शी चिनफिंग की अध्यक्षता में सीपीसी की बैठक, पार्टी के सख्त शासन पर गैर-पार्टी हस्तियों से मशविरा
सारांश
मुख्य बातें
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय कमेटी ने 21 अगस्त को बीजिंग के चुननानहाई में एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी आयोजित की, जिसमें चौतरफा तौर पर पार्टी के सख्त शासन को निरंतर आगे बढ़ाने से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर गैर-पार्टी हस्तियों की राय ली गई। सीपीसी केंद्रीय कमेटी के महासचिव शी चिनफिंग ने इस संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए एक महत्वपूर्ण भाषण दिया।
संगोष्ठी में किनकी भागीदारी रही
इस बैठक में विभिन्न लोकतांत्रिक पार्टियों की केंद्रीय समितियों, अखिल चीन उद्योग व वाणिज्य संघ के जिम्मेदार पदाधिकारियों और गैर-पार्टी व्यक्तियों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। बैठक का उद्देश्य सीपीसी केंद्रीय कमेटी के उन फैसलों पर व्यापक विचार-विमर्श करना था, जो चौतरफा पार्टी-शासन को और अधिक सुदृढ़ करने से संबंधित हैं।
शी चिनफिंग ने प्रतिनिधियों के विचार ध्यानपूर्वक सुनने के बाद कहा, 'सीपीसी केंद्रीय कमेटी द्वारा पार्टी के महत्वपूर्ण दस्तावेजों और राष्ट्रीय नीतियों पर विभिन्न लोकतांत्रिक पार्टियों, अखिल चीन उद्योग व वाणिज्य संघ और गैर-पार्टी हस्तियों के प्रतिनिधियों की राय सुनना समग्र लोकतांत्रिक प्रक्रिया, खासकर समाजवादी सलाह-मशविरा लोकतंत्र का अहम प्रतिबिंब है।'
शी चिनफिंग के भाषण के मुख्य बिंदु
शी चिनफिंग ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि देश का शासन करने के लिए पहले पार्टी का शासन करना आवश्यक है और राष्ट्र को सशक्त बनाने से पहले पार्टी को सशक्त बनाना होगा। उन्होंने कहा कि शासन जितना लंबे समय तक चलता है, शांति का काल उतना ही दीर्घ होता है — परंतु इसके साथ ही परिस्थितियाँ भी उतनी ही जटिल होती जाती हैं।
उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि शांतिकाल में भी संभावित जोखिमों और खतरों के प्रति सतर्कता अनिवार्य है। शी के अनुसार, सीपीसी को हमेशा चीनी विशेषताओं वाले समाजवाद के सुदृढ़ नेतृत्वकारी केंद्र के रूप में अपनी भूमिका बनाए रखनी चाहिए।
पार्टी-शासन सुधार पर जोर
शी चिनफिंग ने रेखांकित किया कि चीन के मामलों को सुचारू रूप से संभालने के लिए सीपीसी का हर तरह से सख्त शासन अपरिहार्य है। उन्होंने कहा कि पार्टी में उभरने वाले सवालों के समाधान पर लगातार जोर देना होगा और इसके लिए पहले सीपीसी की अपनी आंतरिक ताकत पर निर्भर रहना होगा।
इसके अतिरिक्त उन्होंने जनता के समर्थन और सार्वजनिक जाँच को स्वीकार करने को भी महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि पार्टी के सख्त शासन को निरंतर बेहतर बनाने के लिए एक मज़बूत सामूहिक शक्ति विकसित करनी होगी, ताकि लोगों की मंज़ूरी और समर्थन सुनिश्चित हो सके।
समाजवादी सलाह-मशविरा लोकतंत्र की अहमियत
गौरतलब है कि यह संगोष्ठी चीन की उस परंपरागत राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें प्रमुख नीतिगत फैसलों से पहले गैर-पार्टी हस्तियों और विभिन्न संगठनों से परामर्श लिया जाता है। चीन इसे 'समाजवादी सलाह-मशविरा लोकतंत्र' का व्यावहारिक स्वरूप बताता है। यह ऐसे समय में आया है जब सीपीसी अपने आंतरिक अनुशासन और भ्रष्टाचार-निरोधी अभियान को और धार देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
आने वाले समय में इन परामर्शों के आधार पर सीपीसी केंद्रीय कमेटी के औपचारिक दस्तावेज और नीतिगत निर्देश जारी किए जाने की संभावना है।