क्या गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के लोकार्पण पर सीएम योगी ने विपक्ष पर हमला किया?
सारांश
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आजमगढ़, 20 जून (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया।
सीएम योगी ने मुख्य विपक्षी दल का मजाक उड़ाते हुए कहा कि इस आजमगढ़ ने उन्हें मुख्यमंत्री और सांसद बना दिया, लेकिन वे न तो विश्वविद्यालय बना सके और न ही एक्सप्रेसवे। हमने एक गैर-सैफई वासी को सांसद बनाया। 2016 में वे लोग 110 मीटर चौड़ा एक्सप्रेसवे बनाने का प्रयास कर रहे थे, टेंडर भी जारी कर दिया था। आज वे लोग ईमानदारी का दिखावा कर रहे हैं।
सीएम ने कहा कि जो सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश करेगा, उसका टिकट पहले से ही रिजर्व कर दिया जाएगा। पहले विकास के नाम पर ये लोग डी कंपनी को पालते थे, यानी दाउद कंपनी। हमारी सरकार ने ऐसे लोगों को जहन्नुम का टिकट दे दिया है। भाजपा की डबल इंजन सरकार 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। प्रदेश अब बीमारू राज्य से एक्सप्रेसवे वाले राज्य के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। आठ साल पहले लोग आजमगढ़ का नाम लेने से डरते थे, लेकिन अब यह विकास की मुख्यधारा में शामिल हो चुका है।
योगी ने कहा कि हर एक नागरिक, चाहे वह बेटी हो या व्यापारी, को सुरक्षा देने का प्रयास किया जा रहा है। सुरक्षा में सेंध लगाने वाले के लिए यमराज का टिकट भी उपलब्ध कराया जा रहा है। यह आवश्यक है कि जो दूसरों की सुरक्षा के लिए खतरा बने, उसके लिए पहले से ही एक टिकट रिजर्व कराया जाए।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने विरासत और विकास का एक अद्भुत समन्वय स्थापित किया है। महाकुंभ प्रयागराज, अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण, काशीकाशी विश्वनाथ धाम और मां विंध्यवासिनी धाम का विकास इसके उदाहरण हैं। हम उत्तर प्रदेश के इन्फ्रास्ट्रक्चर को इतना मजबूत बनाएंगे कि कोई भी उसे रोक नहीं सकेगा। 2017 से पहले केवल दो एयरपोर्ट थे, अब प्रदेश में 16 एयरपोर्ट हैं। हमारे युवा अब यूपी में ही नौकरी पाने की उम्मीद कर सकते हैं।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 91.35 किमी है। यह गोरखपुर के एनएच-27 पर जैतपुर के पास शुरू होकर आजमगढ़ के सलारपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से मिलता है। चार जिलों - गोरखपुर, संतकबीरनगर, अंबेडकरनगर और आजमगढ़ - में फैला यह पूर्णतः प्रवेश नियंत्रित एक्सप्रेसवे फोरलेन में निर्मित है और भविष्य में इसे सिक्सलेन तक विस्तारित किया जा सकता है। इस परियोजना पर भूमि अधिग्रहण सहित 7283.28 करोड़ रुपये की लागत आई है।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण दो पैकेज में विभाजित है - पहले पैकेज में गोरखपुर के जैतपुर से अंबेडकरनगर के फुलवरिया तक (48.317 किमी) और दूसरे पैकेज में फुलवरिया से आजमगढ़ के सलारपुर तक (43.035 किमी)। पहले पैकेज का निर्माण कार्यदायी संस्था के रूप में एपको इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड और दूसरे पैकेज का निर्माण दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड ने किया है।