गुजरात की श्रमिक अन्नपूर्णा योजना: मात्र पाँच रुपए में भरपेट भोजन का लाभ उठा रहे श्रमिक
सारांश
Key Takeaways
- गुजरात की श्रमिक अन्नपूर्णा योजना श्रमिकों के लिए सस्ती और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराती है।
- केवल पाँच रुपए में भरपेट भोजन मिलता है।
- यह योजना श्रमिकों के जीवन में सुधार लाने का प्रयास है।
- भोजन में चावल, दाल, रोटी, सब्जी और कभी-कभी मिठाई शामिल होती है।
- प्रति दिन 120 से अधिक श्रमिक इस योजना का लाभ उठाते हैं।
गांधीनगर, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात सरकार द्वारा शुरू की गई श्रमिक अन्नपूर्णा योजना श्रमिक वर्ग के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत, श्रमिकों को केवल पाँच रुपए में भरपेट और स्वादिष्ट भोजन प्रदान किया जा रहा है। रोजाना बड़ी संख्या में श्रमिक इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।
योजना की एक विशेषता यह है कि श्रमिक केवल वहीं बैठकर भोजन नहीं कर रहे हैं, बल्कि कई लोग इस सस्ते भोजन को टिफिन में पैक कराकर अपने घर भी ले जा रहे हैं। इससे उन्हें सस्ता और पौष्टिक भोजन मिल रहा है, जो उनकी दैनिक जिंदगी में काफी सहूलियत प्रदान कर रहा है।
भोजन में चावल, दाल, रोटी और सब्जी जैसे पौष्टिक व्यंजन शामिल होते हैं। कभी-कभी मिठाई भी परोसी जाती है, जिससे भोजन का अनुभव और भी खास बन जाता है।
योजना का लाभ उठा रहे श्रमिक रमेश ने बताया कि वह यहाँ केवल पाँच रुपए में स्वादिष्ट भोजन प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वह रोज़ यहाँ से खाना लेकर जाते हैं और उनके अनुसार, यहाँ चावल, दाल, रोटी और सब्जी मिलती है, और कभी-कभी मिठाई भी दी जाती है। रमेश ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह श्रमिकों के लिए एक बहुत अच्छा कार्य है।
सरकार की इस योजना से श्रमिकों को सस्ती दर पर पौष्टिक भोजन मिल रहा है, जिससे उनके खर्च में भी कमी आई है। श्रमिकों ने इस पहल के लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।
गांधीनगर में श्रमिक अन्नपूर्णा योजना के संचालन में लगे अशोक ने बताया कि प्रतिदिन 120 से अधिक श्रमिक आते हैं और उन्हें मात्र पाँच रुपए में खाना दिया जाता है। यहाँ दाल-चावल, रोटी, और सब्जी सहित कभी-कभी मिष्ठान भी प्रदान किया जाता है। सभी श्रमिकों को यहाँ खाना दिया जाता है।
श्रमिक कमलेश ने कहा कि वह दो साल से इस सेंटर से भोजन कर रहे हैं और यहाँ का खाना बहुत अच्छा है।
श्रमिक शांति लाल ने कहा कि गुजरात सरकार ने एक बेहतरीन योजना शुरू की है, जिसमें पाँच रुपए में भरपेट भोजन मिलता है। महंगाई के इस युग में, यह योजना हमारे लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि यहाँ काफी संख्या में लोग खाना लेते हैं।
एक अन्य श्रमिक ने कहा कि पाँच रुपए में मिलने वाला खाना बहुत अच्छा होता है, और किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होती है। मैं सरकार का धन्यवाद करता हूँ।