शी चिनफिंग की अध्यक्षता में CPC की बैठक: चीन की आर्थिक चुनौतियों पर गैर-पार्टी हस्तियों से मंत्रणा
सारांश
मुख्य बातें
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) की केंद्रीय कमेटी ने 24 जुलाई को बीजिंग में एक महत्वपूर्ण परामर्श बैठक आयोजित की, जिसमें विभिन्न लोकतांत्रिक पार्टियों की केंद्रीय समितियों, राष्ट्रीय उद्योग व वाणिज्य संघ के प्रमुखों और पार्टी-रहित प्रतिनिधियों से वर्तमान आर्थिक स्थिति तथा वर्ष के उत्तरार्द्ध के लिए आर्थिक रणनीति पर राय और सुझाव लिए गए। CPC केंद्रीय कमेटी के महासचिव शी चिनफिंग ने इस बैठक की अध्यक्षता की और एक महत्वपूर्ण संबोधन दिया।
बैठक की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
यह बैठक ऐसे समय में बुलाई गई जब चीनी अर्थव्यवस्था बाहरी दबावों — विशेषकर वैश्विक व्यापार तनाव और घरेलू माँग में सुस्ती — से जूझ रही है। गौरतलब है कि CPC अपनी नीति-निर्माण प्रक्रिया में गैर-पार्टी हस्तियों को शामिल करने की परंपरा रखती है, जिसे 'बहु-दलीय सहयोग' का चीनी मॉडल कहा जाता है। यह परामर्श प्रक्रिया वर्ष के उत्तरार्द्ध की आर्थिक प्राथमिकताएँ तय करने से पहले आयोजित की गई।
शी चिनफिंग का आर्थिक आकलन
शी चिनफिंग ने बैठक में कहा कि वर्ष के पूर्वार्द्ध में CPC केंद्रीय कमेटी के नेतृत्व में विभिन्न क्षेत्रों और विभागों ने देश-विदेश की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया। उन्होंने कहा कि चीनी अर्थव्यवस्था ने दबाव के बावजूद नवीन और बेहतर दिशा में प्रगति की तथा 'शक्तिशाली लचीलापन और जीवंत शक्ति' का प्रदर्शन किया।
हालाँकि, शी ने यह भी स्वीकार किया कि वर्तमान में चीनी आर्थिक संचालन कुछ कठिनाइयों का सामना कर रहा है। उन्होंने देश को विश्वास बनाए रखने और गुणवत्तापूर्ण विकास की राह पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उत्तरार्द्ध के लिए आर्थिक प्राथमिकताएँ
शी चिनफिंग ने वर्ष के दूसरे हिस्से के लिए छह प्रमुख प्राथमिकताएँ गिनाईं:
पहली, समग्र नीतियों का प्रभाव मजबूत करते हुए घरेलू माँग की संभावना को साकार करना। दूसरी, वैज्ञानिक व प्रौद्योगिकी सृजन तथा व्यावसायिक सृजन के गहरे मिश्रण को बढ़ावा देना। तीसरी, चौतरफा सुधार को गहरा करना। चौथी, उच्च स्तरीय खुलेपन का विस्तार करना। पाँचवीं, जनजीवन में सुधार लाना। और छठी, महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जोखिमों का निरंतर निवारण करना।
व्यापक संदर्भ और महत्व
यह बैठक ऐसे समय में हुई जब चीन अमेरिका के साथ व्यापार विवाद और रियल एस्टेट क्षेत्र में दीर्घकालिक संकट जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। आलोचकों का कहना है कि घरेलू माँग को पुनर्जीवित करना चीन की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए, क्योंकि उपभोक्ता खर्च अभी भी अपेक्षित स्तर से नीचे है। गैर-पार्टी प्रतिनिधियों से परामर्श की यह प्रक्रिया चीन में नीति-निर्माण की एक स्थापित परंपरा है, जो व्यापक सामाजिक सहमति बनाने का प्रयास करती है।
आगे क्या होगा
बैठक में लिए गए सुझावों के आधार पर CPC केंद्रीय कमेटी वर्ष के उत्तरार्द्ध की आर्थिक नीतियों को अंतिम रूप देगी। विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू माँग को बढ़ावा देने और प्रौद्योगिकी-आधारित विकास पर जोर देने वाले उपायों की घोषणा निकट भविष्य में संभव है।