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क्या कांग्रेस ने आरएसएस प्रमुख के जनसंख्या नीति के बयान की निंदा की?

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क्या कांग्रेस ने आरएसएस प्रमुख के जनसंख्या नीति के बयान की निंदा की?

सारांश

कांग्रेस के उपाध्यक्ष वी. गुरुनाधाम ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के तीन बच्चों की नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे आर्थिक दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता बताई, और सभी समुदायों के लिए समान जनसंख्या नीति की मांग की।

मुख्य बातें

आरएसएस का बयान जनसंख्या नीति पर विवादित है।
कांग्रेस ने इसे आर्थिक दृष्टिकोण से देखने की अपील की।
सभी समुदायों के लिए समान नीति की मांग की गई।
धर्मनिरपेक्षता की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
जनसंख्या नीति को अविश्वास पैदा करने के लिए नहीं उपयोग करना चाहिए।

विजयवाड़ा, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के उपाध्यक्ष वी. गुरुनाधाम ने शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान पर आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने हर परिवार में तीन बच्चों की आवश्यकता को बताया था।

गुरुनाधाम ने राष्ट्र प्रेस को बताया, "इस विचार पर गहराई से सोचने की आवश्यकता है, क्योंकि बच्चों की संख्या का निर्णय देश के आर्थिक हालात, आय स्तर, व्यय पैटर्न और उपलब्ध सुविधाओं पर निर्भर करता है। यदि यह मुद्दा आर्थिक विकास और बच्चों के कल्याण के संदर्भ में उठाया जाता है, तो कांग्रेस को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अगर यह हिंदुत्व एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए है, तो पार्टी इसकी कड़ी निंदा करती है।"

गुरुनाधाम ने कहा, "भारत ने स्वतंत्रता के बाद से जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए परिवार नियोजन के उपायों को अपनाया है। 1947 में भारत की जनसंख्या 30 करोड़ थी, जो अब बढ़कर 130 करोड़ हो चुकी है। आंध्र प्रदेश में पहले दो से अधिक बच्चों वाले लोग स्थानीय निकाय चुनाव नहीं लड़ सकते थे, लेकिन अब इस प्रतिबंध को हटा दिया गया है। चीन ने एक-बच्चा नीति को सख्ती से लागू किया था, क्योंकि उनकी अर्थव्यवस्था अधिक जनसंख्या की मांगों को पूरा नहीं कर पा रही थी।"

उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर आरोप लगाया कि वे जनसंख्या नीति को हिंदुत्व से जोड़कर सांप्रदायिक विभाजन को बढ़ावा दे रहे हैं। गुरुनाधाम ने कहा, "आरएसएस और भाजपा लंबे समय से यह दुष्प्रचार करते आ रहे हैं कि मुस्लिम आबादी तेजी से बढ़ रही है और वे हिंदुओं से अधिक होकर सरकार बना लेंगे। भागवत का तीन बच्चों वाला बयान इसी डर को फैलाने का प्रयास है, जो अस्वीकार्य है।"

कांग्रेस नेता ने मांग की कि जनसंख्या नीति सभी समुदायों, हिंदू, मुस्लिम, ईसाई या अन्य, पर समान रूप से लागू होनी चाहिए। गुरुनाधाम ने कहा, "परिवार के आकार का निर्णय आर्थिक वास्तविकताओं पर आधारित होना चाहिए, न कि धार्मिक आधार पर। केवल हिंदुओं को तीन बच्चे पैदा करने की सलाह देना और अन्य समुदायों को डेमोग्राफी खतरे के रूप में पेश करना सांप्रदायिकता को बढ़ावा देता है।"

उन्होंने कहा, "जनसंख्या नीति धर्मनिरपेक्ष और एकरूप होनी चाहिए, जिसका उपयोग समुदायों के बीच अविश्वास पैदा करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। सरकार को आर्थिक विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और सभी नागरिकों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की कोशिश करनी चाहिए।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि जनसंख्या नीति एक संवेदनशील मुद्दा है। यह आवश्यक है कि सभी समुदायों के लिए समान दृष्टिकोण अपनाया जाए ताकि सामाजिक समरसता बनी रहे।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरएसएस प्रमुख का बयान क्या था?
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने हर परिवार में तीन बच्चों की आवश्यकता की बात की थी।
कांग्रेस नेता ने इस पर क्या कहा?
कांग्रेस नेता वी. गुरुनाधाम ने इसे आर्थिक दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता बताई और सभी समुदायों के लिए समान जनसंख्या नीति की मांग की।
क्या जनसंख्या नीति धार्मिक आधार पर होनी चाहिए?
गुरुनाधाम ने कहा कि यह आर्थिक वास्तविकताओं पर आधारित होनी चाहिए, न कि धार्मिक आधार पर।
राष्ट्र प्रेस
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