दलेर मेहंदी पर आरोपों पर भड़कीं कुनिका सदानंद, बोलीं — 'ज़्यादातर नेताओं में सभ्यता नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने 22 अक्टूबर 2026 को मुंबई में आयोजित पीटीसी पंजाबी फिल्म पुरस्कार समारोह में शिरकत के दौरान पंजाबी गायक दलेर मेहंदी पर लगाए गए आरोपों की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि एक स्थापित कलाकार के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में उचित नहीं है और इसके लिए उन्होंने सीधे तौर पर राजनेताओं को ज़िम्मेदार ठहराया।
पीटीसी पुरस्कार और पंजाब इंडस्ट्री पर विचार
कुनिका सदानंद ने बताया कि वे पहली बार पीटीसी अवार्ड्स में शामिल हुई हैं और यह भी संभवतः पहली बार है जब यह समारोह मुंबई में आयोजित किया गया। उन्होंने पंजाब फिल्म इंडस्ट्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह एक महत्वपूर्ण और तेज़ी से बढ़ता उद्योग है जहाँ बेहतरीन कहानियाँ और दिलचस्प विषय पर्दे पर उतारे जाते हैं।
अभिनेत्री ने यह भी कहा कि पंजाबी फिल्मों का बजट लगातार बढ़ रहा है और अब ये फिल्में कनाडा, लंदन सहित दुनिया के विभिन्न हिस्सों में शूट की जाती हैं। उन्होंने इंडस्ट्री को भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।
दलेर मेहंदी पर आरोप और कुनिका की तीखी प्रतिक्रिया
कुनिका सदानंद ने कहा कि कॉन्सर्ट के दौरान दलेर मेहंदी के साथ जो अभद्र व्यवहार किया गया और जो आरोप लगाए गए कि वे शराब पीकर गा रहे थे — यह पूरी तरह से निंदनीय है। उन्होंने कहा, 'मैं हमेशा से कहती हूँ कि ज़्यादातर राजनेताओं के पास सभ्यता नहीं है।'
उन्होंने आगे कहा कि दलेर मेहंदी की पहचान, उनका करियर और उनकी आवाज़ — ये सब उन राजनेताओं के 'नाखून के बराबर भी नहीं' जो उनके साथ इस तरह से पेश आए। अभिनेत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने सुना है कि दलेर मेहंदी बिल्कुल भी शराब नहीं पीते, ऐसे में उन पर लगाया गया यह लांछन निराधार और अपमानजनक है।
₹35 लाख के आरोप पर कुनिका का जवाब
कुनिका सदानंद ने ₹35 लाख लेकर सही प्रदर्शन न करने के आरोप पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पैसे देने का मतलब यह नहीं कि आपने किसी को खरीद लिया — 'आपने पैसे दिए हैं, लेकिन इससे आपको बदतमीजी का कोई अधिकार नहीं मिलता।' गौरतलब है कि यह विवाद कथित तौर पर एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान एक राजनेता द्वारा मेहंदी से की गई नोकझोंक से शुरू हुआ था।
दिलजीत दोसांझ का कॉन्सर्ट रद्द होने पर प्रतिक्रिया
अभिनेत्री ने दिलजीत दोसांझ के दिल्ली कॉन्सर्ट के सुरक्षा कारणों से रद्द होने पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि देश में सेलिब्रिटीज़ पर लगातार हमले होने की घटनाएँ चिंताजनक हैं और अगर सरकार ने सुरक्षा के मद्देनज़र कॉन्सर्ट रद्द किया है, तो यह कानून-व्यवस्था को लेकर उसकी विफलता दर्शाता है।
यह ऐसे समय में आया है जब मनोरंजन जगत और राजनीति के बीच तनाव का माहौल देखने को मिल रहा है। कुनिका सदानंद की यह टिप्पणी कलाकारों के सम्मान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर एक व्यापक बहस को नई दिशा दे सकती है।