागीदारी
मोहन यादव इंद्रकीलाद्री में आयोजित दशहरा शरणवरात्रि समारोह और विजयवाड़ा उत्सव 2.0 में भाग लेने के लिए विजयवाड़ा पहुँचे थे। पवन कल्याण ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह दौरा दोनों राज्यों के बीच न केवल राजनीतिक, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक स्तर पर भी सहयोग को रेखांकित करता है।