तमिलनाडु: स्कूल शिक्षा सीएम विजय की पहली प्राथमिकता, मंत्रियों संग समीक्षा बैठक में दिए कड़े निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने 18 मई 2026 को चेन्नई स्थित सचिवालय में शिक्षा मंत्री राजमोहन और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठक की, जिसमें गर्मियों की छुट्टियों के बाद स्कूलों को सुचारू रूप से फिर से खोलने की तैयारियों पर केंद्रित चर्चा हुई। यह बैठक विभागों के पोर्टफोलियो आवंटन के बाद नई सरकार की पहली बड़ी आंतरिक प्रशासनिक समीक्षा के रूप में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बैठक की पृष्ठभूमि
अभिनेता से राजनेता बने विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु वेट्री कषगम (TVK) को हाल के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में निर्णायक जनादेश प्राप्त हुआ था। शपथ ग्रहण के साथ 9 मंत्रियों ने भी पद संभाला और हाल ही में उन्हें उनके विभाग आवंटित किए गए। विभागों के बंटवारे के तुरंत बाद सीएम विजय ने सभी मंत्रियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर प्रशासनिक अपेक्षाओं और प्राथमिकताओं को रेखांकित किया।
रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर मंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उनके विभागों को किस दिशा में काम करना चाहिए और कुशल शासन के साथ नीतियों को तत्काल लागू करने की जरूरत पर जोर दिया।
स्कूल शिक्षा पर विशेष फोकस
समीक्षा बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग को विशेष महत्व दिया गया, क्योंकि नया शैक्षणिक कैलेंडर शुरू होने वाला है और 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे भी आने वाले दिनों में घोषित होने की संभावना है। गर्मियों की छुट्टियों के बाद कक्षाओं में लौटने वाले छात्रों के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना सरकार की तात्कालिक जिम्मेदारी है।
शिक्षा मंत्री राजमोहन ने बैठक के बाद विभागीय अधिकारियों के साथ मौजूदा कार्यक्रमों और योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। इस समीक्षा में स्कूल शिक्षा सचिव और स्कूल शिक्षा निदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मंत्रियों की विभागीय बैठकें
सीएम विजय के साथ बैठक के बाद सभी मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अलग-अलग समीक्षा बैठकें कीं। इन बैठकों में चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया और तत्काल प्राथमिकताओं की पहचान की गई। यह ऐसे समय में हुआ जब नई सरकार कई क्षेत्रों में एक साथ अपना प्रशासनिक ढांचा स्थापित करने में जुटी है।
गौरतलब है कि किसी भी नई सरकार के शुरुआती हफ्तों में विभागीय समन्वय और प्राथमिकताओं का निर्धारण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, और विजय प्रशासन ने शिक्षा को अपनी पहली सार्वजनिक प्राथमिकता के रूप में चुनकर एक स्पष्ट संदेश दिया है।
आगे क्या होगा
आने वाले महीनों में शिक्षा क्षेत्र में लागू किए जाने वाले नए कार्यक्रमों और पहलों पर भी बैठक में विचार-विमर्श हुआ। इन शुरुआती चर्चाओं को विजय प्रशासन के पहले चरण में शासन की दिशा तय करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। स्कूलों के फिर से खुलने और परीक्षा परिणामों के साथ ही सरकार की तैयारियों की असली परीक्षा सामने आएगी।