क्या सीएम नीतीश कुमार ने बिहार में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए पटना डेयरी प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया?
सारांश
Key Takeaways
- पटना डेयरी प्रोजेक्ट का विस्तृत निरीक्षण किया गया।
- दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए ठोस योजनाएं बनाई गईं।
- 21 हजार से अधिक दुग्ध सहकारी समितियां कार्यरत हैं।
- महिलाओं की संख्या 1.9 लाख है।
- 54 लाख लीटर दूध की प्रसंस्करण क्षमता है।
पटना, 7 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को पटना डेयरी प्रोजेक्ट, सुधा फुलवारीशरीफ का गहन निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। निरीक्षण के दौरान, मुख्यमंत्री ने प्रोडक्शन हॉल, आइस्क्रीम प्लांट, दही कोल्ड रूम समेत विभिन्न इकाइयों का अवलोकन किया और उत्पादों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
कॉन्फ्रेंस हॉल में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में बिहार राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड (कॉम्फेड) के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक ने कॉम्फेड के कार्यों की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डाला। इस दौरान एक वीडियो फिल्म भी प्रस्तुत की गई। उन्होंने कॉम्फेड के विजन, अगले पांच वर्षों की योजना, दुग्ध संघ, दुग्ध समिति, प्रोक्यूरमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर, नए उत्पादों की लॉन्चिंग आदि की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में कुल कार्यरत ग्रामस्तरीय दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या 21 हजार से अधिक है, जिनसे लगभग 7.5 लाख पशुपालक जुड़े हुए हैं, जिनमें से लगभग 1.9 लाख (25 प्रतिशत) महिलाएं हैं। ये समितियां प्रतिदिन औसतन 22 लाख किलोग्राम दूध एकत्र करती हैं और इसकी अधिकतम क्षमता लगभग 30 लाख किलोग्राम प्रतिदिन तक पहुंच जाती है। एकत्रित दूध के प्रसंस्करण की भी पूर्ण व्यवस्था उपलब्ध है। वर्तमान में कॉम्फेड की कुल प्रसंस्करण क्षमता 54 लाख लीटर प्रतिदिन है। उन्होंने बताया कि कॉम्फेड के और विस्तार की योजना है।
बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने निर्देशबिहार में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाएं। प्रोसेसिंग की क्षमता को भी बढ़ाएं और प्रोक्यूरमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करें। इसके अलावा, काम करने वाले लोगों के आवास की व्यवस्था भी सुनिश्चित करें ताकि वे बेहतर काम कर सकें।