गुजरात सरकार की खाद्य सुरक्षा के लिए ‘अंत्योदय’ और ‘गरीब कल्याण’ का संकल्प: रमणभाई सोलंकी
सारांश
Key Takeaways
- गुजरात सरकार ‘अंत्योदय’ और ‘गरीब कल्याण’ के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध है।
- 2026-27 के बजट में 2,856 करोड़ रुपए का ऐतिहासिक आवंटन।
- 75 लाख एनएफएसए परिवारों को अन्न सुरक्षा प्रदान करने के लिए 700.63 करोड़ रुपए का प्रावधान।
- डिजिटल फूड कूपन प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट शुरू।
- किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद और प्रोत्साहन बोनस की व्यवस्था।
गांधीनगर, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के गांधीनगर में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमणभाई सोलंकी ने विभाग की नई योजनाओं के बारे में बताया कि ‘अंत्योदय’ और ‘गरीब कल्याण’ के सिद्धांत के तहत राज्य सरकार सुदूरवर्ती व्यक्तियों की खाद्य सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि गुजरात के बजट 2026-27 में इस विभाग के लिए कुल 2,856 करोड़ रुपए का ऐतिहासिक आवंटन किया गया है, जो राज्य सरकार की गरीबों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। ‘गरीब कल्याण’, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण मंत्र है। राज्य सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘अंत्योदय’ के सपने को साकार करने में लगी हुई है।
इस कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा ग्राहक सुरक्षा राज्य मंत्री पीसी बरंडा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
पत्रकार सम्मेलन के दौरान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव मोना खंधार ने जानकारी दी कि राज्य के नागरिकों को अन्न सुरक्षा और पोषणयुक्त आहार प्रदान करने के लिए बजट में लगभग 700.63 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिससे राज्य के लगभग 75 लाख एनएफएसए परिवारों को अन्न सुरक्षा मिलेगी। नागरिकों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए एनएफएसए कार्ड धारकों को राहत दर पर अरहर दाल और चना उपलब्ध कराने के लिए 841.69 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने आगे बताया कि वर्ष 2025-26 में पिछले वर्ष की तुलना में दालों के वितरण में 28,491 मीट्रिक टन की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही, आयोडीन और आयरन की कमी को दूर करने के लिए 75 लाख परिवारों को सिर्फ 1 प्रति किलोग्राम की दर पर डबल फोर्टिफाइड नमक उपलब्ध कराने के लिए 59.49 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।
भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात ने देश में पहली बार सीबीसीडी (सेंट्रल बैंक डिजिटल करंसी) आधारित डिजिटल फूड कूपन का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। यह प्रणाली ई-केवाईसी आधारित होने के कारण बायोमेट्रिक विफलता जैसी समस्याओं का समाधान करेगी। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि अब तक राज्य के 4.23 करोड़ राशन कार्ड सदस्यों का ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है।
किसानों के कल्याण के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को उचित मूल्य मिले, इसके लिए सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की जा रही है। वर्ष 2025-26 में 40,396 किसानों से विभिन्न अनाजों की खरीद कर 47,494 लाख रुपए का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया गया है। श्री अन्न (मिलेट्स) के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए बाजरा, ज्वार, रागी और मक्का की खरीद पर किसानों को 300 रुपए प्रति क्विंटल प्रोत्साहन बोनस देने के लिए 36.51 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
मोना खंधार ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली की महत्वपूर्ण कड़ी के तहत 17 हजार से अधिक उचित मूल्य की दुकानों के डीलरों के कमीशन में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। उन्हें 150 के बजाय 185 प्रति क्विंटल कमीशन दिया जाएगा। इसके लिए 67.20 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान किया गया है। ‘सजग ग्राहक, सुरक्षित गुजरात’ के सिद्धांत के साथ उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए नई पहल की गई है। राज्य के प्रत्येक जिले में उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों में ‘प्री-लिटिगेशन और समाधान केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे, जिससे शिकायतों का अदालत की लंबी प्रक्रिया के बिना तेजी से समाधान हो सकेगा। इसके अतिरिक्त कानूनी माप विज्ञान तंत्र की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए इन्वेस्टर फेसीलिटेशन पोर्टल (आईएफपी) भी शुरू किया गया है।
इस पत्रकार सम्मेलन में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निदेशक मयूर मेहता सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा ग्राहक सुरक्षा विभाग की अन्य महत्वपूर्ण बातें इस प्रकार हैं:
- अन्नपूर्ति (ग्रेन एटीएम): 24×7 अनाज उपलब्ध कराने के लिए ‘मेड इन गुजरात’ ग्रेन एटीएम सुविधा शुरू की जाएगी। इसमें लाभार्थी मात्र 35 सेकंड में 25 किलोग्राम अनाज प्राप्त कर सकेगा। इसके लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। संभावित रूप से कलोल में अन्नपूर्ति का शुभारंभ किया जाएगा।
- नए आईटी सेल का गठन: स्मार्ट-पीडीएस प्रणाली के मजबूत क्रियान्वयन के लिए विभाग में नया आईटी सेल बनाने के लिए 2.49 करोड़ रुपए का प्रावधान।
- लैबोरेटरी उपकरणों की खरीद: कानूनी माप विज्ञान तंत्र के लिए 67 वर्किंग स्टैंडर्ड लैबोरेटरी उपकरणों की खरीद के लिए 28.38 करोड़ रुपए का प्रावधान।
- नए गोदामों का निर्माण: राज्य में भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए नाबार्ड की सहायता से 45 तहसीलों में 51 नए गोदाम बनाने की योजना, जिससे 93,400 मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता विकसित होगी।
- पैकेज्ड वितरण व्यवस्था: अरहर दाल, चना और चीनी के वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने और शिकायतें कम करने के लिए अब खुले के बजाय 1 किलोग्राम के प्रमाणित पैक में वितरण किया जाएगा।
- कंज्यूमर रिस्पॉन्सिबिलिटी इंडेक्स (सीआरआई): विश्व में पहली बार कंपनियों को उपभोक्ताओं के प्रति व्यवहार और शिकायत निवारण के आधार पर रेटिंग देने के लिए सीआरआई तैयार करने के लिए एमओयू।