गांधीनगर: मंत्री कुंवरजी बावलिया ने श्रमिकों के लिए मनाया अनोखा जन्मदिन, परोसा पौष्टिक भोजन
सारांश
Key Takeaways
- कुंवरजी बावलिया ने श्रमिकों को भोजन परोसकर अपनी पहल की।
- श्रमिक अन्नपूर्णा योजना से श्रमिकों को सस्ते में पौष्टिक भोजन मिलता है।
- सरकार ने 121 नए केंद्र खोलने की योजना बनाई है।
- भोजन के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी है।
- इस योजना का उद्देश्य श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारना है।
गांधीनगर, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के श्रम, कौशल विकास और रोजगार तथा ग्रामीण विकास मंत्री कुंवरजी बावलिया ने अपने 71वें जन्मदिन को एक विशेष तरीके से मनाया। भव्य समारोह के बजाय, उन्होंने गांधीनगर के सेक्टर-6 कडिया नाका में स्थित श्रमिक अन्नपूर्णा योजना केंद्र का दौरा किया और वहां उपस्थित श्रमिकों को अपने हाथों से गर्म और पौष्टिक भोजन परोसा।
इस अवसर पर मंत्री कुंवरजी बावलिया ने श्रमिकों से बातचीत कर उनकी स्थिति का जायजा लिया और योजना के तहत मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि निर्माण क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को पर्याप्त पोषण मिलना सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
गुजरात सरकार की यह योजना श्रमिक परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। इस योजना के अंतर्गत श्रमिकों को केवल 5 रुपए की रियायती दर पर सादा, सात्विक और पौष्टिक भोजन प्रदान किया जाता है। भोजन में रोटी, सब्जी, दाल, चावल, अचार, मिर्च और गुड़ शामिल होते हैं, जबकि सप्ताह में एक बार मिठाई भी दी जाती है। साथ ही, श्रमिकों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा सके।
यह योजना जून 2017 में राज्य के निर्माण श्रमिकों के लिए शुरू की गई थी और इसे गुजरात बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड द्वारा संचालित किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 1.05 करोड़ भोजन श्रमिकों को वितरित किए गए हैं, जबकि योजना की शुरुआत से अब तक कुल 4.37 करोड़ भोजन बांटे जा चुके हैं।
मंत्री कुंवरजी बावलिया ने योजना के विस्तार की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में गुजरात में 293 केंद्र सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। श्रमिकों के हित में शीघ्र ही 121 नए केंद्र प्रारंभ किए जाएंगे, जबकि इस वर्ष के बजट में 300 और नए केंद्र खोलने की योजना बनाई गई है। सरकार का उद्देश्य इस सुविधा को राज्य के हर कोने तक पहुँचाना है, ताकि सभी श्रमिकों को घर जैसा पौष्टिक भोजन मिल सके।
मंत्री ने केंद्र पर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की भी समीक्षा की और विभाग को निर्देश दिए कि निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों और उनके परिवारों की मौसम के अनुसार विशेष देखभाल की जाए। श्रमिक कल्याण बोर्ड द्वारा इन केंद्रों पर सभी प्रकार की प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
गांधीनगर के कडिया नाका स्थित इस केंद्र पर मंत्री की इस प्रेरणादायक पहल ने श्रमिकों में खुशी और सम्मान का भाव जगाया। श्रमिकों ने कहा कि कम कीमत पर पौष्टिक भोजन मिलने से उन्हें बहुत राहत मिलती है और काम के दौरान आसानी से भोजन उपलब्ध होता है।
राज्य सरकार का मानना है कि श्रमिक अन्नपूर्णा योजना न केवल मजदूरों को सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध करा रही है, बल्कि उनके स्वास्थ्य और जीवन स्तर को सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। भविष्य में इस योजना के और विस्तार की उम्मीद है, जिससे बड़ी संख्या में श्रमिकों को इसका लाभ मिलने की संभावना है।