15 अक्टूबर 2026
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मीरजापुर शिक्षक सम्मेलन में CM योगी का विपक्ष पर तीखा प्रहार: 'सैफई सिंडिकेट का था नौकरियों पर कब्जा'

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मीरजापुर शिक्षक सम्मेलन में CM योगी का विपक्ष पर तीखा प्रहार: 'सैफई सिंडिकेट का था नौकरियों पर कब्जा'

सारांश

मीरजापुर के शिक्षक सम्मेलन में CM योगी आदित्यनाथ ने सपा और कांग्रेस को शिक्षा विरोधी करार देते हुए 'सैफई सिंडिकेट' पर नौकरियाँ हड़पने का आरोप लगाया। साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियों का दावा करते हुए उन्होंने 15 लाख शिक्षकों को स्वास्थ्य बीमा और डेढ़ करोड़ तक सामाजिक सुरक्षा का ऐलान किया।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 15 अक्टूबर 2026 को मीरजापुर शिक्षक सम्मेलन में सपा और कांग्रेस को शिक्षा विरोधी बताया।
योगी ने आरोप लगाया कि सपा शासन में 'सैफई सिंडिकेट' की पसंद के लोगों को नौकरियाँ मिलती थीं; भर्ती प्रक्रिया अब निष्पक्ष और पारदर्शी की गई है।
भाजपा-एनडीए सरकार के साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियाँ और 65 लाख अन्य रोजगार देने का दावा।
15 लाख शिक्षकों को परिवार सहित प्रतिवर्ष ₹5 लाख स्वास्थ्य बीमा और दुर्घटना पर ₹40 लाख से ₹1.5 करोड़ सामाजिक सुरक्षा।
2 करोड़ युवाओं को टैबलेट देने की योजना में से 62 लाख को वितरण पूरा।
मीरजापुर मंडल में अब 2 मेडिकल कॉलेज और 2 विश्वविद्यालय ; सपा के चार कार्यकालों में एक भी नहीं था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 अक्टूबर 2026 को मीरजापुर में आयोजित शिक्षक सम्मेलन में समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दोनों दल शिक्षा विरोधी हैं और इन्हीं की नीतियों के कारण प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की दुर्दशा हुई। योगी ने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में नौकरियों पर 'सैफई सिंडिकेट' का एकाधिकार था।

विपक्ष पर शिक्षा-विरोधी होने का आरोप

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब शिक्षा में अव्यवस्था होती है तो सबसे पहले शिक्षकों का सम्मान प्रभावित होता है और स्नातक युवा हताश होकर पलायन पर मजबूर होते हैं। उन्होंने कहा कि सपा शासनकाल में विश्वविद्यालय नहीं खोले गए, महाविद्यालयों को मान्यता नहीं दी गई और चारों तरफ अराजकता का बोलबाला था। योगी के अनुसार, अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो रहा है, युवाओं को नौकरियाँ मिल रही हैं और शिक्षकों को सम्मान व सुरक्षा दोनों मिल रहे हैं।

सैफई सिंडिकेट और भर्ती भ्रष्टाचार के आरोप

सीएम योगी ने दावा किया कि सपा के कार्यकाल में अनिल यादव नामक व्यक्ति — जो कथित तौर पर सैफई परिवार के रिश्तेदार थे — को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया, हालाँकि वह उस पद के योग्य नहीं थे। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने कड़ी टिप्पणी करते हुए उन्हें पद से हटाया। योगी ने आरोप लगाया कि उस दौर में 'सैफई सिंडिकेट जिसे चाहता था, उसे नौकरी मिलती थी' और नौकरियों पर एक ही परिवार का कब्जा था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया है।

रोजगार और विकास के दावे

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा और एनडीए सरकार के साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है और 65 लाख लोगों को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना के तहत तीन करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर विकसित किए गए हैं। मीरजापुर मंडल के तीनों जनपदों — मीरजापुर, सोनभद्र और भदोही — में अब दो मेडिकल कॉलेज और दो विश्वविद्यालय संचालित हो रहे हैं, जबकि सपा के चार शासनकालों में यहाँ एक भी नहीं था।

शिक्षकों के लिए बीमा और सुरक्षा की घोषणाएँ

योगी ने कहा कि सरकार ने बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के स्ववित्तपोषित संस्थानों सहित 15 लाख शिक्षकों को उनके परिवार सहित प्रतिवर्ष ₹5 लाख का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया है। किसी दुर्घटना की स्थिति में ₹40 लाख से ₹1.5 करोड़ तक की सामाजिक सुरक्षा का प्रावधान किया गया है। 2 करोड़ युवाओं को टैबलेट देने की योजना है, जिसमें से 62 लाख युवाओं को टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं।

राज्यसभा चुनाव और पीडीए पर कटाक्ष

सीएम ने सपा पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी 'पीडीए-पीडीए' का नारा लगाती है, लेकिन जब राज्यसभा चुनाव आए तो अपने 'चचाजान' और मुंबई के एक धनी व्यक्ति को प्रत्याशी बना दिया। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत भाजपा ने आठ टिकट दिए — तीन सामान्य वर्ग, तीन पिछड़ा वर्ग और दो अनुसूचित जाति के प्रत्याशी — और सभी आठ जीते। गौरतलब है कि योगी का यह भाषण उत्तर प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव की तैयारियों के बीच आया है, जो राजनीतिक दृष्टि से इसे और अधिक महत्त्वपूर्ण बनाता है।

विंध्यवासिनी धाम और धार्मिक पर्यटन

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में मां विंध्यवासिनी धाम में भव्य कॉरिडोर का निर्माण पूरा हो चुका है और अब प्रतिदिन दो लाख श्रद्धालु यहाँ आते हैं। उन्होंने कहा कि यही धनराशि पहले माफिया को पालने और गरीबों की जमीनों पर कब्जे के लिए खर्च होती थी। मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग सेंटर के माध्यम से नीट, आईआईटी-जेईई, यूपीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जा रही है। आने वाले समय में शेष युवाओं को भी टैबलेट वितरित कर डिजिटल अभियान को और गति दी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक संदेश मानना होगा। 'सैफई सिंडिकेट' जैसे तीखे शब्द पिछड़े वर्गों के उस मतदाता को संबोधित करते हैं जिसे भाजपा अपने पाले में रखना चाहती है। हालाँकि साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियों का दावा सत्यापन की माँग करता है — क्योंकि सरकार की परिभाषा में अनुबंध, आउटसोर्स और अस्थायी पद भी शामिल हो सकते हैं। शिक्षकों के लिए बीमा घोषणा स्वागत योग्य है, लेकिन 15 लाख की संख्या में स्ववित्तपोषित संस्थानों के कितने शिक्षक वास्तव में लाभान्वित होंगे, यह स्पष्ट नहीं किया गया।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीरजापुर शिक्षक सम्मेलन में CM योगी ने क्या कहा?
CM योगी आदित्यनाथ ने 15 अक्टूबर 2026 को मीरजापुर में आयोजित शिक्षक सम्मेलन में सपा और कांग्रेस को शिक्षा विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि सपा शासनकाल में 'सैफई सिंडिकेट' के पसंदीदा लोगों को नौकरियाँ मिलती थीं और उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया है।
सैफई सिंडिकेट पर योगी का क्या आरोप है?
CM योगी ने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में सैफई परिवार के रिश्तेदार अनिल यादव को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया, जिन्हें उच्च न्यायालय ने अयोग्य करार देकर हटाया। योगी के अनुसार उस दौर में नौकरियों पर एक ही परिवार का कब्जा था।
उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के लिए क्या नई सुविधाएँ घोषित की गई हैं?
सरकार ने 15 लाख शिक्षकों को परिवार सहित प्रतिवर्ष ₹5 लाख का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया है। दुर्घटना की स्थिति में ₹40 लाख से ₹1.5 करोड़ तक की सामाजिक सुरक्षा का भी प्रावधान किया गया है।
मीरजापुर मंडल में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्या बदलाव आया है?
CM योगी के अनुसार, सपा के चार शासनकालों में मीरजापुर, सोनभद्र और भदोही में न कोई मेडिकल कॉलेज था और न कोई विश्वविद्यालय। अब मंडल में 2 मेडिकल कॉलेज और 2 विश्वविद्यालय सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।
UP में युवाओं के लिए टैबलेट योजना और मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की क्या स्थिति है?
2 करोड़ युवाओं को टैबलेट देने की योजना के तहत अब तक 62 लाख युवाओं को टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग सेंटर निःशुल्क हैं और नीट, आईआईटी-जेईई, यूपीएससी सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भौतिक और वर्चुअल दोनों माध्यमों से कराई जाती है।
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