कांग्रेस ने रायबरेली में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में किया प्रदर्शन, मुकदमा वापस लेने की मांग
सारांश
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रायबरेली, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस) — शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर राहुल गांधी के निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेसी नेताओं ने बुधवार को डीएम कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रयागराज के झूंसी में शंकराचार्य के खिलाफ दर्ज मुकदमे को वापस लेने की मांग की है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने योगी सरकार पर प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "झूंसी में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ पॉक्सो एक्ट का मुकदमा प्रतिशोध की भावना से दर्ज कराया गया है। शंकराचार्य ने जब से महाकुंभ में अव्यवस्थाओं के कारण लोगों की मौत और घायलों का मुद्दा उठाया है, तब से भाजपा सरकार इसका बदला ले रही है। इसके तहत माघ मेले में शंकराचार्य को स्नान करने से रोका गया। स्वामी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराना निंदनीय है।"
शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज श्रीवास्तव ने कहा, "स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ राज्य सरकार ने मुकदमा दर्ज कराया है। शंकराचार्य द्वारा राज्य सरकार की अव्यवस्थाओं के खिलाफ आवाज उठाने पर लाठीचार्ज किया गया। यूपी सरकार के मुखिया के निर्देश पर अब यह मुकदमा दर्ज कराया गया है। पूरी कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे शंकराचार्य के समर्थन में खड़े हैं।"
इससे पहले २३ फरवरी को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर कहा था, "जैसे रावण ने साधु का वेश लेकर मां सीता का अपहरण किया था, वैसे ही कथित धर्म के ठेकेदारों का भी पर्दाफाश होगा। हम निश्चित हैं। मामले की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस कर रही है, लेकिन हमारे लोगों को भरोसा नहीं है कि यह जांच निष्पक्ष होगी। अगर जांच दूसरे राज्य की पुलिस करे, जहां भाजपा की सरकार न हो, तभी मामले की सच्चाई सामने आएगी।"